NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
भारत
मुज़फ़्फ़रनगर: 14 साल की दलित बच्ची का बलात्कार-हत्या
"लड़की के पैरों पर ज़ख्म थे और उसकी एड़ियों पर रस्सी के निशान थे। ये एक दर्दनाक घटना है। वो सिर्फ़ 14 साल की थी। कोई किसी बच्ची के साथ ऐसा कैसे कर सकता है!" 
रवि कौशल
29 May 2019
rape case

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को कथित तौर पर 14 साल की दलित लड़की का बलात्कार करने के जुर्म में सात लोगों के ख़िलाफ़ गैंंगरेप, हत्या और अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण विधेयक के तहत एफ़आईआर दर्ज की है। लड़की का शव जली हुई अवस्था में एक ईंट के भट्टे के पास खेतों में मिला जहाँ उसका परिवार काम करता है। 

पुलिस को दिये बयान में लड़की के पिता ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि घटना तब हुई जब वो और उनकी पत्नी दवाई ख़रीदने गए हुए थे। उन्हें बताया गया कि आरोपियों ने उनकी बेटी को आग में जला दिया जिसके बाद उसकी मौत हो गई। उन्होंने आगे बताया कि वो ईंट के भट्टे पर काम करते हैं और अपनी पत्नी के पास अपने गाँव बदई कलाँ गए थे। लड़की अंदर कमरे में सो रही थी, और बाहर उसका भाई सो रहा था। 

भीम आर्मी के विधानसभा क्षेत्र इनचार्ज अजय पालीवाल ने न्यूज़क्लिक को बताया कि उन्हें पता चला कि जाट नंगला के पास ईंट के भट्टे पर एक दलित लड़की का बलात्कार हुआ है। उन्होंने कहा, "हमें पता चला कि लड़की का पहले बलात्कार किया गया, फिर एक झाड़ी में उसे जला कर वापस घर लाया गया। जब हम घटनास्थल पर पहुँचे तो देखा कि उसका शव जला हुआ था। घटना की नज़ाकत को देखते हुए हमने तुरंत पुलिस को फ़ोन किया। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन कार्रवाई करने में दिलचस्प नहीं लग रही है।" 

उन्होंने आगे कहा, "लड़की के पैरों पर ज़ख्म थे और उसकी एड़ियों पर रस्सी के निशान थे। ये एक दर्दनाक घटना है। वो सिर्फ़ 14 साल की थी। कोई किसी बच्ची के साथ ऐसा कैसे कर सकता है!" 

गाँव के एक निवासी जिन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखने की मांग की है बताया कि परिवार को ईंट भट्टे के मालिक की तरफ़ से केस वापस लेने के लिए ज़ोर डाला जा रहा है। 

घटना पर टिप्पणी करते हुए डीएसपी हरीश भदौरिया ने न्यूज़क्लिक से कहा, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच से पता चला है कि लड़की की मौत दम घुटने और जलने से हुई है। हमने अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया है। परिवार ने पहले बलात्कार की कोई जानकारी नहीं दी थी, अब वे अपना बयान बदल रहे हैं। लड़की के पिता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किया जाएगा।" 

 

Muzaffarnagar rape case
Atrocities on Dalits in Uttar Pradesh
SC ST Prevention of Atrocities Act

Related Stories


बाकी खबरें

  • sc
    भाषा
    वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने संबंधी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा उच्चतम न्यायालय
    23 Aug 2021
    “वकीलों का दर्जा निर्दिष्ट समिति द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर तय होना चाहिए और मतदान का सहारा केवल तब लिया जाना चाहिए जब कोई और रास्ता न हो। उच्च न्यायालय मतदान एक अपवाद के रूप में नहीं बल्कि एक…
  • सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी विचारों के ख़िलाफ़ खड़े होने का समय: विजयन
    भाषा
    सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी विचारों के ख़िलाफ़ खड़े होने का समय: विजयन
    23 Aug 2021
    समाज सुधारक एवं धार्मिक नेता श्री नारायण गुरू की 167वीं जयंती के अवसर पर फेसबुक पर एक पोस्ट में विजयन ने लिखा, ‘‘यह समय भाईचारा और समानता को कमजोर करने वाली सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी…
  • तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?
    बी. सिवरामन
    तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?
    23 Aug 2021
    हाल ही में लाए गए सिनेमैटोग्राफ़ संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में दो ध्रुवों पर खड़े कमल हासन और सूर्या एक साथ आ गए, इस घटना ने तमिल फिल्म जगत में चेतना की एक लहर दौड़ा दी है।
  • "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" विकसित करने का कर्तव्य
    प्रशांत पद्मनाभन
    "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" विकसित करने का कर्तव्य
    23 Aug 2021
    तर्कवादी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की 8वीं पुण्यतिथि के बाद प्रशांत पद्मनाभन ने उनकी विरासत को याद करते हुए लिखा है कि "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" क्या होती है और कैसे इसका विकास किया जा सकता है।
  • Kalyan Singh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    पिछड़ों के सांप्रदायीकरण की योजना और दुविधा के प्रतीक थे कल्याण सिंह
    23 Aug 2021
    वास्तव में कल्याण सिंह पिछड़ा वर्ग की उस दुविधा के प्रतीक थे जिसके तहत कभी वह जाति के अपमान से छूटने और सत्ता पाने के लिए सांप्रदायिक होने को तैयार हो जाता है तो कभी हिंदुत्व की ब्राह्मणवादी योजना से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License