NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन, एक सप्ताह के लिए बंद हुआ कैंपस
छात्र बुनियादी सुविधाओं को लेकर पिछले 48 घंटों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने विश्वविद्यालय को एक सप्ताह के लिए बंद करने का आदेश दे दिया है।
सोनिया यादव
19 Sep 2019
law student protest

बीते दिनोंं देश भर के कई विश्वविद्यालय और संस्थानों में छात्रों का प्रशासन के प्रति आक्रोश सुर्खियों में रहा है। ताज़ा मामला हिमाचल प्रदेश की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का है। शिमला स्थित इस यूनिवर्सिटी में छात्र बुनियादी सुविधाओं को लेकर पिछले 48 घंटों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार करने के साथ ही ‘लेके रहेंगे आज़ादी’ और ‘साड्ढा हक एत्थे रख’ जैसे नारे भी लगाए।

बुधवार 18 सितंबर को जब प्रशासन के आश्वासन के बाद भी छात्रों ने अपना प्रदर्शन नहीं ख़त्म किया तो प्रशासन ने गुरूवार यानी 19 सितंबर को विश्वविद्यालय को एक सप्ताह के लिए बंद करने का आदेश दे दिया है। छात्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके अभिभावकों को फ़ोन से संपर्क कर इसकी सूचना दे रही है।

Notice..jpg

प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया कि प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अगर 20 सितंबर तक कोई छात्र हॉस्टल ख़ाली नहीं करता है तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के फ़ीस में इज़ाफ़ा करने के बावजूद हॉस्टल से लेकर अकादमिक क्षेत्र में सुविधाओं की भारी कमी है। विद्यार्थियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी और हॉस्टल में पीने के पानी से लेकर खाने की गुणवत्ता तक से समझौता किया जा रहा है।

Shimla-Law-univeristy-Protest..jpg

न्यूज़क्लिक से बातचीत में छात्रों ने कहा कि लाखों रुपये फ़ीस देने के बावजूद उन्हें बेसिक सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। यूनिवर्सिटी में खाने-पीने से लेकर रहने तक की समस्याएं हैं। छात्रों का कहना है कि इतन बड़े परिसर में मेडिकल सुविधा तक का प्रबंध नहीं है।

हालांकि यूनिवर्सिटी की कुलपति निष्ठा जसवाल का कहना है कि छात्रों की जायज़ मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गुमराह किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों को ग़लत जानकारी दी जा रही है।

बता दें कि बुधवार को ही छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से भी मिला था।

2019_9image_11_08_328956385student-ll.jpg

विश्वविद्यालय के छात्र रोहन सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया, "हम कई बार प्रशासन से खाने और पानी की शिकायत कर चुके हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अभी भी प्रशासन हमें सिर्फ़ आश्वासन ही दे रहा है।"

एक अन्य छात्र श्रीकृष्नन ने कहा, "हमारे यहां कोई मेडिकल की सुविधा नहींं है, चार सौ के क़रीब छात्र-छात्राओं में से किसी को कभी कुछ हो जाए तो इसका ज़िम्मेदार कौन होगा?’

ग़ौरतलब है कि हाल ही में बनारस हिंदु विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय जैसे कई उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र आंदोलन देखने को मिले हैं। 

ज़ाहिर है, देश की शिक्षा व्यवस्था में सबकुछ ठीक नहीं है।

National Law University
Student Protests
Protest for Basic facilities
Himachal Pradesh
Banaras Hindu University
patna university

Related Stories

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

बीएचयू: 21 घंटे खुलेगी साइबर लाइब्रेरी, छात्र आंदोलन की बड़ी लेकिन अधूरी जीत

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अचानक सिलेबस बदले जाने से नाराज़

झारखंड विधान सभा में लगी ‘छात्र संसद’; प्रदेश के छात्र-युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर

उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं


बाकी खबरें

  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव दूसरा चरण:  वोट अपील के बहाने सियासी बयानबाज़ी के बीच मतदान
    14 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कितने अहम हैं, ये दिग्गज राजनेताओं की सक्रियता से ही भांपा जा सकता है, मतदान के पहले तक राजनीतिक दलों और राजनेताओं की ओर से वोट के लिए अपील की जा रही है, वो भी बेहद तीखे…
  • unemployment
    तारिक़ अनवर
    उत्तर प्रदेश: क्या बेरोज़गारी ने बीजेपी का युवा वोट छीन लिया है?
    14 Feb 2022
    21 साल की एक अंग्रेज़ी ग्रेजुएट शिकायत करते हुए कहती हैं कि उनकी शिक्षा के बावजूद, उन्हें राज्य में बेरोज़गारी के चलते उपले बनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
  • delhi high court
    भाषा
    अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
    14 Feb 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’ अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
  • ashok gehlot
    भाषा
    रीट पर गतिरोध कायम, सरकार ने कहा ‘एसओजी पर विश्वास रखे विपक्ष’
    14 Feb 2022
    इस मुद्दे पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने सदन में नारेबाजी व प्रदर्शन जारी रखा। ये विधायक तीन कार्यदिवसों से इसको लेकर सदन में प्रदर्शन कर…
  • ISRO
    भाषा
    इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित
    14 Feb 2022
    पीएसएलवी-सी 52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह ईओएस-04 और दो छोटे उपग्रहों को सोमवार को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर दिया। इसरो ने इसे ‘‘अद्भुत उपलब्धि’’ बताया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License