NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
#PadWaliTrain : महिला यात्रियों के लिए ट्रेनों में हो सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और अलग शौचालय
14 घंटे लंबी उस ट्रेन यात्रा में अचानक मेरी पीरियड (माहवारी) शुरू हो गई। मैं इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी, मेरे पास पैड भी नहीं था। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे कपड़ों पर दाग लगे।
तन्वी मिश्रा
23 Jan 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: Change.org

“दीदी, आपके पास पैड होगा क्या?”

“मेरे पास तो नहीं है, तुम्हें लेकर चलना चाहिए ना!”

“लेकर चलती हूँ पर…”

“ट्रेन में पैड कहाँ मिलेगा तुम्हें! ये टिशू पेपर रख लो।”

मुझे आज भी वो छोटा सा संवाद और वो ट्रेन की यात्रा याद है। एक यात्रा, जिसमें मैं एक बोरी की तरह ट्रेन सीट के कोने में जाकर दुबक गई थी। अपने पूरे जीवन में मैं कभी इतनी असहाय और मजबूर नहीं हुई, जितनी उस ट्रेन में हुई थी।

14 घंटे लंबी उस ट्रेन यात्रा में अचानक मेरी पीरियड (माहवारी) शुरू हो गई। मैं इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी, मेरे पास पैड भी नहीं था। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे कपड़ों पर दाग लगे।

उस ट्रेन में सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीन भी नहीं थी, जिससे मैं उस स्थिति से निपट सकती। मैंने किसी तरह रुमाल और उन कुछ टिशू पेपरों की मदद से खून रोका, और चुपचाप जाकर सीट के कोने में बैठ गई।

ट्रेन किसी स्टेशन पर रूकती तो मेरी साँस रुक जाती। मैं बस यही दुआ कर रही थी कि कितनी जल्दी ये सफर खत्म हो, सब लोग ट्रेन से निकलें और मैं अपनी सीट से उठ सकूँ।

मैं जानती हूँ कि अनगिनत महिलाएं मेरी स्थिति को समझ रही होंगी, वो मेरा दर्द समझ रही होंगी। महिलाएं अपनी पीरियड का समय नहीं तय कर सकतीं, काश हम कर सकते पर ये संभव नहीं। लेकिन हम पीरियड के लिए तैयार तो रह सकते हैं।

पीरियड के लिए तैयार रहना संभव है, खासकर ट्रेन यात्राओं के दौरान, अगर भारतीय रेलवे हमारी थोड़ी सी मदद कर दे। रेलवे को कुछ बड़ा नहीं करना, बस महिलाओं के हितों के लिए कुछ फैसले लेने हैं। रेलवे के एक कदम से लाखों-करोड़ों महिला यात्री राहत की साँस लेंगी।

मैंने उन लाखों-करोड़ों महिलाओं को राहत की सांस दिलाने के लिए ये पेटीशन शुरू किया है। इसपर हस्ताक्षर करें और आइये मौजूदा रेल मंत्रालय या चुनावों के बाद बनने वाले रेल मंत्रालय से कहें कि महिला यात्रियों के लिए:

  • सभी ट्रेनों में सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीन हो।
  • ट्रेनों में अलग से शौचालयों की व्यवस्था की जाए।
  • शौचालयों में पैड बदलने और फेंकने की साफ-सुथरी व्यवस्था हो।
  • इन सारी सुविधाओं के बारे में विज्ञापन जारी किए जाएं ताकि पीरियड (माहवारी) के प्रति जागरुकता फैले।

आप खुद को मेरी जगह पर रखिए, सोचिए कि बिना हिले-डुले, डर से सहमकर एक जगह बैठना कैसा होता है। एक यात्री के रूप में महिलाओं से जुड़ी ये समस्या हज़ार गुना बड़ी हो जाती है।

हम स्टेशन पर उतरकर पैड तो खरीद नहीं सकते। अगर किसी भी महिला को ट्रेन में पीरियड आती है और ट्रेन में पैड की सुविधा हो तो देश की कितनी महिलाओं को इससे लाभ होगा।

ट्रेन के शौचालय भी महिलाओं के लिए कम समस्या नहीं हैं। कई बार तो शौचालय इतने गंदे होते हैं कि महिलाएं उसमें जाने से कतराती हैं। और मैंने कितनी महिलाओं को देखा है कि वो शौच को रोककर रखती हैं क्योंकि शौचालयों के पास पुरुषों की भीड़ होती है।

महिलाओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा हमें एक सुरक्षा और प्रइवेसी का एहसास देगी, ये हमारे लिए बहुत बड़ी राहत होगी।

मैं जानती हूँ कि बहुत सारी महिलाएं अपना सिर हिला रही होंगी कि मैंने जो लिखा है वो बिल्कुल होना चाहिए। पर अब सिर हिलाने से नहीं, व्यवस्था को हिलाने से काम होगा। मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और इसे शेयर कर इस जन अभियान का हिस्सा बनें।

2019 के चुनाव सामने हैं और महिला सशक्तिकरण का नारा गली-गली में लगेगा। हम और आप मिलकर सुनिश्चित करें कि ये नारा, हकीकत में बदले। आइये साथ मिलकर कोशिश करें कि इस सरकार या आने वाली सरकार के लिए महिलाओं से जुड़ा ये मुद्दा प्राथमिकता बने।

समस्या ये भी है कि चुनावों के समय महिला सशक्तिकरण का खूब नारा लगता है और बाद में सारे वादे और इरादे हवा हो जाते हैं। इसबार ऐसा ना हो इसलिए हम सबको मिलकर, महिला हो या पुरुष, सबको साथ आना होगा।

आप किसी भी महिला से पूछिए कि मेरी मांग पूरी होनी चाहिए तो वो हाँ ही कहेगी। मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और इसे नेताओं से शेयर करें ताकि वो भी कहें कि ये होना चाहिए।

मैं तो सपने में भी नहीं सोच सकती कि जो मेरे साथ हुआ वो मेरी किसी बहन के साथ हो।

मेरा साथ दें ताकि भारतीय रेल और सभी दलों के नेता हमारी मांगों के प्रति संवेदना दिखाएं और इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाएं।

#PadWaliTrain ताकि ट्रेन से यात्रा करने वाली हर महिला सशक्त हो। वो बिना किसी दाग के डर के, खुशी से और चैन और सुकून से अपना सफर पूरा करे।

#SheVotes2019

(तन्वी मिश्रा ने रेल मंत्री पीयूष गोयल और पांच अन्य को संबोधित करते हुए ये ऑनलाइन पेटीशन शुरू की है।)  

#PadWaliTrain
Women Rights
Women
sanitary pad
#SheVotes2019
Toilets
Sanitary pad vending machine
Women's Toilets
railway minister
rail minister Piyush Goyal

Related Stories

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

5 वर्ष से कम उम्र के एनीमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, 67 फीसदी बच्चे प्रभावित: एनएफएचएस-5

मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे

मदर्स डे: प्यार का इज़हार भी ज़रूरी है

पिछले 5 साल में भारत में 2 करोड़ महिलाएं नौकरियों से हुईं अलग- रिपोर्ट

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License