NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पहलू खान को पुलिस से नहीं मिला न्याय, मरते वक्त जिन गौरक्षकों के नाम बताए थे पुलिस ने 6 को हटाया
गौरक्षकों के हमले के शिकार पहलू खान ने मरते वक्त जिन छह लोगों के नाम लिए थे उसे राजस्थान पुलिस ने क्लीन चिट दे दी।
सबरंग इंडिया
15 Sep 2017
पहलू खान

गौरक्षकों के हमले के शिकार पहलू खान ने मरते वक्त जिन छह लोगों के नाम लिए थे उसे राजस्थान पुलिस ने क्लीन चिट दे दी। बता दें कि गाय ले जाते वक्त गौरक्षकों ने पहलू खान को पीट-पीट कर मार डाला था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान पुलिस ने दुग्ध का कारोबार करने वाले गौरक्षकों के शिकार किसान पहलू खान द्वारा जिन छह लोगों के नाम बताए गए थे उससे संबंधित जांच को बंद कर दिया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस वालों समेत गवाहों ने कहा कि आरोपियों मेें से कोई भी घटना के समय मौजूद नहीं था।

ज्ञात हो कि अप्रैल महीने में लोगों की भीड़ ने पहलू खान पर हमला किया था जिससे मौत हो गई थी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे आरोप सामने आए हैं कि संदिग्ध गौरक्षकों को बचाने के लिए अधिकारियों पर दबाव है। पहलू खान की हत्या के आरोपियों में जिन छह लोगों को पुलिस ने क्लीन चिट दिया है उसमें से तीन का संबंध हिंदू दक्षिणपंथी संगठन से है। जांच रिपोर्ट के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गौशाला के कर्मचारी के बयान और मोबाईल फोन की रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दिया है।

गौशाला के कर्मचारी के बयान के मुताबिक आरोपी नवीन शर्मा (48), राहुल सैनी (24), ओम यादव (45), हुकम चंद यादव (44), सुधीर यादव (45) और जगमल यादव (73) उसके गौशाला में था जो घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक गौशाला के कर्मचारियों और पुलिस तथा गवाहों के बयान के अनुसार इन आरोपियों में से कोई भी घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड भी इस बात का समर्थन करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार जांच अधिकारी को मिले तथ्य के आधार पर सभी आरोपी निर्दोष पाए गए और उन्हें मामले से हटा दिया गया।

बता दें कि इस साल अप्रैल महीने में पहलू खान जयपुर के बाजार से कुछ गाय को हरियाणा के नूह ले जा रहा था। इसी दौरान अलवर के नजदीक गौरक्षकों ने पहलू खान पर हमला कर दिया जिससे मौत हो गई। खान के पास गाय को ले जाने के दस्तावेज भी थे। फिर भी गौरक्षकों ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना में पहलू खान बुरी तरह घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई।

इस मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने खान की हत्या की जांच रिपोर्ट अलवर पुलिस को भेज दी। इस रिपोर्ट में कहा गया हत्याकांड के मामले में आरोपियों की सूची में से छह लोगों का नाम हटाया जाए। इसके बाद अलवर पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ने के लिए की गई ईनाम की घोषणा राशि को रद्द कर दिया।

अखबार को अलवर के एसपी राहुल प्रकाश ने बताया कि छह लोगों पर घोषित किए ईनाम को रद्द कर दिया गया है क्योंकि सीआईडी-सीबी जांच में इनके नाम नहीं पाए गए।

छह लोगों के नाम हटाए जाने पर पहलू खान के परिजनों में बेहद नाराजगी है। उनका कहना है कि घटना के समय जब आरोपियों का नाम लेकर बुलाया जा रहा था आखिर कैसे इनके नाम हटा दिए गए। हमले में शिकार हुए इरशाद खान के बेटे ने कहा कि इन छह लोगों ने हमला किया और वहां मौजूद थे। आगे कहा कि जब हमलोगों को मारा जा रहा था तो मैंने उनके नाम बुलाते सुना है। इरशाद के बेटे ने कहा कि उसने हमले के समय ओम, हुकुम, सुधीर और राहुल का नाम पुकारते सुना था। उसने आगे कहा कि पुलिस दबाव में ऐसा कह रही है...हमारे न्याय की लड़ाई यहां खत्म नहीं होगी, हम आगे भी लड़ेंगे और इन छह लोगों को दोषी साबित करेंगे।    

Courtesy: सबरंग इंडिया ,
Original published date:
14 Sep 2017
पहलू खान
गौरक्षक
पहलू खान केस

Related Stories

गाय के नाम पर अब पहाड़ को भी अशांत करने की कोशिश

पहलू खान की हत्या के एक साल बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं

जुनैद की हत्या की जाँच में अनुचित हस्तक्षेप ?

लुटेरों के झूठे मुद्दे बनाम जनता के वास्‍तविक मुद्दे सोचो, तुम्हें किन सवालों पर लड़ना है


बाकी खबरें

  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के फ़ैक्ट चेक का फ़ैक्ट चेक
    13 Jan 2022
    सूचना एवं लोक संपर्क विभाग का फ़ैक्ट चेक ग़लत और भ्रामक है। इससे एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर उठता है कि उत्तर प्रदेश का सूचना एवं लोक संपर्क विभाग भाजपा की आइटी सेल की तरह व्यवहार क्यों कर रहा है?
  • Palestine
    पीपल्स डिस्पैच
    ब्रिटेन: फ़िलिस्तीन के ख़िलाफ़ यूज किए जाने वाले हथियार बनाने वाली इज़राइली फ़ैक्ट्री बंद, आगे भी जारी रहेगा अभियान
    13 Jan 2022
    फ़िलिस्तीन एक्शन ग्रुप ने अपने अभियान के हिस्से के रूप में कारखाने पर कब्ज़ा करने, नाकेबंदी करने और तोड़फोड़ करने जैसे प्रत्यक्ष कार्रवाइयों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया, जो आख़िरकार इसके बेचने और…
  • CST
    एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन ने कज़ाकिस्तान में कलर क्रांति की साज़िश के ख़िलाफ़ रुख कड़ा किया
    13 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान की घटनाओं पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की नाराज़गी अतार्किक थी।
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    हासिल किया जा सकने वाला स्वास्थ्य का सबसे ऊंचा मानक प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है
    13 Jan 2022
    कोरोना महामारी की वजह से संयुक्त राज्य अमेरिका ब्राजील और भारत में सबसे अधिक मौतें हुई हैं। इन मौतों के लिए कोरोना महामारी से ज्यादा जिम्मेदार इन देशों का स्वास्थ्य का सिस्टम है। 
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू में जनजातीय परिवारों के घर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन 
    13 Jan 2022
    पीड़ित परिवार गुज्जर-बकरवाल जनजाति के हैं, जो इस क्षेत्र के सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों में से एक हैं। यह समुदाय सदियों से ज्यादातर खानाबदोश चरवाहों के रूप में रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License