NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उमर, महबूबा ने विपक्षी गठबंधन को ‘गुपकर गैंग’ कहने पर अमित शाह को लताड़ा
दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने ट्वीट कर कहा कि लगता है गृह मंत्री अमित शाह विपक्षी गठबंधन द्वारा संयुक्त रूप से डीडीसी चुनाव लड़ने के निर्णय से हताश हो गए हैं। साथ ही उन्होंने अमित शाह को बेरोज़गारी और मुद्रास्फ़ीति के ज्वलंत मुद्दों पर बात करने की सलाह दी है।
अनीस ज़रगर
18 Nov 2020
Translated by महेश कुमार
जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यधारा के राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए उनके गठबंधन को घाटी में "उथल-पुथल" के दौर को वापस लाने वाला "गिरोह" बताया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने इस तरह की हताशा भरी टिप्पणी करने पर उनकी तीखी आलोचना की है।

शाह ने अपनी कई ट्वीट्स के माध्यम से आरोप लगाया था कि जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय पार्टियां  "विदेशी ताकतों" से हस्तक्षेप करने की मांग कर रही हैं और उन्होने कांग्रेस पार्टी से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

“गुपकर गैंग अब वैश्विक हो रहा है! वे जम्मू और कश्मीर में विदेशी ताकतों का हस्तक्षेप चाहते हैं। गुपकर गैंग भारत के तिरंगे का भी अपमान करता है। क्या सोनिया जी और राहुल जी गुपकर गैंग की ऐसी चालों का समर्थन करते हैं? उन्हें भारत के लोगों के सामने अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए,” शाह ने उक्त बयानबाजी माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर की है।

अपनी दूसरी ट्वीट में, शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और "गुपकर गैंग" जम्मू-कश्मीर को "आतंक और उथल-पुथल" के उस युग में वापस ले जाना चाहते हैं, जिसे लोगों ने "अस्वीकार" कर दिया था।

भाजपा के वरिष्ठ नेता की इस तरह की टिप्पणी की, जबकि उनकी पार्टी आगामी 28 नवंबर से होने वाले जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के साथ टक्कर में आमने-सामने है, जम्मू-कश्मीर के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला, महबूबा सहित क्षेत्रीय राजनेताओं ने उनकी जमकर आलोचना की है।

"मैं माननीय गृह मंत्री के इस हमले के पीछे की हताशा को समझ सकता हूं।" क्योंकि उन्हें बताया गया था कि पीपुल्स अलायंस चुनावों का बहिष्कार करने की तैयारी कर रहा है। इससे  बीजेपी और राजा की नवगठित पार्टी को बिना किसी चुनौती के जम्मू-कश्मीर में जीत का परचम लहराने का मौका मिल जाता। उमर ने भाजपा मंत्री को जवाब देते हुए लिखा कि “हमने चुनाव न लड़ने की मेहरबानी नहीं की है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता ने भारतीय जनता पार्टी पर उनके गठबंधन को "गिरोह" करार देने के खिलाफ भाजपा के पूर्वाग्रह की जमकर आलोचना की है।

“केवल जम्मू और कश्मीर ही एक ऐसा राज्य है जिसमें राजनैतिक पार्टियों के नेताओं को हिरासत में लिया जा सकता है और उनके चुनाव में भाग लेने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर राष्ट्र-विरोधी कहा जाता सकता है। यद्द्पि सच्चाई यह है कि भाजपा की विचारधारा का विरोध करने वालों को असल में "भ्रष्ट और देशद्रोही" करार दिया जाता है। उमर ने कहा, अमित शाह जी ''''हम गैंग नहीं हैं, हम एक जायज राजनीतिक गठबंधन हैं जो चुनाव लड़ रहा हैं और आपकी आशा के विपरीत चुनाव लड़ रहे हैं।

उमर, पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर घोषणा (PAGD) का अंतरंग हिस्सा है, जो जम्मू-कश्मीर में  धारा 370 और राज्य के दर्जे की बहाली की मांग करने वाले सात दलों का गठबंधन है, एक ऐसा दर्जा जिसे 5 अगस्त 2019 को समाप्त कर दिया गया था। पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर घोषणा (PAGD) कश्मीर के "विशेष दर्जे" निरस्त करने के भाजपा सरकार के एकतरफा निर्णय का विरोध कर रहा है और तबसे भाजपा ने इसे सेंसर कर दिया है। पिछले साल अगस्त महीने से  राज्य के सभी वरिष्ठ राजनेताओं को साल भर के लिए नजरबंद कर दिया अब जब वे बाहर आए है तो उन्होने इस गठबंधन को बनाया है।

"पुरानी आदतें मुश्किल से जाती हैं। इससे पहले भी भाजपा विपक्ष को या उसका विरोध करने वालों को टुकड़े-टुकडे गिरोह कहती रही कि जो भारत की संप्रभुता को खतरे में डालना चाहते हैं और अब भाजपा जम्मू-कश्मीर के विपक्ष को गुपकर गैंग कहकर राष्ट्र विरोधी ताक़त के रूप में पेश कर रही हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा कि, ''झूठ लाखों मौत मरता है इसलिए वह भाजपा है जो खुद संविधान का उल्लंघन करती है।  

कई ट्वीट्स के माध्यम से महबूबा, जिन्हे नज़रबंदी से सबसे बाद में रिहा किया गया था ने भाजपा पर देश के विभाजन करने वाली दक्षिणपंथी पार्टी होने का आरोप लगाया है।

“भाजपा की देश को विभाजित करने वाली नीति जिसमें वे खुद को उद्धारक और राजनीतिक विरोधियों को आंतरिक और काल्पनिक शत्रु के रूप में पेश करते हैं वह भारत को विभाजित करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। महबूबा ने कहा कि राजनीतिक चर्चा में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई पर बात करने के बजाय टुकड़े-टुकड़े, लव जिहाद और अब गुप्कर गैंग प्रवचन पर अधिक हावी है।

कई लोगों ने उम्मीद जताई थी कि गुपकर गठबंधन के हस्ताक्षरकर्ता आगामी डीडीसी चुनावों में विरोध के रूप में भाग नहीं लेंगे, कुछ ऐसा जो चुनावी प्रक्रिया को नाजायज ठहरा देता।  हालांकि, राजनीतिक दलों ने यह कहते हुए इस चुनाव में शामिल होने की इच्छा जताई कि गठबंधन बीजेपी को "कोई खुली जगह नहीं देगा", भाजपा को ऐसी चुनौती जो पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर घोषणा (PAGD) के मुताबिक "प्रतीकात्मक" है।

पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर घोषणा (PAGD) या गुपकर आलायंस में फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा के नेतृत्व वाली पीडीपी और सजाद लोन के नेतृत्व वाली  पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (PC), अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस (ANC), जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (JKPM), कांग्रेस पार्टी और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) शामिल हैं। ये सभी दल आगामी डीडीसी चुनावों में बीजेपी से टक्कर लेंगे, पिछले साल धारा 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बड़ी चुनावी प्रक्रिया है जिसे विपक्ष सीट साझा कर लड़ रहा है।

Amit Shah
Gupkar Declaration
mehbooba mufti
omar abdullah
Modi Govt
J&K

Related Stories

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

मोदी सरकार 'पंचतीर्थ' के बहाने अंबेडकर की विचारधारा पर हमला कर रही है

लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा

ज्ञानवापी, ताज, क़ुतुब पर बहस? महंगाई-बेरोज़गारी से क्यों भटकाया जा रहा ?


बाकी खबरें

  • हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
    02 Jun 2021
    सीटू राज्य कमेटी ने कोरोना के कारण मासिक किस्त न चुका पाने वाले संचालकों की गाड़ियों को सरकारी, निजी बैंकों व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा जब्त करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे अमानवीय करार दिया…
  • rbi
    अजय कुमार
    आरबीआई तो सरकार को बचा रहा है लेकिन क्या सरकार भी आरबीआई को बचा रही है?
    02 Jun 2021
    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 99,122 करोड़ रुपये भारत सरकार को अपने सरप्लस से देने का एलान किया है। ...जिस तरह से नोटबंदी के लिए आरबीआई को पूरी तरह से अनसुना कर फैसला लिया गया, उसी तरह का संबंध सरकार और…
  • बिहार : पंचयती चुनाव टले लेकिन पंचायतों की ज़िम्मेदारी अधिकारियो को सौंप जाने को लेकर विपक्ष का विरोध
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : पंचयती चुनाव टले लेकिन पंचायतों की ज़िम्मेदारी अधिकारियों को सौंप जाने को लेकर विपक्ष का विरोध
    02 Jun 2021
    बिहार में कोरोना संक्रमण को देखते हुए पंचायत चुनाव को टाल दिया गया है। लेकिन बिहार सरकार के इस निर्णय को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है सरकार आपद में अवसर देखकर सारी शक्ति अपने पास ले…
  • सोनिया यादव
    यूपी: कस्तूरबा विद्यालयों में 9 करोड़ का कथित घोटाला, बेसिक शिक्षा मंत्री की बर्ख़ास्तगी की मांग
    02 Jun 2021
    कोरोना संकट के दौरान राज्य में जब ये स्कूल बंद थे, तब भी सरकारी अधिकारी खर्च दिखाकर पैसे निकालते रहे। कुल 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के खातों से साल 2020-21 के सत्र के लिए तकरीबन 9 करोड़…
  • अवनि बंसल
    काफ़ी नहीं है रामदेव की माफ़ी, दंडनीय अपराध है उनका एलोपैथी पर दिया बयान
    02 Jun 2021
    अवनि बंसल लिखती हैं योग गुरू और व्यापारी बाबा रामदेव ने हाल में एलोपैथी को खारिज़ करते हुए विवादास्पद बयान दिया था। लेकिन अपने बयान से वापस जाते हुए सिर्फ़ माफ़ी मांगना ही काफ़ी नहीं है। अवनि बंसल उन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License