NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
नोटबंदी पर मोदी सरकार को दी थी चेतावनी, ये महंगा पड़ सकता हैः पूर्व RBI गवर्नर राजन
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने नोटबंदी पर चौंकाने वाला खुलासा किया है।
सबरंग इंडिया
04 Sep 2017
RBI
Image: PTI

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने नोटबंदी पर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले मोदी सरकार को चेतावनी दी थी कि ये महंगा पड़ सकता है। राजन ने कहा कि काले धन को सिस्टम में लाने का मकसद पूरा करने के दूसरे तरीके भी सरकार को सुझाए थे। राजन की ये किताब इसी हफ्ते आने वाली है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजन ने ये सारी बातें उन्होंने अपनी किताब 'आई डू व्हाट आई डू: ऑन रिफॉर्म्स रेटोरिक एंड रिसॉल्व' में कही। पूर्व गवर्नर ने स्पष्ट कर दिया है कि वो नोटबंदी के समर्थन में बिल्कुल नहीं थे। उनका मानना था कि नोटबंदी के फैसले से अल्पकाल में होने वाला नुकसान लंबे वक्त में इससे होने वाले फायदों पर भारी पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि इस किताब में आरबीआई गवर्नर के तौर उनके भाषणों का संग्रह है। राजन की किताब में सरकार और उनके रिश्तों को लेकर भी बात की गई है। किताब में यह भी लिखा गया है कि राजन के गवर्नर रहते आईबीआई से कभी भी नोटबंदी का फैसला लेने के लिए नहीं कहा गया था। बता दें कि गत साल तीन सितंबर को कार्यकाल पूरा होने के बाद राघुराम राजन ने नोटबंदी पर अपनी राय सार्वजनिक तौर पर रखी है। राजन वर्तमान में शिकागो के एक विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र पढ़ा रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वे एक साल तक इसलिए चुप थे क्योंकि वो अपने उत्तराधिकारी के जनता के साथ शुरुआती संवाद में दखल नहीं देना चाहते थे।

अपनी किताब में आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने लिखा कि ‘बीते साल फरवरी में नोटबंदी पर उनसे राय मांगी गई थी जिसपर उन्होंने मौखिक रूप से प्रतिक्रिया दी थी। नोटबंदी पर असहमति जताने के बाद भी उनसे नए नोट तैयार करने के लिए कहा गया था। इस पर आरबीआई ने नए नोट तैयार कर सरकार को सौंप दिए थे। सरकार ने इसपर निर्णय करने के लिए एक समिति का गठन किया। इस समिति में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर को शामिल किया गया था। इससे स्पष्ट है कि राजन ने खुद इन बैठकों में शामिल होने की इच्छा व्यक्त नहीं की थी।

Courtesy: सबरंग इंडिया ,
Original published date:
04 Sep 2017
रघुराम राजन
नोटबंदी
मोदी सरकार
पूर्व आरबीआई गवर्नर
आरबीआई

Related Stories

किसान आंदोलन के नौ महीने: भाजपा के दुष्प्रचार पर भारी पड़े नौजवान लड़के-लड़कियां

सत्ता का मन्त्र: बाँटो और नफ़रत फैलाओ!

जी.डी.पी. बढ़ोतरी दर: एक काँटों का ताज

5 सितम्बर मज़दूर-किसान रैली: सबको काम दो!

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

लातेहार लिंचिंगः राजनीतिक संबंध, पुलिसिया लापरवाही और तथ्य छिपाने की एक दुखद दास्तां

माब लिंचिंगः पूरे समाज को अमानवीय और बर्बर बनाती है

अविश्वास प्रस्ताव: दो बड़े सवालों पर फँसी सरकार!

क्यों बिफरी मोदी सरकार राफेल सौदे के नाम पर?

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ


बाकी खबरें

  • CAA
    नाइश हसन
    यूपी चुनाव: सीएए विरोधी आंदोलन से मिलीं कई महिला नेता
    07 Feb 2022
    आंदोलन से उभरी ये औरतें चूल्हे-चौके, रसोई-बिस्तर के गणित से इतर अब कुछ और बड़ा करने जा रही हैं। उनके ख़्वाबों की सतरंगी दुनिया में अब सियासत है।
  • Nirmala Sitharaman
    प्रभात पटनायक
    इस बजट की चुप्पियां और भी डरावनी हैं
    07 Feb 2022
    इस तरह, जनता को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ती मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, मोदी सरकार को तो इस सब को देखना और पहचानना तक मंज़ूर नहीं है। लेकिन, यह अपने आप में अनिष्टकारी है क्योंकि जब भुगतान…
  • caste
    विक्रम सिंह
    आज़ाद भारत में मनु के द्रोणाचार्य
    07 Feb 2022
    शिक्षा परिसरों का जनवादीकरण और छात्रों, अध्यापकों, कुलपतियों और अन्य उच्च पदों में वंचित समुदायों का प्रतिनिधित्व बढ़ाये बिना शिक्षण संस्थानों को मनु के ब्राह्मणवाद से छुटकारा नहीं दिलवाया जा सकता है।
  • UP
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: पांच साल पत्रकारों ने झेले फ़र्ज़ी मुक़दमे और धमकियां, हालत हुई और बदतर! 
    07 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले पांच सालों में जिस तरह से मीडिया का गला घोंटा है उसे लोकतंत्र का चौथा खंभा शायद कभी नहीं भुला पाएगा। पूर्वांचल की बात करें तो जुल्म-ज्यादती के भय से थर-थर कांप रहे…
  • hum bharat ke log
    अतुल चंद्रा
    हम भारत के लोग : इंडिया@75 और देश का बदलता माहौल
    07 Feb 2022
    पुराने प्रतीकों की जगह नए प्रतीक चिह्न स्थापित किये जा रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता के इतिहास को नया जामा पहनाने की कोशिश हो रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License