NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया
अर्थव्यवस्था
ऑस्ट्रेलिया के विवादित कोयला खदान में अडानी को हरी झंडी
कंपनी को यह आख़िरी क़ानूनी अनुवंती तो मिल गई है लेकिन अभी वहाँ के पर्यावरणविद और सिविल सोसायटी के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Jun 2019
Adani
प्रतीकात्मक तस्वीर

अडानी समूह ने बृहस्पतिवार को ऑस्ट्रेलिया की विवादित कर्माइकल कोयला खदान परियोजना पर काम शुरू करने की आख़िरी मंज़ूरी मिल गई। वहाँ की सरकार ने अडानी समूह का भूजल आधारित ईकोसिस्टम मैनेजमेंट प्लान मंज़ूर कर लिया है। समूह की कर्मिकाइल खदान से पर्यावरण को नुक़सान होने का दावा करते हुए विरोध-प्रदर्शन हुए थे। यह पिछले महीने हुए ऑस्ट्रेलिया के संघीय चुनावों में मुद्दा भी बना था।

कंपनी को यह आख़िरी क़ानूनी अनुवंती तो मिल गई है लेकिन अभी वहाँ के पर्यावरणविद और सिविल सोसायटी के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  
कई अरब डॉलर के अडानी समूह की यह परियोजना लंबे समय से अटकी थी। उसे यह अंतिम अनुमति ऑस्ट्रेलिया में चुनाव के बाद मिली है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन की जीत हुई है। उन्हें कोयला खदान मालिकों का समर्थक माना जाता है। 

अडानी ग्रुप ने यह कोयला खदान ऑस्ट्रेलिया में 2010 में ख़रीदी थी। इस प्रोजेक्ट से सालाना 8-10 मिलियन टन कोयला उत्पादन की योजना है। लेकिन इससे गंभीर पर्यावरण नुक़सान होने की भी आशंका है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि अगर इस खदान को मंज़ूरी मिली तो जो कई अन्य खदान हैं उनके लिए भी रास्ता साफ़ हो जाएगा। जो कि पर्यावरण के लिए विनाशकारी होगा।

इस खदान को मंज़ूरी देने के ऑस्ट्रेलिया सरकार के फ़ैसले पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े वहाँ के लोगों ने नाराज़गी जताई है। ऑस्ट्रेलियन मरीन कंज़र्वेशन सोसायटी का कहना है कि वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल ग्रेट बैरियर रीफ़ के लिए यह बुरी ख़बर है। गैलिली बेसिन में कोल प्रोजेक्ट से ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ेगी। यह रीफ़ के भविष्य के लिए ख़तरा है।

इससे पहले 31 मई को क्वींसलैंड राज्य सरकार ने कंपनी की विलुप्त प्राय, काली गर्दन वाले फिंच पक्षी के संरक्षण की योजना को मंज़ूरी दे दी थी। यह खनन परियोजना क्षेत्र पर कंपनी की अहम पर्यावरण सुरक्षा योजना का हिस्सा है।

इस परियोजना पर काम शुरू करने को लेकर अडानी समूह के सामने फिंच पक्षी का संरक्षण और भूजल का प्रबंधन ही दो प्रमुख बाधाएँ थीं। कंपनी के खनन स्थल पर कुछ दिनों में निर्माण शुरू करने की उम्मीद है।

राज्य के पर्यावरण एवं विज्ञान विभाग ने एक बयान में कहा कि उसने समूह द्वारा कुछ ही दिन पहले उपलब्ध करायी गयी एकदम नयी योजना को स्वीकार कर लिया है। विभाग ने कहा कि यह योजना बेहतर आंकलन और सबसे अच्छे उपलब्ध वैज्ञानिक समाधान पर आधारित है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ इससे पहले कंपनी ने भूजल प्रबंधन की दर्जन भर योजनाएँ विभाग को सौंपी थीं। लेकिन उनमें से किसी को भी मंज़ूरी नहीं मिली।

बता दें कि इस परियोजना से कई पक्षी, छिपकली और सांप विलुप्त हो सकते हैं।

अडानी के इस  प्रोजेक्ट को ऑस्ट्रेलिया कोर्ट में चुनौती मिली थी। कोर्ट को दी गई जानकारी के मुताबिक़ अडानी के इस कर्माइकल परियोजना से यक्का स्किंक (छोटी छिपकली) और सजावटी सर्प प्रजातियों के विलुप्त होने के ख़तरे की बात सामने आई है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Adani
australia
Protest
Adani Power
adani group
international
coal mines
Coal mining

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

"हसदेव अरण्य स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल"

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

कोयले की कमी? भारत के पास मौजूद हैं 300 अरब टन के अनुमानित भंडार

बिहार : सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने सिर मुंडन करवाया

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

लखीमपुर खीरी कांड में एक और अहम गवाह पर हमले की खबर  

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 11,499 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत
    26 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.28 फ़ीसदी यानी 1 लाख 21 हज़ार 881 हो गयी है।
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, पांचवां चरण: अयोध्या से लेकर अमेठी तक, राम मंदिर पर हावी होगा बेरोज़गारी का मुद्दा?
    26 Feb 2022
    पांचवें चरण के चुनावों में अयोध्या, प्रयागराज और चित्रकूट.... तीन-तीन धर्म नगरी शामिल हैं, जो हमेशा से चुनावों में भाजपा का बड़ा हथियार रही हैं, इसके बावजूद इस बार बेरोज़गारी और महंगाई भाजपा के लिए…
  • pak
    श्रिया सिंह
    पाकिस्तानी छात्रों का छात्र संगठन पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष को सिंह प्रांत में मिली बड़ी जीत
    26 Feb 2022
    क़रीब 38 साल पहले जनरल ज़िया उल हक़ की सैन्य तानाशाही सरकार के दौरान छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब अगर सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल सिंध स्टूडेंट यूनियंस बिल 2019 पर हस्ताक्षर कर देते हैं…
  • human
    संदीपन तालुकदार
    सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री बनने से आसान हुई पलायन और वंशावली की खोज
    26 Feb 2022
    शोधकर्ताओं ने जेनेटिक्स का इस्तेमाल कर अब तक का सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री तैयार किया है। इसके बनने से पूर्वजों की जानकारी और अभी जो ज़िंदा हैं उनसे उनके संबंधों के बारे में जानकारी मिलना आसान हो गया है।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: उत्तर प्रदेश का आधे से ज़्यादा रास्ता तय, मणिपुर में भी वोट की जंग
    25 Feb 2022
    इस बार उत्तर ही नहीं पूर्वोत्तर में भी वोट की जंग है। उत्तर प्रदेश अपने चार चरण पूरे कर चुका है और 27 फरवरी को पांचवें चरण का वोट करेगा, जबकि पूर्वोत्तर का अहम राज्य मणिपुर पहले चरण के मतदान के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License