NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
विश्व कप टीम से बाहर किये गये रायुडू ने क्रिकेट से संन्यास लिया
आंध्र के इस 33 साल के खिलाड़ी को ब्रिटेन में चल रहे विश्व कप के लिये अधिकारिक स्टैंडबाई सूची में रखा गया था लेकिन आलराउंडर विजय शंकर के चोटिल होने के बाद उसकी अनदेखी की गयी।
भाषा
03 Jul 2019
Rayadu

मौजूदा विश्व कप के लिये दो बार अनदेखी किये जाने के बाद भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाज अम्बाती रायुडू ने बुधवार को बिना कारण बताये क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया। 

आंध्र के इस 33 साल के खिलाड़ी को ब्रिटेन में चल रहे विश्व कप के लिये अधिकारिक स्टैंडबाई सूची में रखा गया था लेकिन आलराउंडर विजय शंकर के चोटिल होने के बाद उसकी अनदेखी की गयी।

टीम प्रबंधन के जोर देने के बाद सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया और पता चला है कि रायुडू इन घटनाओं से काफी निराश हो गये। 
रायुडू ने बीसीसीआई को लिखे ईमेल में कहा, ‘‘मैंने खेल से दूर जाने और सभी प्रारूपों और खेल के सभी स्तरों से संन्यास लेने का फैसला किया है। मैं बीसीसीआई और राज्य संघों को शुक्रिया करना चाहूंगा जिसमें हैदराबाद, बड़ौदा, आंध्र और विदर्भ संघ शामिल हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपने देश का प्रतिनिधित्व करना सम्मानजनक रहा।’’ रायुडू ने भारत के लिये 55 वनडे खेलते हुए 47.05 के औसत से 1694 रन बनाये हैं। यह खिलाड़ी कभी टेस्ट टीम में जगह नहीं बना सका और विश्व कप से पहले वह चर्चा में बना हुआ था।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कुछ महीने पहले चौथे नंबर के लिये रायुडू के नाम को तरजीह दी थी लेकिन टूर्नामेंट के लिये चुनी गयी अंतिम टीम में रायुडू की अनदेखी की गयी और शंकर को चुना गया।

मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने इस फैसले को सही करार दिया था। इसके बाद रायुडू ने इस बयान का मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया पर ट्वीट किया, ‘‘विश्व कप देखने के लिये त्रिआयामी (थ्री डी) चश्मे का आर्डर किया है।’’

इसके बाद उन्हें स्टैंडबाई सूची में शामिल किया गया, लेकिन उन्हें बुलाया नहीं गया। रायुडू ने लिखा, ‘‘मैं उन कप्तानों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिनकी कप्तानी में मैं खेला। महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विशेषकर विराट कोहली को जिन्होंने भारतीय टीम के साथ मेरे पूरे करियर में मुझ पर हमेशा भरोसा दिखाया।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘इस खेल को खेलने का सफर शानदार रहा और पिछले 25 वर्षों में विभिन्न स्तर के लिये खेलते हुए उतार चढ़ाव से काफी कुछ सीखा।’’ घरेलू सर्किट में साथी क्रिकेटरों के साथ कई बार और यहां तक मैच अधिकारियों के साथ झड़प के कारण रायुडू की छवि तुनकमिजाज खिलाड़ी की बन गयी। 

उसने सीमित ओवर के प्रारूप पर ध्यान लगाने के लिये पिछले साल प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।  वह 2007 में प्रतिबंधित इंडियन क्रिकेट लीग में खेला था जो राष्ट्रीय टीम में उसके चयन में बाधा बनी थी। 

बाद में वह उन 79 खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्हें बीसीसीआई ने 2009 में बागी लीग में खेलने के लिये माफी दी थी। उसने 2013 में जिम्बाब्वे के खिलाफ राष्ट्रीय वनडे टीम में जगह बनायी। 

आईपीएल शुरू होने के बाद रायुडू को मुंबई इंडियंस ने चुन लिया जिसके बाद वह चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ रहे।  पिछले साल रायुडू सुर्खियों में आये जब उन पर सैयद मुश्ताक अली ट्राफी के दौरान मैदानी अंपायर के साथ बहस के कारण दो मैच का प्रतिबंध लगा।

indian cricketer
cricket world cup
ambati rayadu
retirement

Related Stories

रणजी ट्राफी: रहाणे और पुजारा पर होंगी निगाहें

वक्त का पहिया घूमा और खुद ऑनलाइन ट्रोलिंग के निशाने पर आए कप्तान कोहली

'मैं भी ब्राह्मण हूं' का एलान ख़ुद को जातियों की ज़ंजीरों में मज़बूती से क़ैद करना है

भारतीय क्रिकेट व फ़िल्मी जगत की हस्तियों के नाम खुला ख़त : ‘आप प्रसिद्ध हैं लेकिन आप बड़े नहीं हैं’

बीच बहस: 'हमारे महानायक क्या बोलना नहीं जानते या…?'

गुगली के जादूगर अब्दुल कादिर नहीं रहे

ज़ायरा, क्रिकेट और इंडिया

क्रिकेट विश्वकप : भारत-पाकिस्तान : फ़ादर्स डे में ‘मौक़ा’ मत तलाशिए जनाब!

युवराज की क्रिकेट पारी का गुमनाम अंत

माफ़ कीजिए, धोनी के दस्ताने में "बलिदान बैज" का लगाना कहीं से भी राष्ट्रवाद नहीं है!


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License