NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मुज़फ्फरनगर-शामली में भगत सिंह ने जलाई क़ौमी एकता की मशाल
पारिजात
30 Sep 2014
भगत सिंह के जन्म दिवस पर निवासियों ने अनेक तरीकों  से दिया शान्ति का सन्देश 
 
                                                                 
चित्र १: बबिसा गाँव की जन सभा
चित्र २: गाँव गाँव में जली एकता की मशाल                                                                                                                                                                           
 

मुज़फ्फरनगर और शामली जिले के गाँव जो साल-भर पहले सांप्रदायिक हिंसा की आग से झुलस रहे थे. हजारों मुस्लिम परिवार बेघर हुए, सैकड़ों हताहत हुए, सदियों पुराना भाईचारा तार-तार हुआ. आज भी वे ज़ख्म भरे नहीं हैं. लेकिन साल-भर बाद भगत सिंह के जन्म दिवस पर इलाके के कुछ गाँवों में एक अलग ही तस्वीर नज़र आई. शहीद भगत सिंह पुस्तकालय और नौजवान भारत सभा के बैनर तले केरटू गाँव के स्कूलों और मदरसे के बच्चे एक साथ मिलकर प्रभातफेरी में शामिल हुए. उन बच्चों के साथ गाँव के नौजवान और बूढ़े-बुज़ुर्ग भी नारा लगा रहे हैं -- भगत सिंह तुम ज़िंदा हो, हम सब के अरमानों में. भगत सिंह तुम ज़िंदा हो, खेतों में खलियानों में. यह वही इलाका है जहां साल-भर पहले फिरकापरस्ती और नफरत की ज़हरीली हवा बहाई गयी थी, दिलों के बीच दीवार खींची गयी थी. दंगे खत्म हुए, दंगाई दृश्य से ओझल हुए. और हिंदू-मुस्लिम जनता अपनी तमाम मुश्किलों के साथ आज भी रलमिल कर रह रही है. एक साथ जीना यहाँ की रवायत है ज़बकि फूटपरस्ती सियासी साजिश. प्रभातफेरी में यह नारा भी गूंज रहा था -- दाढ़ी का न चोटी का, झगड़ा तो है रोटी का.

प्रभात फेरी के बाद सभा का अयोज़न किया गया था. सभा में विचार व्यक्त करते हुए गाँववासियों ने भगत सिंह और उनके विचारों की रौशनी में सांप्रदायिक नफरत और भेदभाव की जड़ों को जानने, मेहनतकश जनता के जीवन  की असली समस्याओं और उनके समाधान पर गम्भीर चर्चा की. बुज़ुर्ग शिक्षक राजवीर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सांप्रदायिक दंगों से जनता का भारी नुकसान हुआ है. जानता की भलाई एकता में ही है. शहीदों को श्रधान्ज़ली अर्पित करते हुए मदरसे के छात्र मुहम्मद आरिफ ने राम प्रसाद बिस्मिल की गज़ल “उरूजे कामयाबी पर कभी हिन्दोस्तां होगा, रिहा सैय्याद के हाथों से अपना आशियाँ होगा” पेश की.

डिस्क्लेमर:- उपर्युक्त लेख मे व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं, और आवश्यक तौर पर न्यूज़क्लिक के विचारो को नहीं दर्शाते ।

 

                                                                                                                              

मुजफ्फरनगर दंगे
सांप्रदायिकता
भाजपा
आरएसएस
भगत सिंह
भारत नौजवान सभा
सांप्रदायिक ताकतें

Related Stories

“हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली...”

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

“हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली...”

बढ़ते हुए वैश्विक संप्रदायवाद का मुकाबला ज़रुरी

यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला, आप फिर उल्लू बने

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

एमरजेंसी काल: लामबंदी की जगह हथियार डाल दिये आरएसएस ने


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License