NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
न्यूयॉर्क के शिक्षकों ने फिर से खोलने से पहले सुरक्षित स्कूलों की मांग की
शहर के सबसे बड़े शिक्षक संघ ने प्रशासन से स्कूल आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए जांच और संपर्क में आने वालों का पता लगाने के लिए व्यवस्था उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Aug 2020
Pd

यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ टीचर्स (यूएफटी) ने अगले महीने स्कूलों को फिर से खोलने से पहले छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए न्यूयॉर्क सिटी प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण मांगें रखी है। यूएफटी के अध्यक्ष माइकल मुल्ग्रियू द्वारा दिए गए एक बयान में यूनियन ने कहा है कि अगर शहर प्रशासन सुरक्षित क्लासरूम को सुनिश्चित नहीं करता है तो वे अदालत का दरवाज़ा खटखटाने या हड़ताल करने के लिए तैयार है।

मुलग्रियू ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, "अगर हमें लगता है कि कोई स्कूल सुरक्षित नहीं है तो हम अदालत में जाने और कार्रवाई के लिए तैयार हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन दंड का सामना करने के लिए तैयार है जो हड़ताली सार्वजनिक कर्मचारियों पर लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'अगर कोई अदालत यह निर्धारित करती है कि हम टेलर क़ानून को तोड़ रहे हैं तो ऐसा ही है।'

वर्चुअल और व्यक्तिगत निर्देशों के साथ 10 सितंबर तक स्कूलों को फिर से खोलने के लिए महापौर बिल डे ब्लासियो की योजना से पहले यूनियनों द्वारा ये अल्टीमेटम आया है। शहर में 75,000 से अधिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूएफटी ने दावा किया है कि यह है इस प्रस्तावित समय में सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियों के साथ स्कूलों को फिर से खोलना शहर के लिए असंभव है।

महापौर डी ब्लासियो को संबोधितChange.org  पिटीशन में यूएफटी ने क्लास में आने वाले सभी छात्रों और स्कूलों के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक जांच सहित कई मांगों को सूचीबद्ध किया है। इन मांगों में पर्याप्त शारीरिक दूरी सुनिश्चित करने, स्कूलों के लिए संपर्क में आने का पता लगाने के लिए एक समर्पित टीम सुनिश्चित करने, प्रत्येक स्कूल बिल्डिंग के लिए एक फुल टाइम नर्स और इस तरह के सभी नियमों को समय पर लागू करने के साक्ष्य शामिल है।

1.1 मिलियन से अधिक बच्चों को शिक्षा देने वाला न्यूयॉर्क शहर स्कूल के मामले में देश का सबसे बड़ा जिला है। डी ब्लासियो के प्रस्ताव के अनुसार अधिकांश छात्रों और शिक्षकों के कक्षाओं में लौटने की उम्मीद की होगी। यूनियन ने खुद अनुमान लगाया है कि पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए 10 सितंबर तक 750,000 के करीब छात्रों और कर्मचारियों का जांच करना होगा। पूछे जाने पर कि ये शहर इतनी बड़ी संख्या को कैसे जांच कर सकता है तो इसका जवाब देते हुए मुलगरियो ने कहा कि, यूनियन "नहीं मानता है कि 10 सितंबर को स्कूलों को खुलना संभव है।"


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    मुद्दा: नई राष्ट्रीय पेंशन योजना के ख़िलाफ़ नई मोर्चाबंदी
    21 Mar 2022
    एनपीएस के विरोध में आज नयी बात क्या है? यह पूरी तरह से राजनीतिक एजेंडे पर वापस आ गया है। और भाजपा के ट्रेड यूनियन को छोड़कर सभी ट्रेड यूनियनों द्वारा 28-29 मार्च की दो दिवसीय हड़ताल में प्रमुख…
  • नाइश हसन
    मुबारक: नए दिन की शुरुआत है नौरोज़
    21 Mar 2022
    भारत की इस बहुरंगी सभ्यता संस्कृति को कुचल कर आगे निकल जाने की होड़ में हम तमाम ऐसे खूबसूरत रस्म रिवाजों से महरूम होते जा रहे हैं जिनके मिलने से हिंदुस्तान एक खूबसूरत हिंदुस्तान बनता है।
  • भाषा
    भारतीय अर्थशास्त्री जयती घोष संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक समिति के उच्च स्तरीय सलाहकार बोर्ड में शामिल
    21 Mar 2022
    घोष को 12 सदस्यीय बोर्ड में नामित किया गया है, जिसके काम में महासचिव के शासकीय कार्यालय के करीबी समन्वय के साथ संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा सहयोग दिया जाएगा।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,549 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    21 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.06 फ़ीसदी यानी 25 हज़ार 106 हो गयी है।
  • प्रबीर पुरकायस्थ
    यूक्रेन और वैश्विक आर्थिक युद्ध: बर्बरता या सभ्यता?
    21 Mar 2022
    इतना तो तय है कि दुनिया एक दोराहे पर है। इस सब के चलते या तो रूसी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी, या फिर इससे एक नयी विश्व आर्थिक व्यवस्था बनेगी, जिसके आसार पहले से बन रहे थे और जिसमें सैन्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License