NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
न्यूज़ीलैंड ने जलवायु आपातकाल की घोषणा की, 2025 तक अपने सार्वजनिक क्षेत्र को कार्बन न्यूट्रल करने का संकल्प लिया
यह निर्णय जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल के निष्कर्षों पर आधारित है जो ग्लोबल वार्मिंग में और वृद्धि को रोकने के लिए वैश्विक उत्सर्जन को 2050 तक शून्य करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Dec 2020
न्यूज़ीलैंड

न्यूजीलैंड में नव निर्वाचित संसद ने बुधवार 2 दिसंबर को जलवायु आपातकाल की घोषणा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। हालांकि काफी हद तक एक प्रतीकात्मक संकेत के बावजूद ये निर्णय कार्बन उत्सर्जन पर अंकुश लगाने और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए अन्य उपायों को करने के लिए नीतिगत कार्यों की बढ़ती आवश्यकता की एक आधिकारिक मान्यता है।

मुख्य विपक्षी नेशनल पार्टी को छोड़कर अधिकांश अन्य सांसदों ने इस घोषणा के पक्ष में मतदान किया। प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने संसद को बताया कि घोषणा "हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक" की स्वीकृति है साथ ही उस बोझ के सच्चाई की स्वीकृति है जो अगली पीढ़ी ढ़ोएगी यदि हम इसे सही नहीं करते हैं और हम कार्रवाई नहीं करते हैं।” इस खबर को रायटर ने प्रकाशित किया।

जलवायु आपातकाल की ये घोषणा संयुक्त राष्ट्र के इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) के निष्कर्षों पर आधारित है जिसके अनुसार वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से बचने के लिए वैश्विक उत्सर्जन को 2050 तक शून्य करने की आवश्यकता है। इसने 2010 के स्तर पर 2023 तक 45 प्रतिशत तक वैश्विक उत्सर्जन में कमी का एक अल्पकालिक लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

इस घोषणा में कहा गया है कि "अस्थिर और उच्च मौसमी बदलाव का विनाशकारी प्रभाव न्यूजीलैंड पर पड़ेगा"। इसकी सरकार ने 2025 तक अपने सार्वजनिक क्षेत्र को कार्बन न्यूट्रल करने का वादा किया है। इसने 2019 में जीरो कार्बन एक्ट भी पारित किया है जिसके अनुसार न्यूजीलैंड कृषि को छोड़कर सभी क्षेत्रों में 2050 तक शून्य उत्सर्जन को हासिल करेगा। इसने सभी नए अपतटीय गैस और ऑयल एक्स्प्लोरेशन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

बुधवार की जलवायु आपातकाल की घोषणा ने न्यूजीलैंड को ऐसा करने वाला 32 वां देश बना दिया। अन्य देश जो अब तक इसमें शामिल हैं उनमें जापान, कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं।

न्यूजीलैंड दुनिया के कुल उत्सर्जन का सिर्फ 0.17% उत्सर्जन करता है। अधिकांश उत्सर्जन सड़क परिवहन और कृषि से संबंधित है। इसने पिछले दो दशकों में उत्सर्जन में तेज़ वृद्धि दर्ज की है जो आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) देशों के 32 सदस्यों में 17 वें स्थान पर है।

new zealand
climate emergency
climate change
climate emergency in new zealand

Related Stories

गर्म लहर से भारत में जच्चा-बच्चा की सेहत पर खतरा

मज़दूर वर्ग को सनस्ट्रोक से बचाएं

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

लगातार गर्म होते ग्रह में, हथियारों पर पैसा ख़र्च किया जा रहा है: 18वाँ न्यूज़लेटर  (2022)

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

दुनिया भर की: गर्मी व सूखे से मचेगा हाहाकार

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

संयुक्त राष्ट्र के IPCC ने जलवायु परिवर्तन आपदा को टालने के लिए, अब तक के सबसे कड़े कदमों को उठाने का किया आह्वान 

आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा


बाकी खबरें

  • बनारस का राजघाटः इसी के पास बन रही है जानलेवा भंवर
    विजय विनीत
    बनारस मॉडल का नंगा सचः मानसून आते ही मटियामेट हो गई रेत पर बनी “मोदी नहर”
    05 Aug 2021
    उत्तर प्रदेश के बनारस में गंगा की रेत पर 1,195 लाख रुपये की लागत से खोदी गई नहर को बनारसियों ने नाम दिया है “मोदी नहर”। इस नहर के चलते पैदा हुई जानलेवा भंवर ने उन मछुआरों और माझियों के पसीने छुड़ा…
  • बिहार: लालू की सक्रिय राजनीति में वापसी से सत्तारूढ़ एनडीए में खलबली का माहौल
    मो. इमरान खान
    बिहार: लालू की सक्रिय राजनीति में वापसी से सत्तारूढ़ एनडीए में खलबली का माहौल
    05 Aug 2021
    ज़मानत पर बाहर आते ही लालू विपक्षी नेताओं को एकजुट करने और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के नेतृत्त्व वाले एनडीए से दो-दो हाथ करने के लिए एक नए मोर्चे के साथ सामने आने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
  • युवा कांग्रेस का संसद घेराव; राहुल ने कहा ‘हम दो, हमारे दो की सरकार’ के रहते युवाओं को नहीं मिल सकता रोज़गार
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    युवा कांग्रेस का संसद घेराव; राहुल ने कहा ‘हम दो, हमारे दो की सरकार’ के रहते युवाओं को नहीं मिल सकता रोज़गार
    05 Aug 2021
    ‘‘इस सरकार का लक्ष्य युवाओं की आवाज दबाने का है क्योंकि वे जानते हैं कि यदि हिंदुस्तान के युवा ने अपने दिल की बात बोलनी शुरू कर दी, सच्चाई बोलनी शुरू कर दी तो नरेंद्र मोदी सरकार चली जाएगी।’’
  • मध्यप्रदेश के सीहोर में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल।
    शिंजानी जैन
    मध्यप्रदेश: आशा कार्यकर्ताओं की लड़ाई के पीछे नियमित वेतन और स्थायी कर्मचारी के रूप में मान्यता दिये जाने की मांग
    05 Aug 2021
    आशा कार्यकर्ता सालों से स्थायी कर्मचारी, नियमित वेतन और सामाजिक सुरक्षा के रूप में मान्यता दिये जाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, कोविड-19 महामारी के दौरान दिन में आठ से बारह घंटे काम करने के बावजूद…
  • जासूसी के आरोप यदि सही हैं, तो गंभीर हैं: न्यायालय ने पेगासस मामले पर कहा
    भाषा
    जासूसी के आरोप यदि सही हैं, तो गंभीर हैं: न्यायालय ने पेगासस मामले पर कहा
    05 Aug 2021
    शीर्ष अदालत कथित पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच के अनुरोध वाली नौ याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और वरिष्ठ पत्रकारों की याचिकाएं भी शामिल हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License