NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पंचायत चुनावो को मई दिवस पर कराने की घोषणा के बाद से ही,पश्चिम बंगला चुनाव आयोग केन्द्रीय ट्रेड यूनियनो के निशाने पर है
कई बुद्धिजीवियों ने भी 9 मई को गिनती के दिन घोषित करने के लिए अपना असंतोष व्यक्त किया, क्योंकि यह रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के साथ मेल खा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Apr 2018
mamta banerjee

सीआईटीयू, एआईटीयूसी और आईएनटीयूसी समेत सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने पश्चिम बंगाल में राज्य चुनाव आयोग के निर्णय पर जोरदार असंतोष व्यक्त किया है, पंचायत चुनाव आयोजित करने के लिए क्योंकि राज्य के सभी जिलों से लोग मई दिवस पर दार्जिलिंग में एकत्रित होते हैं।

यह याद किया जा सकता है कि यह देश के इतिहास में पहली बार है, जिसे जब मई दिवस पर एक चुनाव का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक वर्ग एकता दिवस के रूप में देखा जाता है और पूरे विश्व में श्रमिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

1 अप्रैल को, पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयुक्त ए.के. सिंह ने रोडन स्ट्रीट में अपने कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया था, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल में तीन स्तरीय पंचायत व्यवस्था के लिए तीन चरण के चुनावों की तारीखों की घोषणा की थी | जहाँ वो 1, 3 और 5 मई को चुनाव आयोजित होने वाले हैं और परिणाम 9 मई को घोषित किए जाने हैं |

दिलचस्प है कि, 9 मई गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जन्मदिवस है, पूरे देश में एक सांस्कृतिक चिह्न है और दुनिया भर में उनका जन्मदिन मनाया जाता है।बुद्धिजीवीयों ने 9 मई को गिनती के दिन और परिणामों की घोषणा के रूप में चुनने पर भी अपना असंतोष व्यक्त किया है |

पश्चिम बंगाल में कार्यरत सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का एक प्रतिनिधिमंडल, 2 अप्रैल को सिंह से मिलें और उन्हें चुनावों की तारीखों को बदलने के लिए कहा। ट्रेड यूनियन पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया, जबकि प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयुक्त से मिला ।

पिछले कुछ वर्षों में, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार राज्य चुनाव आयोग की भूमिका को कमजोर किया  है और चुनाव आयुक्त को बार-बार बदला  है, कई पदाधिकारियों को इस्तीफे के लिए  मजबूर किया | हालांकि, इस बार जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने प्रेस को कड़ाई से कहा कि चुनाव आयोग एक अलग संवैधानिक संस्था है, जो किसी भी मनमानी तारीख को तय कर सकता है, जो कि उनके अनुसार उचित हो, चुनाव कराने के लिए।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए, सीआईटीयू पश्चिम बंगाल कमेटी के महासचिव अनदी साहू ने मई दिवस पर चुनाव कराने की कोशिशों के प्रति अपना असंतोष व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि राज्य चुनाव आयुक्त अपने रुख पर कायम रहा तो,  एकतरफ से  सभी  ट्रेड यूनियन न्यायालय जाएंगें |

"यह स्वतंत्रता के बाद देश के इतिहास में अभूतपूर्व है, कि चुनाव मई दिवस पर आयोजित किया जाएगा श्रमिक वर्ग  किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों के  उल्लंघन की अनुमति नहीं देगा।

ममता बैनर्जी
पश्चिम बंगाल
पंचायत
CITU
AITUC
INTUC

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी


बाकी खबरें

  • UMAR KHALID
    तारिक अनवर
    दिल्ली हिंसा: उमर ख़ालिद के परिवार ने कहा ज़मानत नहीं मिलने पर हैरानी नहीं, यही सरकार की मर्ज़ी है
    25 Mar 2022
    उमर ख़ालिद के पिता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभियोजन पक्ष के आरोपों को साबित कर पाने में पूरी तरह नाकाम होने के बावजूद अदालत ने "मनगढ़ंत साज़िश के सिद्धांत" पर यक़ीन किया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,685 नए मामले, 83 मरीज़ों की मौत
    25 Mar 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.75 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 78 हज़ार 87 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख
    25 Mar 2022
    यदि बाइडेन यूक्रेन में नाटो के हस्तक्षेप के अपने प्रस्ताव के लिए यूरोप का समर्थन पाने में सफल हो जाते हैं, तो युद्ध नाटकीय रूप से परमाणु हथियारों से जुड़े विश्व युद्ध में तब्दील हो सकता है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ
    24 Mar 2022
    यूएन के यमन के लिए किए गए प्लेजिंग कांफ्रेंस में सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देश कोई सहायता प्रदान करने में असफल हुए हैं।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा सरकार के प्रचार का जरिया बना बॉलीवुड
    24 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैँ तेरे के आज एक एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार बॉलीवुड की चर्चा कर रहें हैँ औऱ साथ ही सवाल कर रहे हैँ की क्या ऐसी फ़िल्में बननी चाहिए जो किसी राजनैतिक पार्टी के एजेंडे को बढ़ावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License