NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ओडिशा चुनाव : मोदी कोई फैक्टर नहीं
इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने ओडिशा (उड़ीसा) की राजधानी भुवनेश्वर में ‘जनता की नब्ज़’ टटोली।
भाषा सिंह, न्यूज़क्लिक टीम
05 Apr 2019

इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने ओडिशा (उड़ीसा) की राजधानी भुवनेश्वर में ‘जनता की नब्ज़’ टटोली। उन्होंने भुवनेश्वर की आम जनता, राजनीतिक पार्टियों और सिविल सोसाइटी के लोगों से चुनावी चर्चा की है। ओडिशा में लोकसभा के साथ राज्य की विधानसभा के लिए भी चुनाव हैं। आइए जानते हैं लोगों की चुनावी राय क्या है।  

Bhasha singh
pulse of india
janta ki nabaz
Odisha
2019 elections
2019 Lok Sabha elections
Odisha Assembly Elections 2019
Naveen Patnaik
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • नाटो शिखर वार्ता के ख़िलाफ़ ब्रसेल्स में विरोध प्रदर्शन
    पीपल्स डिस्पैच
    नाटो शिखर वार्ता के ख़िलाफ़ ब्रसेल्स में विरोध प्रदर्शन
    15 Jun 2021
    साम्राज्यवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ब्रसेल्स में नाटो शिखर सम्मेलन का उद्देश्य कोविड-19 महामारी के बीच रूस और चीन के साथ एक नया शीत युद्ध शुरू करना है।
  • सत्ता-समर्थक दल अल्जीरियाई चुनावों में आगे
    पीपल्स डिस्पैच
    सत्ता-समर्थक दल अल्जीरियाई चुनावों में आगे
    15 Jun 2021
    इन चुनावों में ऐतिहासिक रूप से महज 30.2% मतदान हुआ है क्योंकि मतदाता हिरक आंदोलन के राष्ट्रव्यापी बहिष्कार के आह्वान पर मतदान के दिन घर से बाहर नहीं निकले।
  • पशुपति कुमार पारस लोकसभा में एलजेपी के नेता बन गए हैं। स्पीकर ने उन्हें मान्यता दे दी है। (फाइल फोटो)
    उपेंद्र चौधरी 
    एलजेपी में टूट : रफ़्तार के बाद आये सामाजिक ठहराव को थामे रखने की सियासी कोशिश!
    15 Jun 2021
    अपने स्वतंत्र वजूद के लिए छटपटाती दलित और अति पिछड़ी जातियां दोनों तरफ़ से ताक़तवर जातियों की राजनीतिक दीवारों से घिरी हुई हैं। इन दीवारों को पता है कि संख्या की ताक़त से सियासी दीवारें गिरने में देर…
  • devangna-natasha-asif
    मुकुंद झा
    नताशा, देवांगना और आसिफ़ को ज़मानत: अदालत ने असहमति की आवाज़ें दबाए जाने पर जताई चिंता
    15 Jun 2021
    दिल्ली दंगे के एक मामले में ज़मानत देते हुए कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा, "हम यह बोलने के लिए मजबूर हैं, ऐसा लगता है, कि राज्य (सरकार) के मन में असहमति की आवाज़ को दबाने के चिंता में विरोध करने…
  • सरकार की यह कैसी एमएसपी? केवल धान में ही किसान को प्रति क्विंटल 651 रुपये का नुक़सान!
    पुलकित कुमार शर्मा
    सरकार की यह कैसी एमएसपी? केवल धान में ही किसान को प्रति क्विंटल 651 रुपये का नुक़सान!
    15 Jun 2021
    हाल ही में मोदी जी ने सरकारी ख़रीद, सीजन 2021-22 के लिए ख़रीफ़ की फ़सलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी किए हैं जोकि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के समर्थन मूल्य से बहुत पीछे है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License