NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नहीं रहे डा. अशोक मित्र जिन्होंने पहली बार बताया कि भारत का बजट किस तरह अमेरिका में बनता
रचनात्मकता ही प्रतिरोध का सबसे मजबूत हथियार है, ऐसा उन्होंने अपनी करनी और कथनी से साबित किया है।
पलाश विश्वास
01 May 2018
अशोक मित्र

डा.अशोक मित्र नहीं रहे। लाल सलाम कामरेड।

आज सुबह दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में जीवित किंवदन्ती प्रख्यात अर्थशास्त्री, समाजविज्ञानी डा. अशोक मित्र का निधन हो गया। अभी तक नेट पर इसकी सूचना नहीं मिल सकी है, जबकि सूचना विस्फोट के कारण तमाम तरह की गैर जरूरी, अश्लील सूचनाओं की बाढ़ सतत जारी है।

कोलकाता से बाहर रहने की वजह से लंबे समय से उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। वृद्धावस्था और अस्वस्थता के बावजूद मरणपर्यंत अपनी विचारधारा और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट रही है। कोलकाता के तमाम जीवन्त विमर्श में उनकी उपस्थिति लगभग अनिवार्य रही है। वे पार्टीबद्ध नहीं थे न ही उनका कोई पाखंड था। उन्होंने हमेशा दो टूक शब्दों में सच को सच कहा है और इसलिए वे सत्ता वर्ग की आंखों की किरकिरी बने हुए थे। उन्होंने बंगाल के तमाम स्वनाम धन्य मनीषियों की तरह सत्ता से अपना टांका कभी नहीं जोड़ा।

अशोक मित्र न सिर्फ कामरेड ज्योति बसु के पहली वाम मोर्चा सरकार के वित्तमंत्री थे, बल्कि वे इंदिरा गांधी के राष्ट्रीयकरण आधारित समाजवादी दौर के मुख्य आर्थिक सलाहकार भी थे। अर्थशास्त्री वे जितने बड़े थे, उससे भी बड़े वे समाजशास्त्री थे। अद्भुत लेखक थे वे। समयान्तर के लिए जब भी हमने उनके लिखे के अनुवाद के लिए अनुमति मांगी, उन्होने तत्काल दे दी। उनकी आत्मकथा पैरोट्स टेल में उन्होंने भारत विभाजन और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था के मूल में साम्राज्यवादी सामंती माफिया गठजोड़ का पर्दाफाश किया है। उन्होंने पहली बार बताया कि भारत का बजट किस तरह अमेरिका में बनता है और किस तरह अमेरिका के नेतृत्व में विश्वव्यवस्था अपने दलालों को भारत का वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री तक बनाता है। उदारीकरण के लिए विश्वबैंक के अर्थशास्त्री डा.मनमोहन सिंह के वित्तमंत्री के रूप में नियुक्ति का उन्होंने खुलासा किया है। न उनके खिलाफ कोई मानहानि का मुकदमा चला, न उन्होंने आज के क्रांतिकारियों की तरह माफी मांगी और न मनमोहन सिंह जैसे लोगों ने उनके दावे का कोई खंडन किया।

कामरेड ज्योति बसु के मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे को भारत में वाम विचलन का निर्णायक मोड़ कहा जा सकता है। जिस वर्चस्ववाद और पाखंड की वजह से भारत में वाम आंदोलन के विघटनसे मेहनतकश बहुसंख्य आम जनता के हकहकूक की लड़ाई सिरे से खत्म हो गई, उसका शायद पहली बार विरोध डा. अशोक मित्र ने ही किया था। लेकिन परिवर्तन के नाम मौकापरस्ती का रास्ता न अपनाकर वे बाहैसियत एक लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता बतौर आजीवन सक्रिय रहे और करीब चार दशकों में एक बार भी राजनीतिक मौकापरस्ती का रास्ता नहीं चुना। सत्ता वर्ग ने इसीलिए हमेशा उनकी उपेक्षा की।

समयान्तर के लिए हम उनसे विस्तृत बातचीत करना चाहते थे, लेकिन अपनी पत्नी के निधन के बाद वे बातचीत करने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने वादा किया था कि फिर कभी बात करेंगे। वह बातचीत अब कभी नहीं हो सकेगी इसका अफसोस है।

रचनात्मकता ही प्रतिरोध का सबसे मजबूत हथियार है, ऐसा उन्होंने अपनी करनी और कथनी से साबित किया है।

Courtesy: हस्तक्षेप
अशोक मित्र
अर्थशास्त्री
economist
ashok mitra
CPIM

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    आंगनवाड़ी की महिलाएं बार-बार सड़कों पर उतरने को क्यों हैं मजबूर?
    23 Feb 2022
    प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद उन्हें अभी तक उनका सही बकाया नहीं मिला है। एक ओर दिल्ली सरकार ने उनका मानदेय घटा दिया है तो…
  • nawab malik
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा
    23 Feb 2022
    लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय से बाहर निकले मलिक ने मीडिया से कहा, '' हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम झुकेंगे नहीं।'' इसके बाद ईडी अधिकारी मलिक को एक वाहन में बैठाकर मेडिकल…
  • SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए
    23 Feb 2022
    एसकेएम ने पश्चिम बंगाल से आ रही रिपोर्टों को गम्भीरता से नोट किया है कि बीरभूम जिले के देवचा-पंचमी-हरिनसिंह-दीवानगंज क्षेत्र के किसानों को राज्य सरकार द्वारा घोषित "मुआवजे पैकेज" को ही स्वीकार करने…
  • राजस्थान विधानसभा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान में अगले साल सरकारी विभागों में एक लाख पदों पर भर्तियां और पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा
    23 Feb 2022
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को वित्तवर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए 1 जनवरी 2004 और उसके बाद नियुक्त हुए समस्त कर्मचारियों के लिए आगामी वर्ष से पूर्व पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है। इसी…
  • चित्र साभार: द ट्रिब्यून इंडिया
    भाषा
    रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया
    23 Feb 2022
    फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने एकल न्यायाधीश वाली पीठ के 23 अक्टूबर 2019 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और गूगल की अनुषंगी कंपनी यूट्यूब को रामदेव के खिलाफ मानहानिकारक आरोपों वाले वीडियो के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License