NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से बिक्री घटी, झारखंड में 1 अक्टूबर को हड़ताल
"हमने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक अक्टूबर को हड़ताल का आह्वान किया है। झारखंड में 1195 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 500 ने बिक्री में गिरावट दर्ज की है।"
आईएएनएस
17 Sep 2018
पेट्रोल पंप
फोटो : साभार

रांची। झारखंड पेट्रोल एवं डीजल एसोसिएशन ने ईंधन कीमतों में वृद्धि के खिलाफ एक अक्टूबर को हड़ताल का आह्वान किया है। संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा, "हमने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक अक्टूबर को हड़ताल का आह्वान किया है। झारखंड में 1195 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 500 ने बिक्री में गिरावट दर्ज की है।"

उन्होंने कहा, "राज्य में करीब 50,000 से 60,000 किलोलीटर डीजल की बिक्री घटी है। इससे पहले यह दो लाख लीटर रही है।"

एसोसिएशन ने मूल्यवर्धित कर (वैट) में कमी की मांग की है।

झारखंड में वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमश: 80.80 रुपये और 77.85 रुपये प्रति लीटर हैं, जिसमें 22 फीसदी वैट है।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से 20 सितंबर को मुलाकात का समय मांगा है।

बीते सप्ताह मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा था कि डीजल पर वैट में कमी करना संभव नहीं है, क्योंकि यहां से मिला धन विकास कार्यो पर खर्च होता है।

तेल की बढ़ती कीमतों से रांची बस एसोसिएशन को किराया बढ़ाकर 30 रुपये तक करने को बाध्य होना पड़ा है।

आपको बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके खिलाफ बीते 10 सितंबर को लेफ्ट और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने भारत बंद किया था।

Petrol-Diesel Price Hike
strike
Jharkhand

Related Stories

झारखंड: बोर्ड एग्जाम की 70 कॉपी प्रतिदिन चेक करने का आदेश, अध्यापकों ने किया विरोध

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

झारखंड की खान सचिव पूजा सिंघल जेल भेजी गयीं

झारखंडः आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी दूसरे दिन भी जारी, क़रीबी सीए के घर से 19.31 करोड़ कैश बरामद

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

आदिवासियों के विकास के लिए अलग धर्म संहिता की ज़रूरत- जनगणना के पहले जनजातीय नेता

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

झारखंड: पंचायत चुनावों को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

झारखंड : हेमंत सोरेन शासन में भी पुलिस अत्याचार बदस्तूर जारी, डोमचांच में ढिबरा व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या 


बाकी खबरें

  • भाषा
    दिल्ली विधानसभा : भाजपा के दो विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला
    29 Mar 2022
    दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों द्वारा कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए जाने के दौरान कथित रूप से व्यवधान डालने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक…
  • नाइश हसन
    सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...
    29 Mar 2022
    बीजेपी ने कभी मुस्लिम जनसंख्या के हिसाब से उसे नुमाइंदगी देने या उनके संपूर्ण विकास के लिए काम नहीं किया। बस पिक एण्ड चूज के आधार पर कुछ मुसलमान जो मुसलमानों के ही ख़िलाफ़ खुल कर खड़े हो सकें बस उनको…
  • अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
    एक देश एक चुनाव बनाम लोकतांत्रिक सरोकार
    29 Mar 2022
    लगातार होने वाले चुनावों ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को फलने-फूलने का मौका प्रदान किया है और उनकी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पटल पर एक महत्व दिया है, और इस प्रकार से भारत में…
  • उपेंद्र स्वामी
    श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़
    29 Mar 2022
    दुनिया भर की: यह कोई आकस्मिक घटनाक्रम नहीं है। कोविड के दौर ने इसकी रफ़्तार और मार को भले ही थोड़ा तेज़ बेशक कर दिया हो लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही नीतियों का नतीजा है। यह संकट उन तमाम…
  • प्रेम कुमार
    विश्लेषण: दिल्ली को सिंगापुर बनाने के सपने में आंकड़ों का फरेब
    29 Mar 2022
    अगर 5 साल बाद दिल्ली में रोजगार का स्तर 45 फीसदी के स्तर तक ले जाना है तो इसके लिए कम से कम 1.63 करोड़ लोगों के पास रोजगार रहना चाहिए। ऐसा तभी संभव है जब इन पांच सालों में 63 लाख अतिरिक्त लोगों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License