NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
प्रधानमंत्री मंत्री के 'टॉप प्रायोरिटी' वाले बयान में है कितनी सच्चाई ?
एक तरफ प्रधानमंत्री 'ऑपरेशन ग्रीन्स' के ज़रिये किसानों के दर्द को ख़तम करने की बात कर रहे हैं , तो दूसरी तरफ़ ज़मीन पर किसानों की स्तिथी बत से बत्तर होती जा रही है I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Feb 2018
Modi

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बीजेपी का प्रचार शुरू करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को किसानों के प्रति अपनी “प्रतिबद्धता” को दर्शाने का प्रयास किया I बंगलुरु में एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनके लिए ‘टॉप’ शब्द का मतलब है “टोमेटो, अनियन और पोटैटो (टमाटर,प्याज़ और आलू) I”

मोदी ने रैली में कहा “फल और सब्ज़ियाँ उगाने वाले किसान हमारे लिए टॉप प्रायोरिटी( मुख्य प्राथमिकता) हैं I टॉप मतलब “टोमेटो, अनियन और पोटैटो”I हमने इन किसनों के लिए ‘ऑपरेशन ग्रीन्स’ शुरू किया है I ‘ऑपरेशन ग्रीन्स’ उसी तरह किसानों के लिए मददगार होगा जिस तरह अमूल मॉडल डेरी के लिए था I

टमाटर, प्याज़ और आलू का उत्पादन बढ़ाने पर मोदी का ये बयान तब आ रहा है जब बीजेपी शासित राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों की बहुत ख़राब स्तिथी में हैं I इस साल जनवरी में ही उत्तर प्रदेश में किसानों ने विरोध करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर के सामने आलू और बाकि सब्जियां फेंक दी थी I

जिन किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिला वह बीजेपी की सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा ज़ाहिर करने सड़कों पर उतर आये थे I इससे पहले सरकार ने एक क्विंटल आलू के उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 457 रुपये तय किया था , पर किसानों की माँग थी कि ये मूल्य 1000 रुपये होना चाहिए I

विरोध प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने IANS से कहा “हमें मंडी में 1 किलो पर 3 से 4 रुपये मिलते हैं पर हमें 1 किलो पर 10 रुपये मिलने चाहिए , हम और कर ही क्या सकते हैं अगर बहरे कानों को हमारी आवाज़े सुनाई नहीं देती I”

उत्तर प्रदेश के किसानों की तरह ही आंध्र प्रदेश के किसानों ने भी अपनी उपज को पक्किकोंडा की  सड़क पर फेंक दिया और कुरनूल ज़िले में भी दिसंबर में इसी तरह की कार्यवाही की गयी I अपनी उपज को मंडी में ले जाने के बाद किसानों को पता चला कि उपज की कीमत सिर्फ 50 पैसे किलो रह गयी है I आंध्रप्रदेश की ही तरह झारखण्ड और मध्य प्रदेश में भी किसानों ने विरोध जताते हुए हाईवे पर टमाटर फेंक दिए I

पछले साल भारतीय बाज़ारों में नवंबर और दिसंबर के दौरान टमाटर की कीमतों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिले थे I कलकत्ता, मुंबई और बंगलुरु में टमाटर की कीमतें 700% तक बढ़ गयीं और टमाटर की बाज़ार में 100 से 120 रुपये पर बिक रहा था I वहीँ दूसरी तरफ किसान अपनी उपज को बेचने में काफी तकलीफों का सामना कर रहे थे I

जब प्याज़ पिछले साल 15 रुपये के औसतन दाम पर बिक रहे थे और उसी समय मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में किसान उत्पादन की लागत से भी कम दाम पर प्याज़ बेचने पर मजबूर थे I

नासिक में किसान 2 रुपये किलो के भाव पर प्याज़ बेचने के लिए मजबूर थे जबकि, औसतन उत्पादन लागत 6 रुपये किलो थी I इसी समय अक्टूबर-नवम्बर 2017 में नासिक के बाज़ार में एक किलो प्याज़ की कीमत बढ़कर 70-80 रुपये हो गयी थी I पर जनवरी 2018 में के आखरी हफ्ते में ये 50% तक गिर गयी थी I

इसके साथ ही मोदी ने बंगलुरु में अपने संबोधन में कहने कहने का प्रयास किया कि अगर बीजेपी चुनाव जीतती है तो “किसानों के हमदर्द” येदुरप्पा मुख्य मंत्री होंगे I

मोदी ने कहा “अगर किसान के बेटे येदुरप्पा मुख्य मंत्री बनते हैं तो केंद्र की न्यूनतम समर्थन मूल्य स्कीम बहुत कामयाब होगी क्योंकि वह किसानों की समस्याएं समझते हैंI”

कांग्रेस के बड़े विधायकों के भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हुए मोदी शायद ये भूल गए कि बी अस येदुरप्पा जो दो बार कर्नाटक के मुख्य मंत्री रह चुके हैं , खुद भष्टाचार के मामले में जेल जा चुके हैं I

TOP PRIORITY
प्रधानमंत्री
मोदी सरकार
बीजेपी
कर्नाटक सरकार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018

Related Stories

किसान आंदोलन के नौ महीने: भाजपा के दुष्प्रचार पर भारी पड़े नौजवान लड़के-लड़कियां

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

सत्ता का मन्त्र: बाँटो और नफ़रत फैलाओ!

जी.डी.पी. बढ़ोतरी दर: एक काँटों का ताज

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

5 सितम्बर मज़दूर-किसान रैली: सबको काम दो!

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

लातेहार लिंचिंगः राजनीतिक संबंध, पुलिसिया लापरवाही और तथ्य छिपाने की एक दुखद दास्तां

माब लिंचिंगः पूरे समाज को अमानवीय और बर्बर बनाती है


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 20,799 नए मामले, 180 मरीज़ों की मौत
    04 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 38 लाख 34 हज़ार 702 हो गयी है। हालांकि अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2 लाख 64 हज़ार 458 रह गयी है।
  • Lakhimpur Kheri
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः किसानों को रौंदने मारने वालों पर कार्रवाई करेंगें योगी मोदी?
    03 Oct 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने सवाल उठाया कि राजनीतिक संरक्षण की वजह से ही उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में आंदोलनरत किसानों पर हमला किया गया। सीधा आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र…
  • Attack on agitating farmers in Lakhimpur Kheri
    असद रिज़वी
    लखीमपुर खीरी में आंदोलनकारी किसानों पर हमला, कई की मौत, भारी तनाव, पुलिस बल तैनात
    03 Oct 2021
    आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की गाड़ी से कुचलने से कई किसानों की मौत हो गई, जिसके बाद रविवार को वहाँ हिंसा भड़क गई। घटना की सूचना मिलने पर राकेश टिकैत समेत कई किसान नेता लखीमपुर…
  • CBSE
    न्यूज़क्लिक टीम
    सीबीएसई और दिल्ली सरकार की बेरुखी से छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान
    03 Oct 2021
    कोरोना महामारी और उसके बाद फैली बेरोज़गारी का असर अब बच्चों की पढ़ाई पर भी दिखने लगा है. माँ बाप से सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के लिए फ़ीस माँगी है. लाचार घरवालों को अब यह समझ में नहीं आ…
  • Mahendra Pratap Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा क्यों अचानक महेंद्र प्रताप सिंह को याद करने लगी?
    03 Oct 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन बात करते हैं अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इतिहासकार मोहम्मद सज्जाद से और जानने की कोशिश करते हैं की भाजपा क्यों अचानक महेंद्र…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License