NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्ज़ाइमर रोग में नए शोध से मस्तिष्क में बनने वाले लटों का पता चला 
‘ताऊ’ प्रोटीन गायब हो कर एक उलझाव बनाता है और यह तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) के सामान्य व्यवहार में बाधक बनता है। खास कर याददाश्त बनाए रखने में स्नायु तंत्र की निभाई जाने वाली भूमिका में खलल डालता है।
संदीपन तालुकदार
05 Feb 2021
अल्ज़ाइमर
इमेज सोर्स:  पिकपेडिया

तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) में बनने वाला उलझाव अल्जाइमर रोग का एक प्रामाणिक लक्षण है। एक खास तरह का प्रोटीन जिसे ताऊ के नाम से जाना जाता है, उलझाव बनाता है। यह उलझाव मस्तिष्क की कोशिकाओं के बाहर प्रोटीन के संचयीकरण के परिणामस्वरूप तुडे़-मुड़े और विकृत एकत्रीकरण के रूप में होते हैं। ताऊ प्रोटीन न्यूरॉन को स्वस्थ बनाये रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहां यह सूक्ष्मनलिका (माइक्रोटूब्यूल) के अंतर्निहित हिस्सा होते हैं। सूक्ष्मनलिका स्वस्थ कोशिकाओं को आकार और संरचना देने का काम करती है। ताऊ प्रोटीन शरीर के अन्य भागों के बनिस्बत केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। 

अल्जाइमर के रोगजनक अवस्था में, यह प्रोटीन गुम हो जाता है। यह कोशिकाओं से विघटित हो जाता है और उसके बाहर एकत्र होने लगता है। ताऊ में उलझाव, तंत्रिका कोशिका की सामान्य कार्यप्रणाली को बाधित कर देता है, खास कर याददाश्त बनाये रखने में स्नायु तंत्र की निभाई जाने वाली भूमिका में खलल डालता है। 

यह नया रिसर्च इस तथ्य को उद्घाटित करता है कि किस तरह ताऊ प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं से गायब हो जाता है और उसमें एक उलझाव पैदा करता है, जो अल्जाइमर रोग पर शोध करने वालों के सामने यह स्पष्ट सवाल बना हुआ है। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के अल्जाइमर  डिजीज रिसर्च ग्रुप ने यह अध्ययन किया है, जिसे हाल ही में प्रकाशित किया गया है। 

इस अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि तंत्रिका कोशिका  का उलझाव एक कोशिकीय प्रक्रिया में होता हैं, जो व्यक्ति को सामान्य व्यवहार करने से भटका देता है और यह विषाक्त प्रोटीन ताऊ को मस्तिष्क की स्वस्थ कोशिकाओं में स्राव होने देता है। इस अध्ययन से संबंधित लेखक प्रो. जुर्गन गोट्ज ने कहा कि यह होने वाला स्राव एक नुकसान करने वाली प्रक्रिया को जन्म देता है, जो ताऊ उलझाव की वजह बनता है और यह अंततः व्यक्ति की यादाश्त के गायब होने और अन्य बीमारियों की तरफ उसे ले जाता है। 

ताऊ प्रोटीन के स्राव होने के चलते, ज्यादा से ज्यादा ताऊ प्रोटीन मस्तिष्क में बनता है और आखिरकार यह उलझाव बनाता है और फिर यह अपने समरूप अमाइलॉइड नामक एक दूसरे असामान्य प्रोटीन, जो एक परत बनाता है, के साथ मिल कर, तंत्रिका कोशिका संबंधी रोगों, जिनमें से अल्जाइमर एक  सर्वाधिक सामान्य रोग है, की बुनियाद तैयार करता है।

इस अनुसंधान में कोशिकीय प्रणाली का अध्ययन किया गया, जिस हो कर ताउ प्रोटीन कोशिका से छिटक जाता है। कहते हैं कि कोशिका के अंदर और बाहर नन्ही पुटिका,जिसे एक्सोसोम् (बहि:परासरण) कहते हैं, वह एक प्रतिक्रिया पैदा करती है, ये नन्हें-नन्हें छिद्र ताउ प्रोटीन के गायब होने के मार्ग बन जाते हैं। एक्सोसोम एक कोशिका से दूसरी कोशिका से संदेश ले जाने के जरिये कोशिका को संदेश देने के काम में लगा रहता है। 

एक्सोसोम (बहि:परासरण) प्राथमिक रूप से कोशिकीय पुटिका हैं, ये छोटे बैलून की तरह छोटी थैलीनुमा (सैक्स) होती हैं। ये सैक्स खास संकेत की प्रतिक्रियास्वरूप कोशिका से निसृत होती हैं। यह निसृत एक्सोसोम एक बार अतिरिक्त कोशिकीय प्रतिवेश में रहता है, जो कोशिका के बाहर बनी जगह होती है। एक्सोसोम में प्रोटीन, वसा, न्यूक्लिक एसिड, चयापचयों (मेटाबोलाइट्स) मिले होते हैं।

मनुष्य के स्वस्थ और अस्वस्थ रहने दोनों ही स्थितियों में एक्सोसोम अंतर-कोशिका संप्रेषण में लंबी और नजदीकी दूरी से जुड़े होते हैं। एक्सोसोम पुनर्उत्पादित कोशिकाओं, जैसे स्टेम सेल, से निसृत होती है और उन्हें उपचारात्मक और सुधार का वाहक माना जाता है। गोट्ज का अध्ययन यह दिखाता है कि एक्सोसोम की मिश्रित होने की प्रक्रिया में कोशिका पर नन्हें-नन्हेें छिद्र बन जाते हैं, जो ताऊ प्रोटीन के उस होकर गुजरने के कारण बनते हैं। 

इस शोध-अध्ययन के  पहले लेखक और क्वींसलैंड ब्रेन इंस्टीट्यूट में शोधार्थी जुआन पोलैंको  ने बताया कि यह कोशिकीय प्रक्रिया न केवल अल्जाइमर रोग को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है,  बल्कि अन्य संज्ञेयानात्मक विकारों (कॉग्नेटिव डिस्ऑर्डर) को समझने की दृष्टि से भी खास है। 

मस्तिष्क रोगों के अलावा,  यह प्रक्रिया कैंसर रोग के उपचार में भी अपनी भूमिका अदा कर सकती है। पोलैंको ने कहा, “इसके कुछ साक्ष्य उभरे हैं, जिससे यह पता चला है कि एक्सोसोम उस अद्वितीय संदेश को दे सकते हैं, जो मनुष्य के शरीर में ट्यूमर बनने की स्थिति को दर्शाते हैं और उन्हें शरीर के माध्यम से कैंसर को अधिक तेज़ी से दोहराने और फैलाने में सक्षम बनाते हैं।एक्सोसोम के जरिए फैलने वाले अल्जाइमर और अन्य रोगों के बारे में हमारी विकसित होती समझदारी, हमें उपचार के नए-नए तरीकों को इजाद करने और इन कोशिकीय प्रक्रियाओं में भविष्य में हमारे हस्तक्षेप को सुनिश्चित करेगी।” 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

New Research in Alzheimer’s Disease Throws Light on Brain Tangles

Alzheimer’s disease
Tau Tangles
Amyloid plaque
Exosome
Exosome in Alzheimer’s Disease

Related Stories

अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है


बाकी खबरें

  • cop 26
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    जलवायु को बचाने के नाम पर, वे खेतों को बाज़ारू वस्तु जैसा बना देंगे
    25 Nov 2021
    सीओपी26 में, विकृत खाद्य प्रणाली, जो कि पृथ्वी और हमारे शरीर को प्रदूषित करती है, पर चुप्पी रही; स्वस्थ भोजन के उत्पादन और ग्रह पर जीवन बनाए रखने के लिए खाद्य प्रणाली में किसी तरह के परिवर्तन के बारे…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 9,119 नए मामले, 396 मरीज़ों की मौत
    25 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.32 फ़ीसदी यानी 1 लाख 9 हज़ार 940 हो गयी है।
  • UP
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः शिक्षक भर्ती को लेकर 157 दिनों से अभ्यार्थियों का आंदोलन, संगठनों का समर्थन का ऐलान
    25 Nov 2021
    इन मांगों को नज़रअंदाज़ करना यह साबित करता है कि योगी सरकार सिर्फ़ दिखावा व खोखले दावे करती है। वह वास्तव में जनता के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन है।
  • Manik Sarkar
    संदीप चक्रवर्ती
    भाजपा-आईपीएफ़टी चुनावी वादों को पूरा करने में रही नाकामयाब : माणिक सरकार
    25 Nov 2021
    आज त्रिपुरा में नगर पालिका हो रहे हैं। इस दौरान सत्तारूढ़ बीजेपी-आईपीएफ़टी गठबंधन द्वारा विपक्षी उम्मीदवारों को बार-बार परेशान करने की ख़बरें आ रही हैं, जिस वजह से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने के…
  • myanmar india
    चेतन राणा
    म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है
    25 Nov 2021
    भले ही नियामक चिंताएं भारतीय विदेश नीति को संचालित नहीं करती हैं, पर म्यांमार भारत की लुक/एक्ट ईस्ट नीति और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए योजनाओं के लिहाज से अहम है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License