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नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों के कर्मचारियों पर गिरी गाज
नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने अपने कर्मचारियों को कहा कि कहीं और नौकरी ढूंढलो I
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
28 Feb 2018
nirav modi

पंजाब नेशनल बैंक में हुए 12600 करोड़ के घोटाले के बाद अब नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों में काम करने वाले हज़ारों कर्मचारियों अब मुश्किल में आ गए हैं I

नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल प्रा. लि.और फायर स्टार इंटरनेशनल और मोदी के मामा मेहुल चौकसी के गीतांजलि ग्रुप की इकाइयों का भविष्य अब अधर में लटका है ,क्योंकि जाँच एजेंसियां लगातार उन्हें सील या बंद कर रही हैं I

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात के सूरत में स्थित Special Economic Zone (SEZ) में मौजूद नीरव मोदी की दो कंपनियों ने जनवरी में अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है I ऐसा इसीलिए किया गया क्योंकि CBI और Enforcement diractorate ने इनके बैंक अकाउंट पर रोक लगा दी है I

रिपोर्ट के मुताबिक SEZ में स्थित 2 कंपनियों ने करीब 700 कर्मचारियों को काम से निकाल दिया और उन्हें कहा गया कि वो कहीं और काम ढूंढ लें I प्रबंधन का कहना था कि जनवरी और फरवरी का वेतन नहीं दे सकते क्योंकि ED और CBI ने उनके बैंक अकाउंटो पर रोक लगा दी है I

हैदराबाद में स्थित  मेहुल चौकसी के गीतांजलि जेम्स पार्क में काम कर रहे 700 और कर्मचारी भी अपनी नौकरी बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं , क्योंकि वे उन 5 सोने की फैक्ट्रियों में काम कर रहे हैं, जिन्हें ED ने सील कर लिया है I ये फैक्ट्रियाँ भी SEZ में हैं और इनमें काम कर रहे लोगों को 12 से 15 हज़ार रुपये का वेतन मिलता है I इन कर्मचारियों को सोना तराशने के अलावा और कोई काम नहीं सिखाया गया है , यही उनकी रोज़ी कमाने का एक मात्र ज़रिया है I

गीतांजलि जेम्स पार्क जिसे 2014 तक राजीव जेम्स पार्क कहा जाता था , को 2005 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाय एस राजशेखरा रेड्डी द्वारा आवंटित ज़मीन पर बनाया गया था I

CITU(Center of Indian Trade Unions ) के सूत्रों ने न्यूज़क्लिक को बताया है कि पार्क की ज़मीन को 2005 में सिर्फ 4 करोड़ रुपये में आवंटित किया गया था I

कर्मचारी माँग कर रहे हैं कि तेलंगाना सरकार को इन कंपनियों का कार्यभार संभाल लेना चाहिए जिससे इनका काम चलता रहे और कर्मचारियों की नौकरी बची रहे I

तेलंगाना CITU के राज्य सचिव एम साईंबाबू ने कहा “SEZ के नाम पर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार कर्मचारियों का शोषण पर रही है I हमने इस मुद्दे पर रत्न उद्योग के कर्मचारियों , ट्रेड यूनियनों और बाकी संस्थाओं के लोगों के साथ 23 फरवरी को मीटिंग की है I”

भारत के विभिन्न शहरों में नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स स्टोर्स को बंद कर दिया गया है, इस वजह से बहुत से कर्मचारियों की ज़िन्दगी में गंभीर संकट आ गया है I

23 फरवरी, शुक्रवार को मेहुल चौकसी ने अपनी कंपनियों में काम कर रहे 3500 कर्मचारियों को चिट्ठी लिखी जिसमें ये कहा गया कि वह कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगे , इसीलिए उन्हें नयी नौकरी ढूँढनी चाहिए I

उन्होंने कहा “सरकारी संस्थाओं द्वारा मेरे बैंक अकाउंट और प्रॉपर्टी सीज़ किये जाने की वजह से  मेरे लिए फिलहाल आपके वेतन चुकाना या भविष्य में आपका वेतन देना बहुत मुश्किल होगा I अगर आपको ज़रूरत हो तो , HR डिपार्टमेन्ट को आपको रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट देने के लिए कहा गया है I”

रिपोर्टों के अनुसार नीरव मोदी ने भी अपनी कंपनी के 2200 कर्मचारियों को चिट्ठी लिखकर  कहा “ फिलहाल फैक्ट्री के स्टॉक हटाये या सीज़ किये जाने की वजह से और शोरूम और बैंक अकाउंटों के सीज़ हो जाने की वजह से हम इस हालत में नहीं हैं कि हम आपका वेतन दे सकें और आपके लिए ये बेहतर होगा आप कोई दूसरी कैरियर की तलाश करें I”

CITU के महासचिव तपन सेन ने न्यूज़क्लिक को बताया कि कर्मचारियों को मुआवज़ा देना कंपनियों का कानूनी कर्तव्य है I उन्होंने कहा “नीरव मोदी के पास पहले ही उनका पैसा है मौजूद है और वो ज़्यादातर पैसा लेकर जा चुका है I सरकार के हाथ में जो आया है वह इस रकम का बस एक छोटा सा हिस्सा है Iसरकार को उसे पकड़कर कानूनी कार्यवाही करनी होगी I”

सोमवार रात को PNB ने बताया कि 1300 करोड़ का गैरकानूनी काम और हुआ है , इसका अर्थ ये हुआ कि ये पूरा घोटाला अब 12,600 करोड़ का हो गया है I

इसी दौरान नीरव मोदी की फायरस्टार डायमंड ने अमेरिका में खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है I

तपन सेन ने कहा “ भारत में इन्सोल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड के अंतर्गत लेनदारों के अलावा कर्मचारियों को भी भुगतान करना होता है I पर उसके लिए इंडियाज़ नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल में मामले को ले जाना होगा जहां दिवालियेपन की प्रक्रिया शुरू होगी I”

मेहुल चौकसी
नीरव मोदी
PNB बैंक फ्रॉड
बीजेपी
कर्मचारी

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License