NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
प्रयोगशाला में विकसित लघु मस्तिष्क में मिलीं मस्तिष्क तरंग 
हालांकि, ये छोटे मस्तिष्क मानव मस्तिष्क की तुलना में लाखों गुना छोटे हैं। इनमें प्रीटर्म बेबी (समयपूर्व जन्म हुए शिशुओं) जैसे मस्तिष्क तरंगों का पता लगाया गया है। इस अध्ययन से यह समझने का प्रयास किया गया कि मस्तिष्क कैसे विकसित होता है।
संदीपन तालुकदार
03 Sep 2019
Brain Waves Detected in Mini Brains Grown in a Dish
Brain Waves Detected in Mini Brains Grown in a Dish

शोधकर्ताओं तथा वैज्ञानिकों के एक समूह ने मानव स्टेम कोशिकाओं से प्रयोगशाला के उपकरणों में एक लघु मस्तिष्क विकसित किया है। स्टेम सेल नामक पत्रिका में प्रकाशित उनकी रिपोर्ट बताती है कि इस समूह ने प्रयोगशाला-विकसित इन मस्तिष्क कोशिकाओं में मस्तिष्क तरंगों का पता लगाया है। 

हालांकि, ये छोटे मस्तिष्क मानव मस्तिष्क की तुलना में लाखों गुना छोटे हैं। इनमें प्रीटर्म बेबी (समयपूर्व जन्म हुए शिशुओं) जैसे मस्तिष्क तरंगों का पता लगाया गया है। इस अध्ययन से यह समझने का प्रयास किया गया कि मस्तिष्क कैसे विकसित होता है।

सेरेब्रल ऑर्गनोइड्स (कृत्रिम रूप से विकसित किया गया कोशिका या उत्तक जो शरीर के अंगों से जैसा दिखता है) कहे जाने वाला मटर-नुमा मस्तिष्क मानव प्लूरिपोटेंट स्टेम कोशिकाओं से प्राप्त हुए हैं। ये प्लूरिपोटेंट स्टेम सेल कोशिकाओं जैसी है जो अन्य प्रकार के सेल में विभेद कर सकती है। ये मानव भ्रूण या मानव भ्रूण ऊतकों से प्राप्त होते हैं। सेरेब्रल ऑर्गेनोइड प्रयोगशाला के उपकरणों में ऐसे वातावरण में विकसित किया जाता है जो मानव मस्तिष्क के विकास के वातावरण का अनुकरण करते हैं। ये स्टेम कोशिकाएं विभिन्न प्रकार की मस्तिष्क कोशिकाओं में कोशिकाओं को पृथक करते हैं और फिर एक 3 डी संरचना में स्व-व्यवस्थित होते हैं जो विकासशील मानव मस्तिष्क जैसा दिखता है।

इस अध्ययन के सह-लेखक एलिस्सन मुओत्री ने कहा, "तंत्रिका गतिविधि का स्तर जो हम देख रहे हैं वह विट्रो में अभूतपूर्व है। हम इस मॉडल के एक कदम और क़रीब हैं जो वास्तव में एक परिष्कृत तंत्रिका नेटवर्क के इन शुरुआती चरणों को विकसित कर सकते हैं।"

प्रयोगशाला के कल्चर उपकरणों में मस्तिष्क कोशिकाओं के विकसित करने का यह कोई पहला मौका नहीं है। वैज्ञानिकों ने पहले सेलुलर संरचनाओं के साथ ऑर्गेनोइड विकसित किए हैं जो मानव मस्तिष्क के समान हैं। लेकिन पिछले सभी प्रयास एक तंत्रिका नेटवर्क को विकसित करने में विफल रहे जो मानव-जैसा और कार्यशील है। ये तंत्रिका नेटवर्क तब उत्पन्न होते हैं जब न्यूरॉन्स परिपक्व और परस्पर जुड़ जाते हैं और यह घटना लगभग सभी मस्तिष्क गतिविधियों की पहचान है।

मुओत्री ने कहा, "आप सामान्य मानव न्यूरोडेवलपमेंट, डिजीज मॉडलिंग, मस्तिष्क विकास, ड्रग स्क्रीनिंग और यहां तक कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सूचित करने सहित कई चीजों के लिए मस्तिष्क ऑर्गेनोइड का इस्तेमाल कर सकते हैं।"

मुओत्री और उनकी टीम स्टेम सेल विकसित करने के लिए एक बेहतर तरीका विकसित कर सकती है जिसमें कल्चर मीडियम फॉर्मूला का श्रेष्ठ तरीक़ा ढ़ूंढ़ना शामिल है। इस श्रेष्ठ तकनीक ने अपने ऑर्गेनोइड्स को पिछले मॉडलों की तुलना में अधिक परिपक्व बना दिया। इस टीम ने 10महीने की अवधि में कई सौ ऑर्गेनोइड्स विकसित किया और अपनी तंत्रिका गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए मल्टी-इलेक्ट्रोड एरे (व्यूह रचना) सिस्टम का इस्तेमाल किया। गर्भावस्था के समय को ध्यान में रखते हुए समय अवधि निर्धारित की गई थी। उन्होंने अलग-अलग समय पर मस्तिष्क की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया।

इस टीम ने पाया कि इस ऑर्गेनोइड ने लगभग दो महीनों में मस्तिष्क तरंगों के प्रस्फुटन का उत्पादन किया। दिलचस्प बात यह है कि उनकी मस्तिष्क तरंग रिकॉर्डिंग ने अपरिपक्व मानव मस्तिष्क में देखे गए मस्तिष्क रिकॉर्डिंग पैटर्न के साथ एक आश्चर्यजनक समानता का खुलासा किया। जैसे-जैसे समय बीतता गया और ऑर्गनोइड निरंतर विकसित होते गए उन्होंने अलग-अलग आवृत्तियों पर मस्तिष्क तरंगों का उत्पादन किया और ये संकेत ज़्यादा नियमित रूप से दिखाई दिए। ये परिणाम बताते हैं कि ऑर्गेनोइड्स ने उम्र के साथ तंत्रिका नेटवर्क विकसित किया है।

मुओत्री ने कहा, “यह अधिक कार्यात्मक साइनैपसेस (दो तंत्रिका कोशिकाओं का संगम) होने का एक परिणाम है और आप न्यूरॉन्स के बीच ज़्यादा से ज़्यादा संपर्क बना रहे हैं। न्यूरॉन्स के बीच ये अन्योन्यक्रिया विभिन्न आवृत्तियों पर संकेत देने में योगदान देती है।”

हालांकि इस ऑर्गेनोइड में रिकॉर्डिंग और मस्तिष्क की तरंग का पता लगाने का कोई मतलब नहीं है कि वे चेतना जैसे मानसिक गतिविधियों को प्रस्तुत करते हैं।

प्रारंभिक मस्तिष्क के विकास के साथ इस ऑर्गनोइड से निकलने वाली मस्तिष्क तरंग की तुलना करने के लिए इस टीम ने एक कम्प्यूटेशनल(अभिकलनात्मक) पद्धति विकसित की जहां एल्गोरिदम अध्ययन करने वाली एक मशीन को छह महीने से साढ़े नौ महीने के बीच के 39प्रीमैच्योर शिशुओं के मस्तिष्क तरंगों को रिकॉर्ड करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। ये एल्गोरिदम यह बताने में सक्षम था कि अवस्था के संवर्धन सूचक में ये ऑर्गनोइड कितने हफ्तों में विकसित हुई है और कितने हफ्तों में मानव मस्तिष्क एक समान विकास पैटर्न साझा करते है।

इन निष्कर्षों की मूलभूत प्रकृति के बारे में बताते हुए मुओत्री ने कहा, "यह हो सकता है कि भविष्य में हम कुछ ऐसा प्राप्त करेंगे जो वास्तव में मानव मस्तिष्क में संकेतों के क़रीब हो जो व्यवहार, विचार या स्मृति को नियंत्रित करे। लेकिन मुझे नहीं लगता है कि हमारे पास यह कहने के लिए अभी कोई सबूत है कि हमारे पास उनमें से कुछ भी है।"

Organoids
Tiny Brains Grown in Dishes
Brain Waves

Related Stories


बाकी खबरें

  • Asha Usha workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार
    07 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है,…
  • Syrian refugees
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों हम सभी शरणार्थियों को यूक्रेनी शरणार्थियों की तरह नहीं मानते?
    07 Mar 2022
    अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, सोमालिया, यमन और दूसरी जगह के शरणार्थियों के साथ यूरोप में नस्लीय भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जाता रहा है। यूक्रेन का शरणार्थी संकट पश्चिम का दोहरा रवैया प्रदर्शित कर रहा…
  • air pollution
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान
    07 Mar 2022
    वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहर अब भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष स्थान पर हैं। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर प्रमुख हैं।
  • Chaudhary Charan Singh University
    महेश कुमार
    मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
    07 Mar 2022
    मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और…
  • shimla
    टिकेंदर सिंह पंवार
    गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है
    07 Mar 2022
    स्मार्ट सिटी परियोजनाएं एक बड़ी विफलता हैं, और यहां तक कि अब सरकार भी इसे महसूस करने लगी है। इसीलिए कभी खूब जोर-शोर से शुरू की गई इस योजना का नए केंद्रीय बजट में शायद ही कोई उल्लेख किया गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License