NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की
ज़ी न्यूज़ के प्राइम टाइम शो DNA के एक एपिसोड की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल पोस्ट के अनुसार, ‘कोलकाता के एक छोटे से गांव से हज़ारों हिंदू गायब हैं और 45 हिंदू मार दिए गए’. साथ ही पोस्ट में हमले के लिए रोहिंग्या मुसलमानों को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है.
कलीम अहमद
15 Jul 2021
म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

ज़ी न्यूज़ के प्राइम टाइम शो DNA के एक एपिसोड की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल पोस्ट के अनुसार, ‘कोलकाता के एक छोटे से गांव से हज़ारों हिंदू गायब हैं और 45 हिंदू मार दिए गए’. साथ ही पोस्ट में हमले के लिए रोहिंग्या मुसलमानों को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है.

कलकत्ता के एक छोटे गांव से एक हजार हिन्दू आदमी छोटे बच्चे तथा बड़े मिला कर गायब हो गए हैं 45 शव बरामद किए हैं रोहिंग्या मुसलमानों ने हिंदूओं का कत्ल कर दिया जी न्यूज की खबर सुने प्लीज रिट्वीट जरूर जरूर करें जिससे यह खबर शासन प्रशासन तक पहुंचे ?? pic.twitter.com/j4lT4QHLPa

— Alpana Tomar ???kattar Hindu Wadi ??? (@alpana_tomar) July 11, 2021

कलकत्ता के एक छोटे गांव से एक हजार हिन्दू आदमी छोटे बच्चे तथा बड़े मिला कर गायब हो गए हैं 45 शव बरामद किए हैं रोहिंग्या मुसलमानों ने हिंदूओं का कत्ल कर दिया जी न्यूज की खबर सुने प्लीज रिट्वीट जरूर जरूर करें जिससे यह खबर शासन प्रशासन तक पहुंचे ?? pic.twitter.com/UYWYUDZpHw

— Voice Of bengoli Hindu ? (@VBengoli) July 12, 2021

ये वीडियो ट्विटर और फ़ेसबुक दोनों पर काफ़ी वायरल हो रहा है. ऑल्ट न्यूज़ को भी अपने व्हाट्सएप नंबर (+91 76000 11160) पर दावे का सच जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.

image

image

वायरल वीडियो पर एक और हिंदी कैप्शन लिखा गया है. कैप्शन है- “कहीं पानी मिले तो डूब जाइए. यह उन हिंदुओं के लिए एक तमाचा है जो भाईचारे का नारा लगाते रहते हैं.”

म्यांमार के रखाइन प्रांत का पुराना वीडियो

क्लिप के पहले 20 सेकंड में सुधीर चौधरी कहते हैं कि उनके संवाददाता ने म्यांमार के रखाइन के एक गांव का दौरा किया, जिससे ये स्पष्ट होता है कि रिपोर्ट म्यांमार में नरसंहार पर है न कि कोलकाता के किसी छोटे से गांव के बारे में.

हमने कीवर्ड सर्च किया और हमें सितंबर 2017 में यूट्यूब पर अपलोड किए गए DNA शो का पूरा एपिसोड मिला.

रॉयटर्स के अनुसार, रखाइन के उत्तर में सामूहिक कब्रों में 45 हिंदू ग्रामीणों के शव मिले थे. सामूहिक कब्रों को तब खोजा गया जब नरसंहार के बारे में जानकारी मिली. ये जानकारी उन हिंदुओं से मिली जो हिंसा से बच गए थे और बांग्लादेश में शरण मांगी थी.

सरकार के मुताबिक, अगस्त 2017 में हिंसा भड़की थी जब रोहिंग्या मुस्लिम विद्रोहियों ने 30 पुलिस चौकियों और एक सैन्य शिविर पर हमला कर 12 लोगों को मार दिया था. इसके बाद अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (ARSA) के लगभग 100 बाग़ी ‘ये बाव क्या’ नामक हिंदू गांव पहुंचे जहां लोगों को उनके खेतों से भगाया गया और उन्हें मार डाला गया.

image

बांग्लादेश में रॉयटर्स के पत्रकारों ने गांव की हिंदू महिलाओं का इंटरव्यू लिया. महिलाओं ने कहा कि उनके पुरुष प्रियजनों को रखाइन बौद्धों द्वारा मार दिया गया था. हालांकि, उन्हीं महिलाओं में से तीन ने बाद में रॉयटर्स को बताया कि जो मुसलमान उन्हें बांग्लादेश लाए थे, उन्होंने ही उन्हें ये कहने के लिए कहा था कि ये हत्याएं बौद्धों ने की थीं.

रॉयटर्स के अनुसार, कुछ गांव वालों का कहना है कि रोहिंग्या विद्रोहियों को ये शक हुआ था कि हिन्दू सरकार के साथ हैं और सरकारी जासूसों के रूप में काम कर रहे हैं.

2018 में, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अधिक जानकारी के साथ एक रिपोर्ट पब्लिश की थी. इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि नए सबूतों से पता चलता है कि हत्याएं अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (ARSA) सेनानियों ने की थीं.

image

2012 में रखाइन प्रांत में बौद्धों और रोहिंग्या मुसलमानों के बीच हिंसा के बाद ASRA का गठन हुआ था. एमनेस्टी के पूर्व क्राइसिस रिस्पॉन्स डायरेक्टर तिराना हसन ने कहा, “ASRA के भयावह हमलों के बाद म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या आबादी के खिलाफ अभियान चलाया. दोनों की निंदा की जानी चाहिए – अगर किसी एक पक्ष ने मानवाधिकारों का उल्लंघन या बुरा व्यवहार किया है तो दूसरे पक्ष का भी वही रवैया हो, ये कहीं से भी उचित नहीं माना जा सकता है.”

इस तरह, ज़ी न्यूज़ की एक रिपोर्ट जो 2017 में म्यांमार के रखाइन राज्य में रोहिंग्या समूह द्वारा हिंदू ग्रामीणों की हत्या के बारे में थी, उसे कोलकाता के एक गांव में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा के रूप में शेयर किया गया.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

fact check
fake news
Zee News
DNA
Sudhir Chaudhury
communal politics
Religion Politics
Myanmar
Rohingya

Related Stories

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

अगर सरकार की नीयत हो तो दंगे रोके जा सकते हैं !

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है

‘हेट स्पीच’ के मामले 6 गुना बढ़े, कब कसेगा क़ानून का शिकंजा?

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

देश में पत्रकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकार, "बुराड़ी से बलिया तक हो रहे है हमले"

बुराड़ी हिन्दू महापंचायत: चार FIR दर्ज लेकिन कोई ग़िरफ़्तारी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License