NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नौकरियाँ ही नौकरियाँ! बस करने वाला चाहिए
मोदी जी बता बता कर, समझा समझा कर थक गये कि नौकरियों की कमी नहीं है, बहुत नौकरियाँ हैं, बस करनेवाले चाहिए। पर हम मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं। बस एन एस एस ओ ने कहा और हमने मान लिया कि नौकरी कम हैं, बेरोजगारी पिछले पैंतालीस साल में सबसे ऊंचे स्तर पर है।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
17 Feb 2019
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर। (साभार : topsy.one)

नौकरियाँ तो बहुत हैं। यह तो लोगों की नज़र का ही खोट है कि उन्हें नौकरियाँ दिखाई ही नहीं देतीं। और न जाने यह पता नहीं कौन सी संस्था है एन एस एस ओ (NSSO) जिसने कह दिया कि नौकरी कम हैं, बेरोजगारी पिछले पैंतालीस साल में सबसे ऊंचे स्तर पर है, और हमने मान लिया। मोदी जी बता बता कर, समझा समझा कर थक गये कि नौकरियों की कमी नहीं है, बहुत नौकरियाँ हैं, बस करनेवाले चाहिए। पर हम मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं। बस एन एस एस ओ ने कहा और हमने मान लिया। पहले कभी इस संस्था का नाम भी सुना था। नहीं सुना था न! क्या ऐसे ही कोई कुछ भी कहेगा और हम मान लेंगे। मोदी जी को तो हम सालों से जानते हैं न। जब मोदी जी ने कह दिया कि बेरोजगारी नहीं है तो नहीं है, बस सौ बातों की एक बात।

tirchi najar after change new.png

जो लोग एन एस एस ओ की रिपोर्ट को ठीक मान रहे हैं और उसको लेकर शोर मचा रहे हैं, उन्हें पता ही नहीं है कि मोदी जी के शासन काल में कितनी सारी नयी तरह की नौकरियाँ निकली हैं। ऐसी नौकरियाँ भी हैं जिनके लिए कोई खास तरह की योग्यता की जरूरत नहीं है। यहाँ तक कि स्कूली शिक्षा की भी नहीं।

सबसे पहले तो बात करते हैं गौरक्षक की नौकरी की। ये वो लोग हैं जो गौ माता की रक्षा करते हैं और उसके बहाने कुछ भी कर सकते हैं। इस नौकरी को करने के लिए किसी योग्यता की आवश्यकता नहीं है। इस नौकरी का पढ़ाई लिखाई से भी कोई संबंध नहीं है। पर अगर आप बजरंग दल, हिन्दू महासभा, विश्व हिंदू परिषद जैसी किसी चीज से संबंधित हैं तो यह विशेष योग्यता हो सकती है। पर हाँ, एक योग्यता अवश्य होनी चाहिए, कि आप हिंदू अवश्य हों। अन्य धर्म के लोगों के लिए यह नौकरी नहीं है। गौरक्षक की नौकरी के लिए गौभक्त होना नहीं, दिखना आवश्यक है। और आपको अफवाह फैलाने का काम भी अच्छी तरह से आना चाहिए। दूसरे धर्म के लोगों से घृणा करते हों, यह भी आवश्यक है। विधर्मी लोगों के खाने में झांकने की क्षमता एक गौरक्षक को बेहतर गौरक्षक बनाती है। गौरक्षक को इतना समझदार तो होना ही चाहिए कि वह किसी भी ट्रक-टैम्पो को देखते ही समझ जाये कि इसमें गौ वंश लदा है या नहीं। साथ ही ड्राइवर या सवारियों को देखते ही बता दे कि यह ट्रक कत्लखाने जा रहा हैं या नहीं। जो गौरक्षक यह पता चलते ही मानव हत्या पर उतर आए और दंगा फैला सके, उसका भविष्य इस फील्ड में बहुत उज्ज्वल रहता है। 

अगर आप को कुछ भी नहीं आता हो, सिर्फ गाली दे सकते हों। या फिर कुछ और आने के साथ-साथ गाली गलौज भी आती हो, तो फिर आपको शासक दल के आई टी सेल में नौकरी मिल सकती है। सुना जाता है कि वहां पर आपको आठ-दस हजार से लेकर लाखों रुपये प्रति माह की तनख्वाह मिल सकती है। भाजपा की आई टी सेल में नौकरी न मिलने पर आप विरोधी दलों के आइ टी सेल में नौकरी पा सकते हैं। स्कोप वहां भी काफी है भले ही सैलरी कम हो सकती है। फेक न्यूज बनाना, व्हाट्सऐप ग्रुप पर झूठ फैलाना, ट्रोल करना आदि इस नौकरी में प्रमुख कार्य हैं।

यदि आप थोड़ा बहुत रोमांटिक किस्म के हैं तो भी आपके लिए आपके मन मुताबिक रोजगार की गारंटी है। शैक्षणिक योग्यता का यहां भी कोई महत्व नहीं है और न ही कोई जातिगत रिजर्वेशन है। पर धार्मिक रिजर्वेशन अवश्य है। इस श्रेणी में विशेष रूप से दो नौकरियाँ आती हैं। पहली एंटी रोमियो स्कवॉड की और दूसरी लव जिहाद विरोधी फोर्स। 

एंटी रोमियो स्कवॉड के लिए बस आपकी आँखें इतनी तेज होनी चाहिए कि आप एक स्त्री-पुरूष, लड़की-लड़के के जोड़े को दूर से ही पहचान सकें। फिर भले ही वे भाई-बहन हों या पति-पत्नी, एंटी रोमियो स्कवॉड के सदस्यों का काम है कि वे चालू हो जायें। लव जिहाद विरोधी फोर्स में नौकरी के लिए अधिक सजग होना पड़ता है। काम उनका भी एंटी रोमियो स्कवॉड जैसा ही है पर उससे कहीं ज्यादा अधिक मुश्किल है। लव जिहाद विरोधी फोर्स को लड़का-लड़की का धर्म का भी ध्यान रखना पड़ता है। अगर लड़का दूसरे धर्म का हो और लड़की हिंदू, तो फोर्स की बन आती है। फिर लव जिहाद विरोधी फोर्स के लोग कुछ भी कर सकते हैं। यहां तक कि दंगा भी भड़का सकते हैं। दंगा भड़काने की उनकी यह प्रतिभा बहुआयामी हो सकती है और  कहीं और भी काम आ सकती है।

यद्यपि आई टी सैल की नौकरी को छोड़ कर बाकी सभी नौकरियाँ आमतौर पर अवैतनिक हैं पर प्रतिभाशाली लोग सब जगह कमाई कर लेते हैं। वैसे भी ये नौकरियाँ राष्ट्र-भक्ति कहलाती हैं। और राष्ट्र-भक्ति के रोजगार में पैसा मिले या न मिले, सब चलता है।  ये रोजगार पकौड़े बनाने, बीडी़-सिगरेट पान की दुकान या पंक्चर लगाने जैसे रोजगारों से अलग हैं कयोंकि इनमें लागत कोई नहीं आती है, बस मुनाफा ही मुनाफा है। इसके अलावा इन रोजगारों को शासकीय संरक्षण भी प्राप्त है जो पकौड़े बनाने, बीडी़-सिगरेट पान की दुकान या पंक्चर लगाने जैसे रोजगारों को नहीं मिलता।

नोट : अगर मोदी जी दुबारा प्रधानमंत्री बन पाये तो इसी तरह की और भी नई नई नौकरियाँ लोगों को बहुतायत में मिलेंगी और देश से जल्द ही बची खुची बेरोजगारी भी दूर हो जायेगी।

(लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

Satire
Political satire
Hindutva Agenda
Hindu Right Wing
BJP-RSS
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,992 नए मामले, 393 मरीज़ों की मौत
    11 Dec 2021
    इसके अलावा देश में अब तक ओमिक्रोन के 32 मामले सामने आ चुके है | जिनमे से 17 मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं|
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिर्फ भारत में ही नहीं, अमेरिका में भी फेल हुए ' आर्थिक सुधार'
    10 Dec 2021
    देश में 3 दशक पहले शुरू हुए आर्थिक सुधारों के चलते अमीर और गरीब के बीच की खाई और गहरी हो गयी है. देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य बड़े देशों में भी यही हाल हुआ है। कैसे आर्थिक सुधारों से बढ़ रही है…
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    कृषि संकट और नौकरी की कमी से बुंदेलखंड के लोग कर रहे हैं पलायन
    10 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस ग्राउंड रिपोर्ट में हमने बुंदेलखंड के प्रवासी मजदूरों से बात की और जानना चाहा कि मजदूरों को आखिर क्यों पलायन करना पड़ रहा है|
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्टः मोदी को झुकाया, जीत की ख़ुशी पर भारी मन से छोड़ रहे बॉर्डर
    10 Dec 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में भाषा सिंह ने टिकरी बॉर्डर के गुलाब बीबी नगर में मनाए गये मानवाधिकार दिवस पर, किसानी के सवाल को बड़े राजनीतिक सवालों से जोड़ने की तैयारी को रेखांकित किया। यहां मानवाधिकार दिवस पर…
  • nagaland
    अजय कुमार
    क्या नागालैंड से AFSPA हटा देना चाहिए?
    10 Dec 2021
    पिछले साठ सालों से अधिक समय से नागालैंड में अफस्पा लगा है, लेकिन अब तक नागालैंड की अशांति खत्म नहीं हुई है। इसका क्या मतलब है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License