NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट-चेक: LPG सिलिंडर पर राज्य सरकारें 55% टैक्स लगाती हैं?
सोशल मीडिया पर एक चार्ट शेयर किया गया है, जिसमें घरेलू ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली LPG गैस की कीमत दिखाई गयी है. इस चार्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार 24 रुपये 75 पैसे प्रति LPG सिलेंडर टैक्स देती है जबकि राज्य सरकारें 291 रुपये 36 पैसे का टैक्स जोड़ती हैं.
पूजा चौधरी
20 Jul 2021
फ़ैक्ट-चेक: LPG सिलिंडर पर राज्य सरकारें 55% टैक्स लगाती हैं?

सोशल मीडिया पर एक चार्ट शेयर किया गया है, जिसमें घरेलू ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली LPG गैस की कीमत दिखाई गयी है. इस चार्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार 24 रुपये 75 पैसे प्रति LPG सिलेंडर टैक्स देती है जबकि राज्य सरकारें 291 रुपये 36 पैसे का टैक्स जोड़ती हैं. दाम के ब्रेक-अप में डीलर का 5 रुपये 50 पैसे का कमीशन भी शामिल है. इसके अंत में लिखा है, “केंद्र सरकार का टैक्स 5%, और राज्य सरकार का टैक्स 55%, तो कृपया पता करें कि रसोई गैस की कीमत बढ़ाने के लिए कौन सी सरकार दोषी है.”

image

घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के लिए मोदी सरकार की हो रही भारी आलोचना के खिलाफ ये दावा शेयर किया गया है. द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, “पिछले साल 1 जुलाई को दिल्ली में 14.2kg LPG सिलेंडर की कीमत 594 रुपये थी, अब उसकी कीमत 834 रुपये हो गयी है.” LPG की बढ़ती कीमतों को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और रुपये के गिरते मूल्य से जोड़कर देखा जा सकता है. सरकार ने LPG पर सब्सिडी अब खत्म कर दी है, जिससे अंतिम उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ पड़ता है.

ये दावा फ़ेसबुक पर काफ़ी वायरल हो रहा है. ऑल्ट न्यूज़ को अपने व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) पर दावे की सच्चाई जानने के लिए कई सारी रिक्वेस्ट मिलीं.

image

image

कई ट्विटर यूज़र्स ने भी ये दावा पोस्ट किया है.

GAS
Basic price ..........Rs. 495.00
Central Govt Tax..Rs. 24.75
Transportation. Rs. 10.00
--------------------
Total price...........Rs. 529.75
State Govt Tax....Rs. 291.36
State transport...Rs. 15.00
Dealers commission. 5.50
1/2

— Sanatani Thakur ?? (@SanggitaT) July 15, 2021

फ़ैक्ट-चेक

घरेलू खपत के लिए LPG पर 5% तक गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लगाया जाता है. ये केंद्र और राज्य के बीच बराबर, यानी, 2.5% के हिसाब से शेयर किया जाता है. ये दावा गलत है कि केंद्र सरकार 5% और राज्य सरकार 55% टैक्स लगाती है. GST स्लैब सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ इनडायरेक्ट टैक्सेज़ और कस्टम बोर्ड की वेबसाइट पर देखा जा सकता है.

image

मई 2021 में, प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत, पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण सेल (PPAC) ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. जिसमें प्राकृतिक गैस और घरेलू LPG पर लगाए गए सभी टैक्स देखे जा सकते हैं. जैसा कि नीचे दी गयी तस्वीर में दिख रहा है, LPG पर सिर्फ GST टैक्स लागू किया गया है.

image

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 14.2 किलो प्रति सिलेंडर पर डीलरों का कमीशन 61.84 रुपये है. ये LPG डिस्ट्रीब्यूटर को दिया जाने वाला कमीशन है, “जो डिलीवरी चार्ज के लिए दिया जाता है. जिसमें बॉटलिंग प्लांट से सिलेंडर उठाकर उपभोक्ता तक पहुंचाना, वेतन, किराया, बिजली और टेलीफ़ोन बिल जैसी स्थापना लागत शामिल है.” डीलरों का कमीशन पेट्रोलियम मंत्रालय तय करता है. वायरल मेसेज में किया गया दावा कि डीलर्स का कमीशन 5 रुपये 50 पैसे है, गलत है.

image

इसके अलावा, सरकार ने पिछले साल से LPG के लिए सब्सिडी नहीं दी है. ऑल्ट न्यूज़ ने अधिक जानकारी के साथ एक रिपोर्ट पब्लिश की थी कि इसकी कीमतें कैसे निर्धारित की जाती हैं. उन्हें ऊपर दी गयी तस्वीर में देखा जा सकता है. साथ ही पाठक घरेलू LPG के लिए निर्धारित कीमत की जानकारी भी यहां देख सकते हैं.

ये वायरल दावा गलत है कि घरेलू LPG पर केंद्र सरकार (5%) की तुलना में राज्य सरकार (55%) अधिक टैक्स लगाती है. इस पर 5% GST लगता है जो केंद्र और राज्य के बीच समान रूप (2.5%) से शेयर किया जाता है. घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के लिए आलोचना के बीच मोदी सरकार के समर्थन में इस दावे को खूब शेयर किया जा रहा है.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

Alt news
fact check
LPG
LPG price hike
Central Government
State Government

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

ध्यान देने वाली बात: 1 जून से आपकी जेब पर अतिरिक्त ख़र्च

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

रसोई गैस सिलिंडर के दाम 50 रुपये बढ़े, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमत

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

लोगों के एक घर बनाने में टूटने और उजड़ जाने की कहानी

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

शहरों की बसावट पर सोचेंगे तो बुल्डोज़र सरकार की लोककल्याण विरोधी मंशा पर चलाने का मन करेगा!

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License