NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
भारत
राजनीति
पुरी : पुलिसकर्मी ने किया महिला से दुराचार, आधी आबादी किससे लगाए सुरक्षा की गुहार!
ओडिशा के पुरी में पुलिस के एक कांस्टेबल ने अपने साथी के साथ मिलकर महिला के साथ कथित दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो जनता मदद के लिए किससे मदद की गुहार लगाए?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Dec 2019
stop rape
Image courtesy: Scroll

देश में महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी हाल ही में हैदराबाद की दिल दहला देने वाली घटना के खिलाफ लोगों का गुस्सा और जन सैलाब सड़क से लेकर संसद और सोशल मीडिया तक देखने को मिला। साथ ही इस पूरी घटना पर तेलंगना के गृहमंत्री महमूद अली के बयान की आलोचना भी खूब हुई।

महमूद अली ने इस मामले को लेकर कहा कि 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने 100 नंबर पर डायल करने की बजाय अपनी बहन को फोन किया।

अगर ऐसा होता तो उन्हें बचाया जा सकता था'। लेकिन गृहमंत्री जिस पुलिस की बात कर रहे हैं, ओडिशा के पुरी में उसी पुलिस के एक जवान ने एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो जनता मदद के लिए किससे मदद की गुहार लगाए?

क्या है पूरा मामला?

भाषा की खबर के पुरी में सोमवार, 2 दिसंबर को एक पुलिस क्वार्टर में एक पुलिसकर्मी सहित दो व्यक्तियों ने एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत के अनुसार वह नीमपाड़ा शहर में एक बस अड्डे पर खड़ी थी तभी खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले एक व्यक्ति ने उसे कार से उसके गंतव्य तक छोड़ने का प्रस्ताव दिया।

महिला ने कुंभारपाड़ा पुलिस थाने के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'मैं भुवनेश्वर से अपने गांव काकटपुर जा रही थी। मैंने उस पर विश्वास किया और उससे लिफ्ट ले ली.' महिला के कहा कि कार में बैठते ही उसे तीन अन्य लोग कार में बैठे मिले।

पीड़िता ने बताया,"वे लोग मुझे काकटपुर ले जाने के बजाय पुरी ले गए। वहां एक घर में दो लोगों ने मेरा बलात्कार किया जबकि दो अन्य बाहर से दरवाजा बंद कर के चले गए।"
पुरी शहर में झाड़ेश्वरी क्लब के पास स्थित पुलिस क्वार्टर में पीड़िता का कथित बलात्कार किया गया।

पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान पीड़िता ने एक आरोपी का बटुआ ले लिया था जिससे एक आरोपी का फोटो-पहचान पत्र और आधार कार्ड बरामद किया गया है। उसकी मदद से पुलिस ने एक आरोपी की पहचान कर ली है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहचाना गया आरोपी पुलिस कांस्टेबल है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
 

पुरी पुलिस अधीक्षक उमा शंकर दास ने कहा कि अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी हैं।

उन्होंने बताया कि इस घटना की जांच के लिए दो विशेष दस्ते बनाए गए हैं। पीड़िता और आरोपी कांस्टेबल को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक देश भर में वर्ष 2017 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,59,849 मामले दर्ज किए गए। 2015 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,29,243 मामले दर्ज किए गए थे।

और 2016 में 3,38,954 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार तीसरे साल वृद्धि हुई है।

सरकार इन अपराधों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित होती दिखाई दे रही है, वहीं पुलिस प्रशासन पर जनता का विश्वास डोलता नज़र आ रहा है। ऐसे में जाहिर है देश की आधी आबाधी किससे सुरक्षा और न्याय की आस लगाए?

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़े:  तेलंगाना से यूपी तक : कहां है बेहतर कानून व्यवस्था, कहां है महिला सुरक्षा?

Odisha
Puri
Police Man
Mehmood Ali
Telangana
UttarPradesh
Hyderabad
BJP
rape case
crimes against women
violence against women
sexual crimes
sexual violence
patriarchal society
male dominant society

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License