NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्रधानमंत्री नेतन्याहू गठबंधन बनाने में नाकाम, इजराइल में फिर होंगे चुनाव
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आधी रात की समय सीमा से पहले गठबंधन सरकार गठित करने में नाकाम रहे जिसके बाद इजराइली सांसदों ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए संसद को भंग करने के पक्ष में मतदान किया। सांसदों के इस कदम के बाद अब 17 सितंबर को फिर से आम चुनाव कराए जाएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 May 2019
Netanyahu

बेंजामिन नेतन्याहू के सरकार बनाने के लिए जरूरी गठबंधन करने में असमर्थ होने के बाद इजरायल की संसद नेसेट ने उसे भंग करने के लिए वोट दिया और सितंबर में दोबारा चुनाव कराने का आवाह्न किया।

समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सरकार बनाने की समयसीमा निकलने के कुछ मिनटों के बाद, फिलहाल कार्यकारी प्रधानमंत्री और लिकुड पार्टी के अध्यक्ष नेतन्याहू को संसद भंग करने के लिए 75-45 के बहुमत से वोट मिला, इस प्रकार संसद के अध्यक्ष रियूविन रिवलिन को नेतन्याहू के संभवत: मुख्य विपक्षी बेनी गेंट्ज को सरकार बनाने का आमंत्रण देने की स्थिति से बचा लिया।

रिवलिन ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि नेतन्याहू अगर सरकार गठन में असमर्थ हो जाते हैं, तो उन्हें दूसरे पक्ष को सरकार बनाने या दोबारा चुनाव कराने के विकल्पों में से एक चुनना होगा। लेकिन बुधवार शाम वोट पड़ने से यह नौबत नहीं आई, और इसका मतलब इजरायल वासियों को इसी साल दोबारा आम चुनाव में शरीक होना होगा। 

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आधी रात की समय सीमा से पहले गठबंधन सरकार गठित करने में नाकाम रहे जिसके बाद इजराइली सांसदों ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए संसद को भंग करने के पक्ष में मतदान किया। सांसदों के इस कदम के बाद अब 17 सितंबर को फिर से आम चुनाव कराए जाएंगे।इजराइली सांसद छह सप्ताह पहले ही निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 21वीं नेसेट

(इजराइली संसद) को भंग करने के पक्ष में 45 के मुकाबले 74 मतों से मतदान किया। इजराइल के इतिहास में यह पहली बार है, जब कोई नामित प्रधानमंत्री सरकार गठन नहीं कर पाया है।
नेतन्याहू ने नौ अप्रैल को हुए चुनाव में रिकॉर्ड पांचवीं बार उल्लेखनीय जीत हासिल की थी, लेकिन वे एक सैन्य विधेयक को लेकर गतिरोध के कारण गठबंधन करने में नाकाम रहे।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Netanyahu
benjamin
Israel
election in israel
Grand Alliance
Gathbandhan
international

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

मुरादाबादः भाजपा को सबक़ सिखाने की तैयारी

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • bihar
    अनिल अंशुमन
    बिहार शेल्टर होम कांड-2’: मामले को रफ़ा-दफ़ा करता प्रशासन, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
    05 Feb 2022
    गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचाई हुई है, इस वीडियो पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है। इस वीडियो में एक पीड़िता शेल्टर होम में होने वाली…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    सत्ता में आते ही पाक साफ हो गए सीएम और डिप्टी सीएम, राजनीतिक दलों में ‘धन कुबेरों’ का बोलबाला
    05 Feb 2022
    राजनीतिक दल और नेता अपने वादे के मुताबिक भले ही जनता की गरीबी खत्म न कर सके हों लेकिन अपनी जेबें खूब भरी हैं, इसके अलावा किसानों के मुकदमे हटे हो न हटे हों लेकिन अपना रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ कर लिया…
  • beijing
    चार्ल्स जू
    2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के ‘राजनयिक बहिष्कार’ के पीछे का पाखंड
    05 Feb 2022
    राजनीति को खेलों से ऊपर रखने के लिए वो कौन सा मानवाधिकार का मुद्दा है जो काफ़ी अहम है? दशकों से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने अपनी सुविधा के मुताबिक इसका उत्तर तय किया है।
  • karnataka
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: हिजाब पहना तो नहीं मिलेगी शिक्षा, कितना सही कितना गलत?
    05 Feb 2022
    हमारे देश में शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, फिर भी लड़कियां बड़ी मेहनत और मुश्किलों से शिक्षा की दहलीज़ तक पहुंचती हैं। ऐसे में पहनावे के चलते लड़कियों को शिक्षा से दूर रखना बिल्कुल भी जायज नहीं है।
  • Hindutva
    सुभाष गाताडे
    एक काल्पनिक अतीत के लिए हिंदुत्व की अंतहीन खोज
    05 Feb 2022
    केंद्र सरकार आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार को समर्पित करने के लिए  सत्याग्रह पर एक संग्रहालय की योजना बना रही है। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के उसके ऐसे प्रयासों का देश के लोगों को विरोध…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License