NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नागालैंड में त्रिशंकु विधान सभा
क्या रियो कुछ चमत्कार कर सकते हैं ?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Mar 2018
nagaland

नागालैंड में NPF सबसे बड़ी पार्टी की तौर पर उभर कर आयी है , पर NDPP और बीजेपी के गठबंधन ने भी उसे करीबी टक्कर दी है , जिसमें NDPP ज़्यादा बड़ी पार्टी है I जो नतीजे आये हैं वे बटे हुए हैं I पर NDPP के मुख्य मंत्री पद के उम्मेदवार नेफ्यू रिओ को कम करके नहीं आंका जा सकता I जब उन्होंने NPF की सरकार बनायी थी, तो वे अपने दम पर दो बीजेपी विधायकों को अपने साथ ले आये थे I इस बात की बहुत संभावना है कि वह ये काम वापस दोहरायेंगे पर इस बार उनका निशाना उनकी पिछली पार्टी हो सकती है I

NPF का NPP के साथ सैधांतिक गठबंधन रहा है पर NPP बीजेपी के साथ मणिपुर और संसद दोनों जगह गठबंधन में है I पर सभी अटकलों को पीछे छोड़ते हुए किरन रिजूजू ने कहा है कि अगर वो NDPP के साथ आधी सीटें नहीं जीत पाएगी  तो वह NPF के साथ गठबंधन करने की सोचेगी I नागालैंड के मुख्य मंत्री जेलियांग ने रिजूजू की बात पर मुहर लगते हुए कहा है कि वह चुनाव नतीजो के आने के बाद बीजेपी के साथ गठबंधन कर सकती है I पर उन्होंने NDPP के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार कर दिया है I अब रिजूजू गठबंधन करेंगे या रिओ अपनी पुरानी पार्टी से लोग लायेंगे ये देखना दिलचस्प होगा I

विरोधी उम्मीदवारों के बीच में टकराव होने की वजह से नागालैंड में बहुत सी जगहों पर मतदान नहीं हो पाए हैं I पर NNPG का इसमें कोई योगदान नहीं है I नागालैंड की इस बिखरी हुई राजनीति में यहाँ तीसरे सवाल सामने आता है और वो NNPG और उनके साथ शांति हुए समझौते का I

NSCN(IM) शायद इन चुनावों को घबराहट से देख रहा है , क्योंकि फिलहाल शांति समझौता अधर में लटका हुआ है I ये उग्रवादी गुट 1997 से भारत सरकार से साथ बातचीत कर रहा है I वैसे तो उन्होंने चुनावों का बहिष्कार किया था पर पर उन्हें अपने निर्णय से पीछे हटना पड़ा क्योंकि चुनाव आयोग ने उनपर दया नहीं दिखाई I इसने उनकी वृद्ध होते नेतृत्व की कमज़ोरी को भी उजागर किया है I उससे निकले हुए एक गुट ने 2015 में सीज़ फायर का उलंघन किया था और मणिपुर में 6TH डोगरा रेजिमेंट पर हमला बोल दिया था I ये तब किया गया जब तथाकथित तौर पर असम राइफल्स द्वारा केंद्र सरकार के साथ उनके सीज़ फायर को तोडा गया और उनके कैम्पों पर हमला किया गया I

अगर IM की कमज़ोर पड़ते नेतृत्व की और कमियाँ सामने आयेंगी तो ऐसा लग रहा है कि NSCN(K) NSCN(IM) के कुछ लोगों को अपने गुट में शामिल कर सकता है I समझौते पर दस्तखत करने के बाद NSCN(IM) ने बड़े पैमाने पर पार्टी में भर्ती शुरू कर दी है , ये इस वादे के साथ किया जा रहा है कि वह भर्ती किये गए लोगों को सुरक्षा बलों में शामिल करा देंगे जब पूरी तरह समुझौता हो जायेगा है I पर इन भर्ती किये जा रहे लोगों को NSCN(K) की तरह युद्ध का कोई अनुभव नहीं है I

हमारे सामने बड़ा सवाल है की आगे क्या होगा . अगर भाजपा नागालैंड में सरकार बनाने में सफल होगी तो वह सभी नागा बहुल राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड और मणिपुर में सत्ता में होगी । इससे वह उन सभी शामिल दलों पर एक 'शांति योजना' लागू करने में सक्षम होगी। हालांकि, वास्तविकता यह है कि भाजपा अब नागालैंड सरकार में अभी भी एक 'जूनियर' भागीदार ही बनेगी और शायद विधानसभा सहित सरकार में इसकी कोई बहुत मजबूत सौदेबाजी की स्थिति नहीं होगी ।

Nagaland
nagaland assembly
ndpp
BJP
NPF
NPP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Kusmunda coal mine
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी
    01 Nov 2021
    कुसमुंडा में कोयला खनन के लिए 1978 से 2004 तक कई गांवों के हजारों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन अधिग्रहण के 40 वर्ष बाद भी भू-विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और एसईसीएल दफ्तरों…
  • Puducherry
    हर्षवर्धन
    विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका
    01 Nov 2021
    आज एक नवंबर के दिन ही 1954 में पांडिचेरी फ्रांस से आज़ाद हुआ था। पांडिचेरी फ्रांस की गुलामी से आज़ाद कैसे हुआ और उसका भारत में विलय कैसे हुआ यह कहानी आम भारतीय जनमानस से कोसो-कोस दूर है। आइए जानते…
  • education
    प्रभात पटनायक
    विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है
    01 Nov 2021
    वैश्वीकृत पूंजी के लिए, अपने कर्मचारी भर्ती करने के लिए, ऐसे शिक्षित मध्यवर्ग की उपस्थिति आदर्श होगी, जो हर जगह जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, एक जैसा हो। शिक्षा का ऐसा एकरूपीकरण हिंदुत्व के जोर से…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है
    01 Nov 2021
    3 करोड़ की आबादी वाले यमन ने इस युद्ध में 2,50,000 से अधिक लोगों को खो दिया है, इनमें से आधे लोग युद्ध की हिंसा में मारे गए और बाक़ी आधे लोग भुखमरी और हैज़ा जैसी बीमारियों की वजह से।
  • Amit Shah
    सुबोध वर्मा
    लखनऊ में अमित शाह:  फिर किया पुराने जुमलों का रुख
    01 Nov 2021
    एक अहम स्वीकारोक्ति में शाह ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को 2024 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ जोड़ दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License