NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
नोएडा: बढ़ी दर से मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन, 43 हिरासत में
ग्रीन फील्ड जेवर हवाईअड्डा के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में बढ़ी दर से मुआवजे समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई माह से किसान संघर्ष कर रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Sep 2019
protest
फोटो साभार: दैनिक जागरण

ग्रेटर नोएडा: ग्रीन फील्ड जेवर हवाईअड्डा के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में बढ़ी दर से मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन के दौरान 43 किसानों को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस उपाधीक्षक जेवर शरद चंद शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह बड़ी संख्या में किसान दयानतपुर गांव से प्रदर्शन करने के लिए निकले। ये लोग कस्बा जेवर में दुकानें बंद कराने तथा यमुना एक्सप्रेसवे को जाम करने जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने इन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। सीओ ने बताया कि पुलिस ने आगे बढ़ रहे 43 लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य किसान वहां से वापस लौट गए। उन्होंने बताया कि किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि वे अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई माह से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया।

किसान संघर्ष समिति के एक सदस्य ने बताया कि हमारी मांग है कि जेवर एयरपोर्ट का जमीनी अधिग्रहण 4 गुना मुआवजा, कृषि भूमि का 20 प्रतिशत भूखंड, विस्थापित होने वाले किसान परिवारों को गांव दयानतपुर जेवर रोड़ पर या महाराजा अग्रसेन कॉलेज के पास खाली पड़ी 300 बीघा जमीन पर विस्थापित किया जाए। शासन द्वारा इन गांव को जेवर में कैलाश अस्पताल के सामने बसाया जा रहा है, जो गलत है।

इससे पहले किसानों के विरोध को देखते हुए सोमवार को एसपीआरए रणविजय सिंह व उपजिलाधिकारी गुंजा सिंह के नेतृत्व में सुबह से ही भारी पुलिस बल व पीएसी को मुख्य रास्तों पर किया तैनात किया गया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

noida
farmers protest
Kisan Sangharsh Samiti
land acquisition

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !


बाकी खबरें

  • AAKAR
    आकार पटेल
    क्यों मोदी का कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सबसे शर्मनाक दौर है
    09 Dec 2021
    जब कोरोना की दूसरी लहर में उच्च न्यायालयों ने बिल्कुल सही ढंग से सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस सक्रियता को दबाने की कोशिश की।
  • Sudha Bharadwaj
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    एल्गार परिषद मामला: तीन साल बाद जेल से रिहा हुईं अधिवक्ता-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज
    09 Dec 2021
    भारद्वाज को 1 दिसंबर को बंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत को उन पर लगाई जाने वाली पाबंदियां तय करने का निर्देश दिया था।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों की ऐतिहासिक जीत: सरकार ने सभी मांगें मानी, 11 दिसंबर से ख़ाली करेंगे मोर्चा!
    09 Dec 2021
    अंततः सरकार अपने हठ से पीछे हटकर किसानों की सभी माँगे मानने को मजबूर हो गई है। सरकार ने किसानों की लगभग सभी माँगें मान ली हैं। इस बाबत कृषि मंत्रालय की तरफ़ से एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। किसानों…
  • Sikhs
    जसविंदर सिद्धू
    सिख नेतृत्व को मुसलमानों के ख़िलाफ़ अत्याचार का विरोध करना चाहिए: विशेषज्ञ
    09 Dec 2021
    पंजाब का नागरिक समाज और विभिन्न संगठन मुसलमानों के उत्पीड़न के खिलाफ बेहद मुखर हैं, लेकिन सिख राजनीतिक और धार्मिक नेता चाहें तो और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
  • Solidarity march
    पीपल्स डिस्पैच
    एकजुट प्रदर्शन ने पाकिस्तान में छात्रों की बढ़ती ताक़त का अहसास दिलाया है
    09 Dec 2021
    एकजुटता प्रदर्शन के लिए वार्षिक स्तर पर निकले जाने वाले जुलूस का आयोजन इस बार 26 नवंबर को किया गया। इसमें छात्र संगठनों पर विश्विद्यालयों में लगे प्रतिबंधों के ख़ात्मे, फ़ीस बढ़ोत्तरी को वापस लेने और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License