NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी के इस्तीफे की मांग वाली ऑनलाइन याचिका पर रातोंरात 4 लाख से अधिक हस्ताक्षर!
चार लाख से अधिक नागरिकों को चेंज डॉट ओआरजी याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित किया है, जिसमें मांग की गई है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे नागरिकों की जान बचाने में विफल साबित हो रहे हैं और इसी वजह से विदेशी मीडिया में छाए हुए हैं।
सबरंग इंडिया
03 May 2021
मोदी

पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार के बाद याचिका में केंद्र से मोदी शासन को हटाने की मांग की गई है। चेंज डॉट ओआरजी की याचिका में मांग की गई है कि प्रधान मंत्री कोविड -19 संकट से बचने के कुप्रबंधन की जिम्मेदारी लें
 
सोशल मीडिया पर आए दिन #resignmodi को ट्रेंड कर रहा है, क्योंकि मोदी सरकार द्वारा कोविड की दूसरी लहर के दौरान नागरिकों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया लगता है। नागरिक जिन्हें कोविड -19 है, या परिवार के सदस्यों को परेशानी है वे सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन, अस्पताल के बेड, एम्बुलेंस, दवाइयों, यहां तक ​​कि भोजन के लिए भी सामाजिक संगठनों, नागरिकों के समूहों से अपील कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोगों ने नागरिकों से सहायता और समर्थन पाया है, कई और दुर्भाग्य से मदद पहुंचने से पहले ही मर गए।


 
यहां तक कि कुछ राजनेता भी हैं जो राज्य या केंद्र सरकारों में इस समय सत्ता में नहीं हैं, वे सोशल मीडिया पर इस तरह के SOS कॉल को बढ़ाते हैं, और स्वयंसेवकों आदि को व्यवस्थित करते हैं। कई कांग्रेस से संबंधित हैं, कुछ स्वतंत्र हैं और खुद को सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बताते हैं, और इसी तरह के वॉलंटियर्स में कुछ ऐसे भी हैं जो भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा हैं, लेकिन चुने हुए प्रतिनिधि नहीं हैं।
 
शायद यह त्याग की भावना है जिसने चार लाख से अधिक नागरिकों को चेंज डॉट ओआरजी याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित किया है, जिसमें मांग की गई है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे नागरिकों की जान बचाने में विफल साबित हो रहे हैं और इसी वजह से विदेशी मीडिया में छाए हुए हैं।
 
यह याचिका "चिंतित भारतीय युवा" के रूप में पहचान बताने वाले मृणाल मथुरिया द्वारा शुरू की गई है। इसे 1 मई को Change.org पर अपलोड किया गया था। इसमें विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में, सोशल मीडिया पर और व्यक्तिगत मैसेज के रूप में, देश भर में हस्ताक्षर करने की अपील की गई है। मथुरिया का आह्वान है, ''हम अब पीछे नहीं हटेंगे। यह हमारे प्रधानमंत्री के बहरे कानों तक पहुंचना चाहिए।” 
 
पश्चिम बंगाल में भाजपा की विफलता के मद्देनजर, याचिकाकर्ताओं ने यह कहते हुए मांग को अपडेट किया है कि, "बंगाल ने मोदी को बाहर कर दिया है, हमें उन्हें केंद्र से बाहर निकालने की जरूरत है।"

Narendra modi
Demand for Modi's resignation
Modi government
Online petition

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License