NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
प्रियंका का भाजपा पर बड़ा प्रहार, ग्राम प्रधानों को रिश्वत देने का आरोप
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर अमेठी में ग्राम प्रधानों को 20-20 हजार रुपये रिश्वत देने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवा दल को गलतफहमी है कि पुश्तों से चले आ रहे प्रेम और सच्ची राजनीति की मिसाल को इतनी रकम में खरीदा जा सकता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 May 2019
priyanka gandhi
Image Courtesy: Dainik Bhaskar

अमेठी। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 6 मई को यूपी की हाईप्रोफाइल सीट अमेठी के लिए भी वोट डाले जाएंगे। यहां कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच सीधी टक्कर है। अन्य सीटों के साथ इस सीट पर भी आज, शनिवार शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। प्रचार के अंतिम दौर में यहां कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने पूरा ज़ोर लगा दिया है। इसी कड़ी में आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर अमेठी में ग्राम प्रधानों को 20-20 हजार रुपये रिश्वत देने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवा दल को गलतफहमी है कि पुश्तों से चले आ रहे प्रेम और सच्ची राजनीति की मिसाल को इतनी रकम में खरीदा जा सकता है।

प्रियंका ने यहां एक नुक्कड़ सभा में कहा ''यहां गलत प्रचार हो रहा है। पैसा बंट रहा है। कांग्रेस तो जनता के बीच अपना घोषणापत्र बांट रही है लेकिन भाजपा वाले पत्र नहीं बल्कि ग्राम प्रधानों को 20-20 हजार रुपये भेज रहे हैं।''

उन्होंने कहा ''हंसी की बात है कि वे (भाजपा) सोच रहे हैं कि अमेठी का प्रधान 20 हजार रुपये में बिक जाएगा। वो सोच रहे हैं कि जो (नेहरू-गांधी परिवार के साथ) पुश्तों से चला आ रहा प्रेम और सच्ची राजनीति की मिसाल है, उसको 20 हजार रुपये में खरीद लेंगे।''

प्रियंका ने केन्द्रीय मंत्री और अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सांसद राहुल गांधी को 'लापता' बताने वाली स्मृति अमेठी आकर 'नाटक' कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ये (स्मृति) आप के क्षेत्र में नाटक कर रही हैं। वह खुद 16 बार अमेठी आयी हैं जबकि आपके सांसद राहुल गांधी उनसे दोगुनी बार यहां आये हैं। वे आपके गांव-गांव जाकर यहां रह चुके हैं। ये (स्मृति) देश भर की मीडिया बुलाकर यहां के लोगों में जूतों का वितरण कर देती हैं। ये आपका अपमान करना चाहती हैं कि अमेठी के लोगों के पास जूते नहीं हैं। वह पूरी तरह नामसझ हैं, यह जान नहीं पायी हैं कि अमेठी की जनता क्या है।''

प्रियंका ने कहा ''अमेठी ही नहीं, बल्कि पूरे देश में यही हो रहा है। आपके सामने बड़े-बड़े प्रचार किये गये। किसे मिले 15 लाख रुपये? दो करोड़ रोजगार कहे थे, किसको मिला रोजगार? किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी। मैं पूरे यूपी में घूम रही हूं, जहां भी जाती हूं, पता चलता है कि किसान को उपज का दाम नहीं मिलता। किसान कर्ज में डूब रहा है। अब तक 12 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। आपकी फसल बीमा के प्रीमियम के कुल 10 हजार करोड़ रुपये बड़े-बड़े उद्योगपतियों की जेब में जा चुके हैं।''

उन्होंने छुट्टा पशुओं की समस्या उठाते हुए कहा ''किसान भाई बताएं कि आवारा पशुओं से आपको क्या समस्या हो रही है। क्या भाजपा के मंत्री छुट्टा जानवरों से बचाने के लिये आपके खेत की चौकीदारी कर रहे हैं?''

उन्होंने कहा, "भाजपा की नीयत खराब है और उनकी नीतियां कुछ उद्योगपतियों की भलाई करने तक ही सीमित हैं। किसानों का कर्ज माफ नहीं करते लेकिन पांच साल में उद्योगपतियों का साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये कर्जा माफ कर दिया।"
उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को जिंदा रखने वाली और आम जनता के लिए काम करने वाली सरकार चाहिए। 

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

2019 आम चुनाव
General elections2019
2019 Lok Sabha elections
Fifth phase
Amethi
Rahul Gandhi
smriti irani

Related Stories

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

भाजपा-विरोध की राजनीति पर राहुल गांधी ने गहरी चोट पहुंचाई है

हार्दिक पटेल का अगला राजनीतिक ठिकाना... भाजपा या AAP?

भाजपा से मुकाबला कर पाएगी कांग्रेस ?

विश्लेषण: कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ से क्या निकला?

कांग्रेस का उदयपुर चिंतन शिविर: क्या सुधरेगी कांग्रेस?

इतिहास कहता है- ‘’चिंतन शिविर’’ भी नहीं बदल सका कांग्रेस की किस्मत

पीके से कांग्रेस की डील क्यों हुई फ़ेल?


बाकी खबरें

  • इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
    23 Jul 2021
    तीन सदस्यीय जांच आयोग का नेतृत्व नवी पिल्ले करेंगे जो 2008-2014 के बीच यूएनएचआरसी के प्रमुख थे।
  • 400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    पीपल्स डिस्पैच
    400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    23 Jul 2021
    400 से अधिक हस्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक खुला पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान क्यूबा पर लगाए गए 243 एकतरफ़ा प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता है जिसने इस द्वीप…
  • अध्ययन के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद की सबसे भयावह त्रासदी’, सरकार ने किया आंकड़े से इंकार
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन के मुताबिक भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद सबसे बड़ी त्रासदी’, सरकार का आंकड़े से इंकार
    23 Jul 2021
    रिपोर्ट में कहा गया है, “वास्तविक मौतों का आंकड़ा कई लाखों में होने का अनुमान है, न कि कुछ लाख में, जो इसे यकीनन विभाजन और स्वतंत्रता के बाद से भारत की सबसे भयावह मानवीय त्रासदी बना देता है।” 
  • अयोध्या में बीएसपी के कार्यक्रम का पोस्टर। बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा के ट्विटर हैंडल से साभार
    असद रिज़वी
    दलित+ब्राह्मण: क्या 2007 दोहरा पाएगी बीएसपी?
    23 Jul 2021
    पार्टी अपने 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग को दोहराने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये इस बार इतना आसान नहीं होगा। एक विश्लेषण...
  • ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    दमयन्ती धर
    ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    23 Jul 2021
    वलसाड में उमरागाम तालुक के स्थानीय लोग प्रस्तावित बंदरगाह के निर्माण का विरोध 1997 से ही करते आ रहे हैं, जब पहली बार इसकी घोषणा की गई थी। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License