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फिलिस्तीन
प्रधानमंत्री मोदी के वैचारिक बंधू नेतन्याहू का भारत में स्वागत नहीं : प्रकाश करात
वामपंथी पार्टियाँ जिनमें CPI(M) , CPI, CGPI,Forward Bloc और CPIML(Liberation) शामिल हैं इस दौरे का विरोध कर रहीं हैं I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jan 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
netanyahu visit

प्रधानमंत्री मोदी के वैचारिक बंधू बेंजमिन नेतन्याहू कल (14 जनवरी) इज़राइल से भारत दौरे पर आये हैं I आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक रूप से उनका देश में स्वागत किया गया I उनके इस भारत दौरे पर वामपंथी पार्टियों ने एतराज़ जताया है I आज (15 जनवरी) को इस यात्रा के खिलाफ वामपंथी पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला कियाI इस प्रदर्शन में सीपीआई(एम), सीपीआई, सीजीपीआई, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी, सीपीआई(एमएल) लिबरेशन, SUCI (C) और बाकि वामपंथी पार्टियाँ शामिल हैंI

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए CPI(M) के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात ने कहा “जिस गठबंधन सरकार का नेतन्याहू नेतृत्व कर रहे हैं वो इज़राइल के इतिहास की सबसे दक्षिणपंथी सरकार है I इस गठबंधन में ऐसी यहूदी पार्टियाँ मौजूद हैं जो खुलेआम कब्ज़ा किये हुए इलाके से फिलिस्तीनियों के निष्कासन का समर्थन करते हैं और इज़राइल के भीतर रह रहे अरब लोगों को दोयम दर्ज़े का नागरिक मानने की वकालत करते हैं I जहाँ तक वामपंथी पार्टियों का सावल है तो हम इज़राइल सरकार द्वारा किये जा रहे फिलस्तीनियों के शोषण का विरोध करेंगेI”

नेतन्याहू ऐसे समय पर भारत आ रहे हैं जब दोनों देशों के रिश्तों में संयुक्त राष्ट्र में हुए मतदान के बाद से खटास है I भारत ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के उस  प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया था जिसमें ट्रम्प द्वारा येरुसलम को इज़राइल की राजधानी मानने का निर्णय लिया गया था I इस प्रस्ताव के खिलाफ भारत के साथ तुर्की और यमन भी मौजूद थे I

नेतन्याहू सरकार ने फिलिस्तीनियों की निजी ज़मीन को ज़ब्त किये जाने को कानूनी वैध्यता दे दी है I मौजूदा बस्तियों का दायरा बढ़ाये जाने के साथ उसने दो दशक बाद नयी बस्तियों को पूर्वी तटों पर बनाये जाने की इजाज़त भी दे दी है I ये सब इसीलिए किया जा रहा है जिससे फिलिस्तीन एक आज़ाद देश बनकार न उभर सके I

प्रकाश करात ने कहा कि, “पिछले साल इज़राइल का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने पूर्वी तट पर फिलिस्तीनी अधिकारियों से न मिलकर इज़राइल के कब्ज़े का समर्थन के साफ़ संकेत दिए हैंI”

सीपीआई(एम) नेता ने आगे कहा कि, “बीजेपी सरकार के इज़राइल समर्थन के विपरीत भारत के लोग हमेशा से इज़राइल के आतंक के खिलाफ फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन में खड़े रहें हैं I नेतनयाहू को पता होना चाहिए कि उनकी फिलिस्तीन विरोधी नीतियों का भारत के धर्मनिरपेक्ष और जनवादी लोग पुरज़ोर विरोध करते हैं I”

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