NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
मुंबई पानी-पानी तो दिल्ली में सूखा!
दिल्ली जून में सबसे कम बारिश होने वाला ‘‘प्रदेश’’ बन गया है, जहां सामान्य से 90 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दिल्ली में अगले तीन से चार दिनों में कुछ बारिश हो सकती है। मानसून 4-5 जुलाई को आने की संभावना है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Jul 2019
india gate, delhi
Image Courtesy: Lokmat News Hindi

मुंबई पानी-पानी है तो दिल्ली बारिश को तरस रही है। पिछले 26 वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी दूसरी बार जून में भयंकर सूखे की स्थिति से गुजर रही है। यहां जून महीने में महज 6.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह जून में सबसे कम बारिश होने वाला ‘‘प्रदेश’’ भी है, जहां सामान्य से 90 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

शहर में औसतन जून में 64.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज होती है। इस बार यहां महज 6.6 मिलीमीटर बारिश हुई जो देश का सबसे सूखा ‘‘प्रदेश’’ है।

आईएमडी के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में 1993 में बहुत कम बारिश दर्ज की गई थी। उस समय केवल पांच मिलीमीटर बारिश हुई थी।

उन्होंने बताया कि 82 प्रतिशत कम बारिश के साथ चंडीगढ़ जून में दूसरा सबसे सूखा ‘‘प्रदेश’’ बना हुआ है। एक जून और एक जुलाई के बीच होने वाली औसतन बारिश 137 मिलीमीटर की तुलना में यहां केवल 24.8 मिलीमीटर बारिश हुई।

दिल्ली ही नहीं दिल्ली आसपास यानी एनसीआर का भी यही हाल है। बारिश न होने से हर कोई बेहाल है। 

आईएमडी में वरिष्ठ वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘मानसून में देरी प्राथमिक कारण है। आमतौर पर, मानसूनी हवाएं 29 जून तक शहर में पहुंच जाती है। अगर यह समय पर आतीं, तो बारिश की कमी को पूरा कर सकती थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज, पूर्वी हवाएं चल रही हैं और दिल्ली में अगले तीन से चार दिनों में कुछ बारिश हो सकती है। मानसून 4-5 जुलाई को आने की संभावना है।’’

(भाषा के इनपुट के साथ)

Delhi
drought
rain
Mumbai Rains
june
no rain
mansoon
मानसून

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

दिल्ली: केंद्र प्रशासनिक सेवा विवाद : न्यायालय ने मामला पांच सदस्यीय पीठ को सौंपा


बाकी खबरें

  • ghazipur
    भाषा
    गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया
    30 Mar 2022
    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो दिन पहले गाजीपुर लैंडफिल साइट (कूड़ा एकत्र करने वाले स्थान) पर भीषण आगजनी के लिये बुधवार को डीपीसीसी को ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और घटना के…
  • paper leak
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित
    30 Mar 2022
    सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर परीक्षा का प्रश्न पत्र और हल किया गया पत्र वायरल हो गया था और बाजार में 500 रुपए में हल किया गया पत्र बिकने की सूचना मिली थी।
  • potato
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर आलू किसान
    30 Mar 2022
    पटनाः बिहार के कटिहार जिले के किसान राजेंद्र मंडल, नौशाद अली, मनोज सिंह, अब्दुल रहमान और संजय यादव इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने के बावजूद परेशान हैं और चिंतित हैं। जि
  • east west
    शारिब अहमद खान
    रूस और यूक्रेन युद्ध: पश्चिमी और गैर पश्चिमी देशों के बीच “सभ्य-असभ्य” की बहस
    30 Mar 2022
    “किसी भी अत्याचार की शुरुआत अमानवीयकरण जैसे शब्दों के इस्तेमाल से शुरू होती है। पश्चिमी देशों द्वारा जिन मध्य-पूर्वी देशों के तानाशाहों को सुधारवादी कहा गया, उन्होंने लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बरबाद…
  • Parliament
    सत्यम श्रीवास्तव
    17वीं लोकसभा की दो सालों की उपलब्धियां: एक भ्रामक दस्तावेज़
    30 Mar 2022
    हमें यह भी महसूस होता है कि संसदीय लोकतंत्र के चुनिंदा आंकड़ों के बेहतर होने के बावजूद समग्रता में लोकतंत्र कमजोर हो सकता है। यह हमें संसदीय या निर्वाचन पर आधारित लोकतंत्र और सांवैधानिक लोकतंत्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License