NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पहलू खान मामले के गवाहों पर जानलेवा हमला, सुरक्षा की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता यह माँग कर रहे हैं कि सभी गवाहों को तुरंत ही सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही यह भी माँग की गयी है कि केस को बहरोड़ से हटा कर जयपुर या दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Sep 2018
pehlu khan
image courtesy: The Statesman

आज शनिवार की सुबह अलवर, राजस्थान के पहलू खान लिंचिंग मामले के गवाहों पर जानलेवा हमला हुआ। ख़बर आ रही है कि यह हमला तब हुआ जब सभी गवाह मेवात, हरियाणा से राजस्थान के बहरोड़ स्थित कोर्ट में गवाही देने जा रहे थे।

अब तक आयी सूचना के अनुसार पहलू खान के बेटे अरशद और इरशाद और इस मामले के दो और गवाह अज़मत और रफ़ीक सुबह एक बोलैरो गाड़ी में बहरोड़ जा रहे थे। नीमराना इलाका पार करने के बाद एक काली स्कॉपियो उनका पीछा करने लगी। हमलावरों की इस गाड़ी ने गवाहों की गाड़ी को ओवरटेक करने का प्रयास किया और गवाहों की गाड़ी पर गोलियाँ भी चलाई। हालाँकि गोली किसी को लगी नहीं। इसके बाद यह काली स्कॉर्पियो जिसपर नंबर प्लेट भी नहीं थी, बहरोड़ की ओर चली गयी। 

इस मामले के वकील असद भी गवाहों की गाड़ी में मौजूद थे। उनका कहना है कि इसके बाद उन्होंने अपनी गाड़ी अलवर की ओर मोड़ ली और अलवर के ज़िला अधिकारी के पास चले गए। उन्होंने बताया कि अब सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन सदमें में हैं। 

इसके बाद पीयूसीएल की प्रदेश अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव को अज़मत ने कॉल करके यह खबर दी। उन्होंने इसकी जानकारी इलाके के एसपी को दी जिन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज़ करने की बात की है। सामाजिक कार्यकर्ता यह माँग कर रहे हैं कि सभी गवाहों को तुरंत ही सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही यह भी माँग की गयी है कि केस को बहरोड़ से हटा कर जयपुर या दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया जाए। उनका कहना है कि ऐसा इसीलिए क्योंकि इस पूरे इलाके में डर का माहौल है और यहाँ केस निष्पक्ष तरीके से नहीं लड़ा जा सकता है।

कविता श्रीवास्तव ने डीजी, अलवर एसपी और जयपुर के आईजी को पत्र में लिखा है कि बहरोड़ में स्थिति इतनी ख़राब है कि पिछले साल जब सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर अपनी 'कारवाँ ए मोहब्बत'यात्रा यहाँ  से निकाल रहे थे तो उन्हें पहलू खान के घर वालों से मिलने से खुद पुलिस ने रोका था। पुलिस का कहना था कि इससे इलाके में तनाव पैदा हो सकता है। असल में तथाकथित गौ रक्षकों ने पुलिस को कहा था कि यह इस यात्रा पर हमला कर देंगे। 

पहलू खान के बेटे इरशाद ने मीडिया से कहा है कि उन्हें बहरोड़ पुलिस पर विशवास नहीं है क्योंकि पुलिस ने मामले में सभी छह मुख्य आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।  इसी वजह से वह अब सीधा एसपी से बात करेंगे। 

बता दें कि 1 जून 2017 को मेवात के एक पशु व्यापारी 55 वर्षीय पहलू खान जब अलवर से गाय खरीदकर हरियाणा जा रहे थे तो भीड़ ने उनपर हमला बोल दिया था। इस हमले में वह बुरी तरह से ज़ख़्मी हुए और 3 अप्रैल को उनकी एक निजी अस्पताल में मौत हो गयी थी। मामले में शुरू से ही ऐसा लगता रहा कि आरोपियों को बचाने का प्रयास हुआ है। 

मामला बाहर आने के बाद सरकार और पुलिस दोनों ही आरोपियों को बचाने और पीड़ित को गाय तस्कर साबित करने में जुट गयी। पिछले साल अक्टूबर में  मामले में 6 मुख्य आरोपियों को पुलिस ने क्लीन चिट देकर बरी कर दिया। इसके बाद सिविल सोसाइटी और वकीलों की एक टीम ने इस मामले में एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट निकली जिसमें चौंकाने  वाले तथ्य  सामने आये। रिपोर्ट में बताया गया कि कैसेFIR दर्ज़  करने में पुलिस ने 4 घंटे  की देरी की, पुलिस थाना  2 किलोमीटर दूर होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी, उस पुलिस वाले को गवाह नहीं बनाया  गया जो पहलू खान को अस्पताल लेकर गया, पहलू खान ने जिन 6 लोगों का नाम लिया उनका  नाम FIR में शामिल ही नहीं किया गया।  इसी तरह पहलू खान ने इन सभी लोगों के संगठन का नाम भी बताया लेकिन उसे दर्ज़  नहीं किया गया, पुलिस ने सरकारी अस्पताल के बयान पर ध्यान नहीं दिया जिसमें  लिखा था पहलू की हत्या पीटे जाने से आयीं चोटों से हुई बल्कि एक निजी अस्पताल की रिपोर्ट का संज्ञान लिया जिसमें मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया था। पुलिस ने FIR में हत्या की कोशिश का यानी धारा 307 के अंतर्गत मामला दर्ज़  ही नहीं किया। मुख्य आरोपियों को बरी करने  के बाद अलवर  पुलिस ने 1 फरवरी को पहलू खान और उनके2 पीड़ित साथियों पर ही गाय तस्करी का मामला दर्ज़  कर दिया। 

लेकिन हाल ही में जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिंचिंग के मामलों में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा मामलों में हर दिन सुनवाई करने के आदेश के बाद पुलिस फिर से कुछ हरकत में आई है। ख़ासकर तब जब सुप्रीम कोर्ट ने रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस को लताड़ा है। यही वजह थी कि पहलू खान के मामले में गवाहों को गवाही देने के लिए बुलाया गया था। 

pehlu khan
Rajasthan
BJP
witness
attack on pehlu khan's sons

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    एजाज़ अशरफ़
    एमएसपी भविष्य की अराजकता के ख़िलाफ़ बीमा है : अर्थशास्त्री सुखपाल सिंह
    26 Nov 2021
    न्यूनतम समर्थन मूल्य और इसके आसपास के विवाद के बारे में आपके सभी संभावित प्रश्नों के जवाब।
  • tripura
    संदीप चक्रवर्ती, शांतनु सरकार
    त्रिपुरा निकाय चुनाव: विपक्ष का सत्तारूढ़ भाजपा-आईपीएफटी पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप
    26 Nov 2021
    सीपीआई (एम), टीएमसी द्वारा कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की शिकायत मिलने के पश्चात सर्वोच्च न्यायालय की ओर से गृह मंत्रालय को केंद्रीय बलों की 2 अतिरिक्त कंपनियां भेजने के निर्देश के बावजूद हिंसा की…
  • Uttar Pardesh West
    तारिक अनवर
    उत्तरप्रदेश: मेंथे की खेती में अब पैसे नहीं, किसानों का सरकार पर अनदेखी का आरोप  
    26 Nov 2021
    उत्तर प्रदेश में मेंथा की खेती ने अपना आकर्षण इसलिए खो दिया है, क्योंकि किसान स्थिर मूल्य, एमएसपी और सरकारी समर्थन के बिना ही संघर्ष कर रहे हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 10,549 नए मामले, 488 मरीज़ों की मौत
    26 Nov 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 45 लाख 55 हज़ार 431 हो गयी है।
  • women and children are suffering from anemia
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    NFHS-5 : तक़रीबन 50 फ़ीसदी औरतें और बच्चे ख़ून की कमी की बीमारी से जूझ रहे हैं!
    26 Nov 2021
    सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 78% महिलाओं का बैंक खाता है तो 50% महिलाएं ख़ून की कमी से जूझ रही हैं। साल भर काम और काम का नगद मेहनताना महज़ 23 प्रतिशत महिलाओं को मिल रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License