NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ओमिक्रॉन: प्राथमिक अध्ययन के मुताबिक दोबारा हो सकता है कोरोना संक्रमण
एंटीबॉडी, ओमिक्रॉन पर कैसे हमला करती हैं, अभी इसे देखने के लिए परीक्षण चल रहे हैं और आने वाले हफ़्ते में इनके जारी होने की संभावना है।
संदीपन तालुकदार
07 Dec 2021
Omicron
Image Courtesy: IANS

अब ओमिक्रॉन वेरिएंट को आए हुए दस से ज्यादा दिन हो चुके हैं। दुनिया इसके खतरे को समझने की कोशिश कर रही है। एक मुख्य चिंता यह समझने की रही है की क्या नया वेरिएंट दोबारा कोरोना का संक्रमण फैला सकता है या नहीं। मतलब यह उन लोगों को हो सकता है या नहीं जिन्हें यह पहले ही हो चुका है। 

दोबारा संक्रमण होना प्राथमिक संकेत होगा कि नए वेरिएंट में पहले के संक्रमण से पैदा हुई प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता से बचने की ताकत मौजूद है।

दक्षिण अफ्रीका में हुए हालिया सर्वे में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे लगता है कि यह हमारी प्राकृतिक निरोधक क्षमता को पार कर सकता है। हालांकि यह जल्दी का विश्लेषण है और अब इसकी ठीक से पुष्टि होना बाकी है। यह भी बताते चलें कि प्राथमिक विश्लेषण वैक्सीन से मिली सुरक्षा के इस वेरिएंट द्वारा पार करने पर कुछ नहीं कहता। बता दे विश्व स्वास्थ्य संगठन अब भी अपने अपडेट में लिख रहा है कि वेरिएंट द्वारा प्रतिरोधक क्षमता को पार करने संबंधी प्रयोग अभी जारी है। संगठन ने अब तक ठोस ढंग से कुछ नहीं कहा है।

नया वेरिएंट 30 से ज्यादा देशों में फेल चुका है। दक्षिण अफ्रीका में वैज्ञानिक वायरस के स्रोत (पहले मामले) कप्ता लगाने की कोशिश में 36000 मामलों का परीक्षण कर चुके हैं जिन्हें दोबारा संक्रमण हुआ था। वे फिर से संक्रमण होने की दर में आए बदलाव को भी देख रहे हैं। ध्यान रहे डेल्टा और बीटा वेरिएंट के चलते आई कोरोना लहरों में दोबारा संक्रमण का खतरा नहीं था।

दिलचस्प है कि यह तब पाया गया जब कुछ प्रयोगशालाएं कह रही थीं कि बीटा और डेल्टा वेरिएंट में प्रतिरोधक क्षमता को पार करने की शक्ति है।

लेकिन अब पहले संक्रमित हो चुके लोगों में फिर से कोरोना संक्रमण होने की दर बढ़ने लगी है। हालांकि इसे हर मामले का परीक्षण नहीं किया गया है, पर नए वेरिएंट के आने का वक्त संकेत देता है कि इस उछाल के पीछे नया वेरिएंट हो सकता है।

दक्षिण अफ्रीका में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए परीक्षण प्रिप्रिंट्र सर्वर medRxiv में 2 दिसंबर को प्रकाशित हुए थे।अनुमान बताते हैं कि नया वेरिएंट पुराने वेरिएंट की तुलना में दोगुनी ताकत से, पहले संक्रमित रह चुके लोगों में संक्रमण फैला सकता है।

अध्ययन के मुख्य लेखक और स्टेलेंबोस्क यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर, जूलियट पुलियाम ने टिप्पणी करते हुए कहा, "इन खोजों से पता चलता है कि ओमिक्रोन द्वारा संक्रमण फैलाने की उन्नत अवस्था इस तथ्य से ज्यादा बेहतर होती है कि यह पहले संक्रमित रह चुके लोगों में दोबारा फैल सकता है।" लेकिन यह सिर्फ प्राथमिक है और वेरिएंट की एक बड़ी पहेली में छोटा सा हिस्सा है। 

लेकिन अब भी सवाल बरकरार है कि कितनी प्रतिरोधक क्षमता घटने के बाद इसके दोबारा संक्रमण के फैलने की संभावना बनती है और अब कोई नया वेरिएंट कितनी हद तक प्रभावित कर सकता है। ऊपर से यह सिर्फ तेजी से किया गया विश्लेषण है, वह भी उस देश में जहां एचआईवी के मामले बहुत ज्यादा हैं। इससे भी समग्र रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। तो यह जानकारी क्या पूरी दुनिया पर लागू हो सकती है या नहीं, यह देखा जाना बाकी है।

एंटीबॉडी इस वेरिएंट पर कितने प्रभावी ढंग से हमला कर सकते हैं इसे परखने के लिए अभी प्रयोग जारी है और कुछ हफ्तों में इसके नतीजे आ सकते हैं।

अहम बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका में टीकाकरण की दर भी कम है। अब तक सिर्फ 24 फीसदी लोगों का ही पूर्ण टीकाकरण हो पाया है। शोधार्थियों ने कहा है कि उनकी खोज के नतीजे दक्षिण अफ्रीका की तरह के देशों के लिए लागू हो सकते हैं। लेकिन जूलियट ने साफ कहा है कि वे इस वेरिएंट की वैक्सीन को धता बताने की क्षमता पर कुछ नहीं कह सकते।

ईस्ट एंगलिया यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर पॉल हंटर ने टिप्पणी में कहा, "इस पेपर का नतीजा यह है कि इसके संकेत मिलते हैं कि ओमिक्रोन एक हद तक प्राकृतिक और संभावित तौर पर वैक्सीन द्वारा पैदा की हुई प्रतिरोधक क्षमता से पार पा सकता है। लेकिन अभी यह हद क्या है, वह तय नहीं हो पाया है। हालांकि यह संदेहास्पद है कि ओमिक्रोन पूरी तरह प्रतिरोधक क्षमताओं को पार कर पाएगा।

ज्यादातर वैज्ञानिकों मानना है कि हो सकता है कि वैक्सीन भले ही व्यक्ति में इसका संक्रमण होने से ना रोक पाएं, पर वे इस संक्रमण से गंभीर बीमारी और मौत के खतरे को रोक पाएंगी।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Omicron: Re-infection Possible as per Preliminary Study

Omicron
Re-infection by Omicron
South Africa Study
Covid vaccines
Immunisation
Vaccinations

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन के स्ट्रेन BA.4 का पहला मामला सामने आया 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 4,194 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटो में 71,365 नए मामले, 1,217 मरीज़ों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1.28 लाख नए मामले, 1,059 मरीज़ों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 5 लाख के पार

कोरोना अपडेट: देश में 1.67 लाख से अधिक नए मामले,1192 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2 लाख से ज़्यादा नए मामले, 959 मरीज़ों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.5 लाख नए मामले, 627 मरीज़ों की मौत

क्या हम कोविड-19 महामारी से मुक्ति की ओर हैं?

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.86 लाख नए मामले, 573 मरीज़ों की मौत


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License