NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
प्रमोद कुमार मिश्रा प्रधानमंत्री के नये प्रधान सचिव, पी के सिन्हा प्रधान सलाहकार
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि गुजरात काडर के 1972 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा (71) ने अपनी यह नयी जिम्मेदारी बुधवार को संभाल ली।
मिश्रा प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव थे और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Sep 2019
P.k. Sinha
Image Credit : Varta

प्रमोद कुमार मिश्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है जबकि पूर्व कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा को नया प्रधान सलाहकार बनाया गया है। यह जानकारी सरकार की ओर से बुधवार को दी गई।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि गुजरात काडर के 1972 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा (71) ने अपनी यह नयी जिम्मेदारी बुधवार को संभाल ली।
मिश्रा प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव थे और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
वह नृपेंद्र मिश्रा का स्थान लेंगे जिन्होंने हाल में अपना पद छोड़ा था।
एक सरकारी आदेश में कहा गया कि पूर्व कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा (64) 11 सितम्बर से प्रधानमंत्री के प्रधान सलाहार होंगे जिन्हें गत महीने प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्ति किया गया था।
समाचार एजेंसी भाषा की ओर जारी ख़बर के अनुसार 2014 से 2019 के बीच प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव के तौर पर कार्य करने वाले प्रमोद कुमार मिश्रा को मानव संसाधन प्रबंधन में नवोन्मेषी परिवर्तन, विशेष तौर पर वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति का श्रेय दिया जाता है।
उन्हें कृषि, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा क्षेत्र, आधारभूत वित्तपोषण और नियामक मुद्दों से जुड़े कार्यक्रमों के प्रबंधन में कार्य का व्यापक अनुभव बताया जाता है। दावा है कि उन्हें नीतियां बनाने और प्रशासन का व्यापक अनुभव है और उन्होंने कई प्रमुख जिम्मेदारियों निभायी हैं जिसमें प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, सचिव कृषि एवं सहयोग, राज्य ऊर्जा नियामक आयोग का अध्यक्ष। साथ ही उन्हें आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी कार्य का अनुभव है।
सिन्हा ने 13 जून 2015 से 30 अगस्त 2019 तक कैबिनेट सचिव के तौर पर कार्य किया है।
इससे पहले वह ऊर्जा सचिव, सचिव, जहाजरानी और भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के विशेष सचिव के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।
30 अगस्त को सिन्हा को प्रधानमंत्री द्वारा विशेष कार्य अधिकारी नियुक्त किया गया था।
सिन्हा उत्तर प्रदेश काडर के 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने सेंट स्टीफेंस कालेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया और अपनी स्नातकोत्तर की पढ़ाई दिल्ली स्कूल आफ इकोनॉमिक्स से पूरी की।

Prime Minister Narendra Modi
P.K. Mishra
Pradeep Kumar Sinha
PMO
r

बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License