NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
बीजापुर मुठभेड़ के बाद अगुवा सीआरपीएफ के जवान को नक्सलियों ने किया रिहा
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
08 Apr 2021
बीजापुर मुठभेड़ के बाद अगुवा सीआरपीएफ का जवान को नक्सलियों ने किया रिहा

बीजापुर/जम्मू :छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद से अपहृत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है। पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी ।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है।

सुंदरराज ने बताया कि तीन अप्रैल को सुकमा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत जोनागुड़ा और टेकलगुड़ियम गांव के जंगल में सुरक्षा बलों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के बाद से सीआरपीएफ के 210 कोबरा बटालियन के आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास के बारे में जानकारी नहीं मिली थी।

उन्होंने बताया कि आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास की जानकारी के लिए लगातार खोजी अभियान चलाया जा रहा था तथा क्षेत्र के ग्रामीण, सामाजिक संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पत्रकारों के माध्यम से मनहास के संबंध में जानकारी ली जा रही थी।

अधिकारी ने बताया कि इस दौरान माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता ने छह अप्रैल को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एक जवान को बंदी बनाया गया है।

सुंदरराज ने बताया कि इसके बाद जवान की रिहाई के लिए स्थानीय नागरिक, आदिवासी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और पत्रकारों के माध्यम से प्रयास किया गया।

उन्होंने बताया कि आज शाम अपहृत जवान राकेश्वर सिंह मनहास सुरक्षित बीजापुर जिले के तर्रेम थाना पहुंचा। सीआरपीएफ के फिल्ड अस्पताल में मनहास का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। चिकित्सकों ने उसे कमजोरी और डिहाइड्रेशन के कारण सामान्य उपचार दिया है।

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अपहृत आरक्षक मनहास की रिहाई के लिए माता रुक्मणि आश्रम जगदलपुर के पद्मश्री धर्मपाल सैनी और बीजापुर जिले के आदिवासी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी तेलम बोरैया ने प्रयास किया । उन्होंने बताया कि इस दौरान बीजापुर जिले के पत्रकार गणेश मिश्र और मुकेश चंद्राकर का भी योगदान रहा।

राज्य के सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में शुक्रवार को सुरक्षा बलों को रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि इस अभियान में जवान राकेश्वर सिंह भी शामिल थे। शनिवार को टेकलगुड़ियम और जोनागुड़ा गांव के करीब सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के 22 जवानों की मृत्यु हो गई थी तथा 31 अन्य जवान घायल हुए थे वहीं आरक्षक राकेश्वर सिंह लापता हो गया था।

मुठभेड़ में मारे गये जवानों में सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के सात जवान, सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन का एक जवान, डीआरजी के आठ जवान और एसटीएफ के छह जवान शामिल हैं।
 बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के लिए काम करने वाली समाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने भी इस घटना के बाद नक्सलियों से अपील की है कि वह जवान राकेश्वर सिंह को रिहा कर दें।  

सोरी ने कहा है कि अगर नक्सली जवान को रिहा करने में देरी करते हैं तब वह बुधवार को मुठभेड़ स्थल की ओर जाएंगी तथा माओवादियों से बात करने की कोशिश करेंगी, जिससे जवान को रिहा कराया जा सके। 

राज्य के सुकमा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में शुक्रवार को सुरक्षा बलों को रवाना किया गया था।  इस अभियान में जवान राकेश्वर सिंह भी शामिल थे.

नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हुए कमांडो की पत्नी ने इसे जीवन का सबसे खुशी का पल करार दिया
 
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए ‘कोबरा’ कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास की मुक्ति की खबर के बाद बृहस्पतिवार को जम्मू स्थित उनके घर पर पसरा सन्नाटा उत्सव में बदल गया। मन्हास की पत्नी ने इसे जीवन का सबसे खुशी का पल करार दिया।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच तीन अप्रैल को हुई मुठभेड़ के बाद अगवा किये गए 210वीं कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट ऐक्शन (कोबरा) के कांस्टेबल राकेश्वर सिंह मन्हास को जब एक न्यूज चैनल पर एम्बुलेंस से उतरते देखा गया तो उनके परिवार के सदस्यों के आंसू छलक आए।

मन्हास की पांच वर्षीय बेटी को मोबाइल फोन पर अपने पिता की तस्वीर को चूमते हुए देखा गया।

जम्मू-अखनूर रोड पर स्थित बुरनाई में मन्हास की पत्नी मीनू ने अपने घर पर संवाददाताओं से कहा, ' यह मेरे जीवन का सबसे खुशी का पल है। मुझे हमेशा ही उनकी वापसी का पूरा भरोसा रहा। मैं केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद करना चाहती हूं। साथ ही उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करती हूं जोकि परीक्षा की इस घड़ी में हमारे साथ खड़े रहे।'

naxalites
crpf jawan
bijapur encounter

Related Stories


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License