NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पीटीआई ने करीब 300 की छटनी की
कर्मचारियों की यूनियन, पत्रकारों ने पूरे दिन का धरना दिया और माँग की कि 'मज़दूर-विरोधी, मीडिया-विरोधी कदम' वापस लिया जायेI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Oct 2018
पीटीआई

नई दिल्लीI पीटीआई (प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ) हाल में इसकी प्र्बन्धन समिति ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने मीडिया जगत को हिला कर रख दियाI 29 सितम्बर को पीटीआई ने बिना किसी पूर्व सूचना के एकाएक अपने 297 गैर-पत्रकार कर्मचारियों को नौकरी से निष्कासित (निकाल) दियाI कई कर्मचारी संघ व पत्रकारिता संस्थाओं के अनुसार ये फैसला कर्मचारी कानून (लेबर लॉ) के खिलाफ है!

इस तरह का फैसला चाहे किसी भी क्षेत्र द्वारा लिया गया हो उसका प्रभाव अन्य क्षेत्र पर भी पड़ता है!

वो कहता हैं ना "आग चाहे कही भी लगी हो लेकिन उसका धुआं चारो दिशा में फैलता है" और बात जब आजीविका की आती है तो इससे सब प्रभावित होते हैं!

सोमवार को पीटीआई के मुख्यालय के बाहर "पीटीआई कर्मचारी संघ" व पत्रकारिता संस्थाओं द्वारा धरना दिया गया और यह माँग की गयी कि 297 गैर-पत्रकार कर्मचारियों के निष्कासन के फैसला को तुरंत वापस लिया जायेI

बलराम सिंह दहिया (महासचिव, पीटीआई कर्मचारी संघ) ने अपने बयान में पीटीआई प्रबंधन समिति की आलोचना करते हुए 297 कर्मचारियों के निष्कासन के एक तरफ़ा फैसले को वापस लेने को कहाI

दिल्ली पत्रकार संघ (दिल्ली यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स) के अध्यक्ष (एस.के पांडेय) व महासचिव (सुजाता मधोक) ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए अपने बयान में कहा कि "जल्द-से-जल्द उन 297 गैर-पत्रकार कर्मचारियों के खिलाफ नौकरी से निष्कासन का जो एक तरफा फैसला लिया गया है, उसे वापस लिया जाये और साथ ही सूचना एवम प्रसारण व श्रम एवम रोज़गार मंत्रालय इस कर्मचारी विरोधी तथा मीडिया विरोधी फैसले को रोका जायेI"

पीटीआई मुख्यालय के बहार चल रहे धरने-प्रदर्शन में कई पत्रकारों ने भागीदारी दर्ज करवाईI उन्होंने PTI प्रबंधन समिति द्वारा निष्कासन पत्र में प्रयोग की गयी कठोर और अमानवीय भाषा की निंदा की इस निष्कासन पत्र पर "मुख्य प्रशासनिक अधिकारी" एम.आर मिश्रा के हस्ताक्षर थेI

निष्कासन पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि उन सभी कर्मचारियों को निष्कासित किया जाता है जिनका नाम सूची में है तथा प्रत्येक कर्मचारी का निष्कासन पत्र उनके सम्बंधित पते पर भेज दिया गया है और जो भी बकाया राशी है वो उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगीI

कुछ कर्मचारियों का कहना है कि वो संस्था के इस व्यवहार से काफी नाराज़ थे, इन कर्मचारियों ने अपना एक लम्बा समय संस्था को दिया है!

नेशनल हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार पीटीआई के एक कर्मचारी ने कहा कि प्रबंधन समिति गैर-पत्रकार कर्मचारियों को लेकर "स्वेच्छिक सेवा निवृति योजना" को लागू करने की योजना बना रही थी! और इसके लिए आंतरिक सूचना भी भेज दी गयी है!

सूत्रों के अनुसार पीटीआई में अब केवल 52 केवल गैर-पत्रकार कर्मचारी ही बचे हैंI प्रबंधन समिति ने भी अपनी सफाई में 678 पन्नों का एक पुलिंदा अपनी सफाई में पेश किया हैI

पीटीआई देश की बहुत बड़ी और चर्चित न्यूज़ एजेंसी है, इसका संचालन बड़े मीडिया घरानों के चयनित निर्देशकों द्वारा किया जाता है!

जिनकी देश में मौजूद कई बड़े मीडिया संस्थानों में मिलकियत भी है!

PTI
PTI retrenchment
workers' rights

Related Stories

खोज ख़बर :संविधान रक्षक किसान-मजदूर से भिड़ी मोदी सरकार

दिल्ली चलो: किसान सरकारी दमन के आगे झुकने वाले नहीं

दिल्ली में मज़दूरों ने किया हल्ला बोल, किसान संगठनों ने फूंका बिगुल

अवीक सरकार बने पीटीआई के नये चेयरमैन

ट्रस्ट और राष्ट्र के बीच प्रेस

मोदी सरकार ने लगाया समाचार एजेंसी 'पीटीआई' पर 84.4 करोड़ रुपये का जुर्माना

PTI पर राष्ट्र-विरोधी रिपोर्टिंग का आरोप और तमिलनाडु में पुलिस टॉर्चर

आख़िर प्रसार भारती पीटीआई से ख़फ़ा क्यों है?

मिड-डे मील वर्कर्स का मोदी सरकार की "मजदूर विरोधी" नीतियों के खिलाफ़ विरोध जारी

हरियाणा सरकार ने संविदाकर्मियों की दिवाली काली कर दी


बाकी खबरें

  • No more rape
    सोनिया यादव
    दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर
    29 Jan 2022
    भारत के विकास की गौरवगाथा के बीच दिल्ली में एक महिला को कथित तौर पर अगवा कर उससे गैंग रेप किया गया। महिला का सिर मुंडा कर, उसके चेहरे पर स्याही पोती गई और जूतों की माला पहनाकर सड़क पर तमाशा बनाया गया…
  • Delhi High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत
    29 Jan 2022
    दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 फरवरी तक सांसी कैंप को प्रोटेक्शन देकर राहत प्रदान की। रेलवे प्रशासन ने दिल्ली हाईकोर्ट में सांसी कैंप के हरियाणा में स्थित होने का मुद्दा उठाया किंतु कल हुई बहस में रेलवे ने…
  • Villagers in Odisha
    पीपल्स डिस्पैच
    ओडिशा में जिंदल इस्पात संयंत्र के ख़िलाफ़ संघर्ष में उतरे लोग
    29 Jan 2022
    पिछले दो महीनों से, ओडिशा के ढिंकिया गांव के लोग 4000 एकड़ जमीन जिंदल स्टील वर्क्स की एक स्टील परियोजना को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह परियोजना यहां के 40,000 ग्रामवासियों की…
  • Labour
    दित्सा भट्टाचार्य
    जलवायु परिवर्तन के कारण भारत ने गंवाए 259 अरब श्रम घंटे- स्टडी
    29 Jan 2022
    खुले में कामकाज करने वाली कामकाजी उम्र की आबादी के हिस्से में श्रम हानि का प्रतिशत सबसे अधिक दक्षिण, पूर्व एवं दक्षिण पूर्व एशिया में है, जहाँ बड़ी संख्या में कामकाजी उम्र के लोग कृषि क्षेत्र में…
  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : नदियों का दोहन और बढ़ता अवैध ख़नन, चुनावों में बना बड़ा मुद्दा
    29 Jan 2022
    नदियों में होने वाला अवैज्ञानिक और अवैध खनन प्रकृति के साथ-साथ राज्य के खजाने को भी दो तरफ़ा नुकसान पहुंचा रहा है, पहला अवैध खनन के चलते खनन का सही मूल्य पूर्ण रूप से राज्य सरकार के ख़ज़ाने तक नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License