NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गर्भपात संशोधन विधेयक को दी मंज़ूरी
विधेयक में गर्भपात कराने की सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रावधान किया गया है और इसे संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा।
भाषा
29 Jan 2020
Image courtsey : social media

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चिकित्सा गर्भपात संशोधन विधेयक 2020 को बुधवार को मंजूरी दे दी। विधेयक में गर्भपात कराने की सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रावधान किया गया है और इसे संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि इस उद्देश्य के लिये गर्भपात अधिनियम (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट) 1971 में संशोधन किया जायेगा । इसके लिये संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जायेगा। वहीं, सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, गर्भावस्था के 20 सप्ताह तक गर्भपात कराने के लिए एक चिकित्सक की राय लेने की जरूरत का प्रस्ताव किया गया है जबकि गर्भावस्था के 20 से 24 सप्ताह तक गर्भपात कराने के लिए दो चिकित्सकों की राय लेना जरूरी होगा। विशेष तरह की महिलाओं के गर्भपात के लिए गर्भावस्था की सीमा 20 से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रस्ताव है। ऐसी महिलाओं को एमटीपी नियमों में संशोधन के जरिए परिभाषित किया जाएगा।

इनमें दुष्कर्म पीड़ित, सगे-संबंधियों के साथ यौन संपर्क की पीड़ित और अन्य महिलाएं (दिव्यांग महिलाएं, नाबालिग) भी शामिल होंगी। जावड़ेकर ने कहा कि 20 सप्ताह में गर्भपात कराने पर मां की जान जाने के कई मामले सामने आए हैं, 24 सप्ताह में गर्भपात कराना सुरक्षित होगा। गर्भपात कराने की सीमा 24 सप्ताह करने पर कहा कि इस कदम से बलात्कार पीड़िताओं और नाबालिगों को मदद मिलेगी। विज्ञप्ति के अनुसार, मेडिकल बोर्ड की जांच में मिली भ्रूण संबंधी विषमताओं के मामले में गर्भावस्था की ऊपरी सीमा लागू नहीं होगी । मेडिकल बोर्ड के संगठक, कार्य और अन्य विवरण कानून के नियमों के तहत निर्धारित किए जाएंगे।

इसमें कहा गया है कि जिस महिला का गर्भपात कराया जाना है उनका नाम और अन्य जानकारियां उस वक्त कानून के तहत निर्धारित किसी खास व्यक्ति के अलावा किसी और को नहीं दी जाएंगी। महिलाओं के लिए उपचारात्मक, मानवीय या सामाजिक आधार पर सुरक्षित और वैध गर्भपात सेवाओं का विस्तार करने के लिए गर्भपात (संशोधन) विधेयक, 2020 लाया जा रहा है।

प्रस्तावित संशोधन में कुछ उप-धाराओं का स्थानापन्न करना, मौजूदा गर्भपात कानून, 1971 में निश्चित शर्तों के साथ गर्भपात के लिए गर्भावस्था की ऊपरी सीमा बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ धाराओं के तहत नए अनुच्छेद जोड़ना और सुरक्षित गर्भपात की सेवा एवं गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता किए बग़ैर कड़ी शर्तों के साथ समग्र गर्भपात देखभाल को पहले से और अधिक सख़्ती से लागू करना है।

सरकार का कहना है कि यह महिलाओं की सुरक्षा और सेहत की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है और इससे बहुत महिलाओं को लाभ मिलेगा। हाल के दिनों में अदालतों में कई याचिकाएं दी गईं जिनमें भ्रूण संबंधी विषमताओं या महिलाओं के साथ यौन हिंसा की वजह से गर्भधारण के आधार पर मौजूदा स्वीकृत सीमा से अधिक गर्भावस्था की अवधि पर गर्भपात कराने की अनुमति मांगी गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात सेवाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न हितधारकों और मंत्रालयों के साथ वृहद विचार-विमर्श के बाद गर्भपात कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया है।

Pregnancy termination bill
modi cabinet
legal abortion
Prakash Javadekar

Related Stories

दिल्ली में कोरोना संकट के बीच बढ़ा वायु प्रदूषण, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू


बाकी खबरें

  • उत्तर प्रदेश: फ़ीस जमा न कर पाने के लिए विद्यालय ने छात्रा को अपमानित किया, रोते-रोते हुई मौत
    असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश: फ़ीस जमा न कर पाने के लिए विद्यालय ने छात्रा को अपमानित किया, रोते-रोते हुई मौत
    12 Aug 2021
    फ़ीस माफ़ी का प्रार्थना-पत्र लेकर जब छात्रा स्कूल गई, तो प्रिंसिपल सत्येंद्र शुक्ला ने उसे अपमानित किया और तिमाही परीक्षा में बैठने से भी मना कर दिया। इस से आहत होकर छात्रा रोते हुए घर लौटी, जहां आकर…
  • देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 
    12 Aug 2021
    प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि लगभग 17 महीनों के लंबे समय से सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। जिसका सीधा प्रभाव प्राइमरी से लेकर विश्विद्यालय, कोचिंग सस्थानो में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है.…
  • क्या वेबसाइट पर 'आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों' का ब्यौरा दर्ज कर राजनीति का अपराधीकरण खत्म हो जाएगा?
    अजय कुमार
    क्या वेबसाइट पर 'आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों' का ब्यौरा दर्ज कर राजनीति का अपराधीकरण खत्म हो जाएगा?
    12 Aug 2021
    जस्टिस आर एस नरीमन और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट पर 'आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार' नाम से कॉलम बनाना होगा। कोर्ट ने चुनाव आयोग को एक ऐसे मोबाइल…
  • देश में दलितों पर हर चौथा अपराध उत्तर प्रदेश में होता है
    राज कुमार
    देश में दलितों पर हर चौथा अपराध उत्तर प्रदेश में होता है
    12 Aug 2021
    उत्तर प्रदेश में वर्ष 2019 में 6,28,578 आपराधिक मामले दर्ज़ किये गये। वर्ष 2017 में ये आंकड़ा 3,10,084 था। यानि अपराध के मामलों में कमी नहीं बल्कि दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। जबकि योगी सरकार दावा कर रही…
  • राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी दलों का बड़ा आरोप- संसद में चर्चा नहीं होने दे रही सरकार 
    न्यूज़क्लिक टीम
    राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी दलों का बड़ा आरोप- संसद में चर्चा नहीं होने दे रही सरकार 
    12 Aug 2021
    विपक्ष ने सरकार पर चर्चा कराने की मांग नहीं मानने का आरोप लगाया है और कहा है कि वह पेगासस मामले पर चर्चा करने से भाग रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License