NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पुस्तकें
साहित्य-संस्कृति
अंतरराष्ट्रीय
ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को बुकर पुरस्कार
जोखा अरबी भाषा की पहली लेखिका हैं जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। उनकी कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है जो दासता के अपने इतिहास से उबर कर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है।
एपी, भाषा
22 May 2019
जोखा अल्हार्थी (बाएं)
जोखा अल्हार्थी (बाएं)। फोटो साभार : Financial Times

लंदन : ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनकी किताब ‘कैलेस्टियल बॉडीज’ के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

यह कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है जो दासता के अपने इतिहास से उबर कर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है।

Celestial Bodies_0.jpg

(जोखा अल्हार्थी की किताब ‘कैलेस्टियल बॉडीज’,फोटो साभार : Evening Standard)

जोखा अरबी भाषा की पहली लेखिका हैं जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। वह पुरस्कार में मिली 50,000 पाउंड की राशि को ब्रिटेन की अनुवादक मैरीलिन बूथ के साथ साझा करेंगी।

पैनल की अगुवा एवं इतिहासकार बिटैनी हग्स ने मंगलवार को कहा कि जिस उपन्यास ने यह पुरस्कार जीता है, उसने दिल और दिमाग दोनों जीत लिया है।

‘कैलेस्टियल बॉडीज’ ने यूरोप और दक्षिण अमेरिका की पांच प्रविष्ठियों को पछाड़ कर यह पुरस्कार हासिल किया है।

Jokha Alharthi wins Man Booker International
Man Booker International
Booker Prize
Gulf author

Related Stories


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    उप्र चुनाव: आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है यह गाँव
    03 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार तेज़ी से चल रहा है पर एक ऐसा गाँव भी है जहाँ के लोगो को उम्मीदवारों के बारे में भी पता नहीं है। आखिर ऐसा क्यों है, आइये देखते हैं इस ग्राउंड रिपोर्ट में
  • hapur
    न्यूज़क्लिक टीम
    हापुड़ः चौधरी चरण सिंह के गांव नूरपुर ने भाजपा के ख़िलाफ़ कसी कमर, कहा, सुधारेंगे ग़लती
    03 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची हापुड़ में नूरपुर गांव, जो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का गांव है। यहां के लोगों ने भाजपा प्रचारकों को भगा दिया, उन पर FIR हुई, लेकिन वह…
  •  farm
    सुजॉय तरफ़दार
    उत्तर प्रदेश: मजबूर हैं दूसरे धंधों को अपनाने के लिए ढीमरपुरा के किसान
    03 Feb 2022
    झांसी में पाहुज इलाके के ज़्यादातर गांव वाले प्रवासी मज़दूरों में बदल गए हैं। क्योंकि उनकी ज़मीन साल के ज़्यादातर वक़्त पानी के भीतर रहती है। ऊपर से उनके पास यहां संचालित मत्स्य आखेटन का ठेका हासिल…
  • Aadiwasi
    राज वाल्मीकि
    केंद्रीय बजट में दलित-आदिवासी के लिए प्रत्यक्ष लाभ कम, दिखावा अधिक
    03 Feb 2022
    दलितों और आदिवासियों के विकास के सम्बन्ध में  सरकार की बातों में जो उत्सुकता दिखाई देती है, वह 2022-23 वित्तीय वर्ष के दलितों और आदिवासियों से सम्बंधित बजट में नदारद है।  
  • Goa election
    राज कुमार
    गोवा चुनाव: विधायकों पर दल-बदल न करने का दबाव बना रही जनता, पार्टियां भी दिला रहीं शपथ
    03 Feb 2022
    पिछले विधानसभा चुनाव में 17 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई थी। जबकि भाजपा ने 13 सीटें जीतकर भी सरकार बना ली थी। अंत तक आते-आते कांग्रेस के 12 विधायक भाजपा में ही शामिल हो गये। इस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License