NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम केस: दिल्ली की अदालत ने ब्रजेश ठाकुर समेत 19 को दोषी ठहराया
अदालत ने ब्रजेश ठाकुर को पॉक्सो कानून के तहत गुरुतर लैंगिक हमला और सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया। आरोपियों में 12 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थीं। सज़ा का ऐलान 28 जनवरी को किया जाएगा।
भाषा
20 Jan 2020
brajesh thakur
Image courtesy: India Today

दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम (आश्रय गृह) मामले में ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य को कई लड़कियों के यौन शोषण एवं शारीरिक उत्पीड़न का दोषी करार दिया है। सज़ा का ऐलान 28 जनवरी को किया जाएगा।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने ठाकुर को पॉक्सो कानून के तहत गुरुतर लैंगिक हमला और सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया।

अदालत ने मामले के एक आरोपी को बरी कर दिया। आरोपियों में 12 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थीं। 

आश्रय गृह ब्रजेश ठाकुर द्वारा चलाया जा रहा था। गौरतलब है कि ठाकुर ने वर्ष 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपुल्स पार्टी (बिपीपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था।

अदालत ने इस मामले में दोषियों को सुनाई जाने वाली सज़ा पर दलीलों को सुनने के लिए 28 जनवरी की तारीख तय की है।

अदालत ने 30 मार्च, 2019 को ठाकुर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और नाबालिगों के यौन शोषण का आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप तय किए थे। अदालत ने बलात्कार, यौन उत्पीड़न, नाबालिगों को नशा देने, आपराधिक धमकी समेत अन्य अपराधों के लिए मुकदमा चलाया था।

ब्रजेश ठाकुर और उसके आश्रय गृह के कर्मचारियों के साथ ही बिहार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने, ड्यूटी में लापरवाही और लड़कियों के उत्पीड़न की जानकारी देने में विफल रहने के आरोप तय किए गए थे।

इन आरोपों में अधिकारियों के प्राधिकार में रहने के दौरान बच्चों पर क्रूरता के आरोप भी शामिल थे जो किशोर न्याय कानून के तहत दंडनीय है।
अदालत ने सीबीआई के वकील और मामले के 20 आरोपियों की अंतिम दलीलों के बाद 30 सितंबर, 2019 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में बिहार की समाज कल्याण मंत्री और तत्कालीन जद (यू) नेता मंजू वर्मा को भी आलोचना का शिकार होना पड़ा था जब उनके पति के ठाकुर के साथ संबंध होने के आरोप सामने आए थे।

मंजू वर्मा ने आठ अगस्त, 2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इस मामले को सात फरवरी, 2019 को बिहार के मुजफ्फरपुर की स्थानीय अदालत से दिल्ली के साकेत जिला अदालत परिसर की पॉक्सो अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।

यह मामला टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) द्वारा 26 मई, 2018 को बिहार सरकार को एक रिपोर्ट सौंपने के बाद सामने आया था। इस रिपोर्ट में किसी आश्रय गृह में पहली बार नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ था।

Brajesh Thakur
muzzafarpur shelter home
Convicted 19
rape case
women exploitation
crimes against women
violence against women

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 18 हजार से ज्यादा नए मामले
    21 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.52 फ़ीसदी यानी 1 लाख 78 हज़ार 831 हो गयी है।
  • fab india
    सबरंग इंडिया
    जश्न-ए-ट्रोलिंग: भक्तों के लिए त्योहारी सीजन का क्या मतलब है?
    21 Oct 2021
    तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व में ट्रोल्स ने सुनिश्चित किया कि परिधान की दिग्गज कंपनी फैबइंडिया को अपना मौसमी विज्ञापन हटाना पड़ा
  • पूर्ण राज्य की वापसी के साथ कश्मीर में राजनीतिक पहल की जरूरत
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    पूर्ण राज्य की वापसी के साथ कश्मीर में राजनीतिक पहल की जरूरत
    20 Oct 2021
    अगर हमारी सरकार तालिबान से संवाद कर सकती है तो अपने ही अविभाज्य अंग: कश्मीर के राजनीतिक नुमायदो से क्यों नहीं करती? कश्मीर मामलों पर दो-दो पुस्तकों के लेखक Urmilesh का विचारोत्तेजक विश्लेषण:
  • Muslims
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश: आख़िर ईद के जुलूस के दौरान भड़की हिंसा की वजह क्या है?
    20 Oct 2021
    धार, जबलपुर और बड़वानी में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकाले गए जुलूस के दौरान हिंसा की खबरें सामने आई हैं। इस दौरान पुलिस पर पत्थरबाज़ी और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज केे वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है…
  • WOMEN
    सुजाता
    मुद्दा: महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का सवाल और वबाल
    20 Oct 2021
    संसद में, विधानसभाओं में, असल में निर्णय-प्रक्रिया में महिलाओं को लाने का यह सबसे बेहतरीन तरीक़ा है कि ख़ुद पार्टियों में आधी महिला सदस्य हों, दलित, पिछड़ा, आदिवासी, अल्पसंख्यक, विकलांग, क्वीर आरक्षण…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License