NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेपर लीक : प्रोफेसर ने एबीवीपी छात्र को किया पीएचडी प्रवेश प्रश्नपत्र लीक!
विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह की किसी भी गड़बड़ी से इंकार कर रहा है, लेकिन छात्र इसकी जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Feb 2019
HCU
Image Coutesy: The News Minute

हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में एक सहायक प्रोफेसर ने कथित तौर पर पीएचडी की प्रवेश परीक्षा 2018, का एक प्रश्न पत्र एबीवीपी से जुड़े एक व्यक्ति के पक्ष में लीक किया है। यह खबर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है, और इस संदेश को को देते हुए कई पोस्टर विश्वविद्यालय परिसर के अंदर कई स्थानों पर चिपकाए गए हैं।

विश्वविद्यालय के छात्रों ने पिछले हफ्ते इस मामले की जांच की मांग करते हुए एक विरोध प्रदर्शन किया।

पोस्टर में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक विज्ञान प्रवेश प्रश्न पत्र 2018-19 में सहायक प्रोफेसर डॉ० वीरबाबू द्वारा कुछ दक्षिणपंथी छात्रों को परीक्षा से पहले लीक किया गया था। एक पोस्टर में यह भी आरोप है कि कुलपति डॉ० वीरबाबू इस घटना को बाहर लाने वाले के वाले व्यक्ति के साथ समझौता करने के लिए कह रहे हैं। बिना किसी नाम के पोस्टरों का शीर्षक "लीक लीक लीक" है, जो नीचे लिखे प्रश्न के साथ है: "क्या हम न्याय पाने जा रहे हैं?"

HCU 1.JPG

परीक्षा नियंत्रक देवेश निगम ने परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया और पोस्टरों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया।निगाम ने फोन पर न्यूजक्लिक को बताया, "परीक्षा आठ महीने पहले 5 जून 2018 को आयोजित की गई थी, और जो आरोप लगाए गए हैं, वे कल्पना से परे हैं।" उन्होंने कहा कि पोस्टरों पर कोई सबूत नहीं है, पोस्टरों में कोई हस्ताक्षर या प्रामाणिकता नहीं है।

राजनीति विज्ञान विभाग के एक छात्र, जो नामांकित होना चाहते थे, उन्होंने न्यूज़क्लिक को  बताया कि विभाग ने इस मामले को देखने के लिए एक समिति का गठन किया था।

लीक की जांच के लिए एक समिति के गठन के बारे में पूछे जाने पर, निगम ने कहा कि उनका कार्यालय ऐसी किसी भी समिति से अनभिज्ञ है।

विभाग के प्रमुख से संपर्क करने कि हमारी सारी कोशिश नाकाम रही ।

चयनित छात्रों कि लिस्ट विश्वविद्यालय के वेवसाइट से हटा ली गई हैं ।

hcu 3.JPG

सवाल में प्रोफेसर, डॉ० वीरबाला 2017 में विश्वविद्यालय में शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, वीरबाला उस्मानिया विश्वविद्यालय में अपने छात्र जीवन के दौरान दक्षिणपंथी छात्रों संगठन एबीवीपी के सदस्य थे।

 

2018 Entrance Exam
Department of Political Science
Leak
ABVP
HCU

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !

जेएनयू छात्र झड़प : एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License