NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
भारत
पृथ्वी की बेहद साफ़ तस्वीर लेने वाले भारत के कार्टोसैट-3 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण
‘‘कार्टोसैट-3 भारत का सर्वाधिक रेजोल्यूशन वाला उपग्रह है और अभी तक बना सबसे जटिल तथा पृथ्वी पर नजर रखने वाला उन्नत उपग्रह है।’’
भाषा
27 Nov 2019
पृथ्वी की बेहद साफ़ तस्वीर लेने वाले भारत के कार्टोसैट-3 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

श्रीहरिकोटा : इसरो ने पृथ्वी पर नजर रखने वाले और मानचित्रण उपग्रह कार्टोसैट-3 और अमेरिका के 13 व्यावसायिक नैनो उपग्रहों को बुधवार को सफलापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया।
बादलों के बीच 44.4 मीटर लंबे पीएसएलवी-सी47 रॉकेट ने उपग्रहों को लेकर यहां दूसरे लॉन्च पैड से सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरी।
भारत के अब तक के सबसे जटिल और पृथ्वी की बेहद स्पष्ट तस्वीर लेने वाला उन्नत उपग्रह कार्टोसैट-3 उड़ान भरने के 17 मिनट और 46 सेकंड बाद इसे अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित हो गया। चंद्रयान-2 के बाद इसरो का यह पहला मिशन है।
इसरो ने बताया कि अमेरिका के सभी 13 छोटे उपग्रहों को उड़ान भरने के 26 मिनट और 56 सेकंड बाद कक्षा में स्थापित कर दिया गया।
जैसे ही कार्टोसैट-3 को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया तो इसरो अध्यक्ष के. सिवन और अन्य वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे।
बाद में अभियान नियंत्रण केंद्र से सिवन ने कहा, ‘‘मुझे यह एलान करते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है कि पीएसएलवी-सी47 ने कार्टोसैट-3 और 13 ग्राहक उपग्रहों को निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कार्टोसैट-3 भारत का सर्वाधिक रेजोल्यूशन वाला उपग्रह है और अभी तक बना सबसे जटिल तथा पृथ्वी पर नजर रखने वाला उन्नत उपग्रह है।’’
उन्होंने उपग्रहों पर काम करने वाली टीमों को बधाई दी।
भविष्य के अभियानों के बारे में इसरो प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारे पास बहुत काम हैं’’ मार्च 2020 तक 13 मिशन पूरे करने हैं। इनमें छह प्रक्षेपण यान मिशन और सात उपग्रह मिशन शामिल हैं।
कार्टोसैट-3 का समग्र वजन 1625 किलोग्राम और मिशन पांच वर्ष का है। यह व्यापक पैमाने पर शहरी योजना, ग्रामीण संसाधन और आधारभूत ढांचे का विकास, तटीय भूमि उपयोग आदि की बढ़ती मांगों को पूरा करेगा।
इसका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा।
पीएसएलवी..सी47 पीएसएलवी की ‘एक्सएल’ कान्फिग्रेशन में 21वीं उड़ान है।
पीएसएलवी..सी47 अमेरिका से 13 वाणिज्यिक नैनो उपग्रहों को भी लेकर जाएगा। ऐसा अंतरिक्ष विभाग के न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत हो रहा है।
इसरो ने कहा है कि यह सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से 74वां प्रक्षेपण यान मिशन है।
कार्टोसैट-3, कार्टोसैट श्रृंखला का नौवां उपग्रह है और बुधवार का प्रक्षेपण 2019 में इसरो का पांचवां प्रक्षेपण है

ISRO
cartosat3 successfully launched
ISRO Scientists
India

Related Stories

इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित

पेटेंट बनाम जनता

आरोग्य सेतु ऐप में कोई सुरक्षा चूक नहीं हो सकती : सरकार का आश्वासन

क्या भारत कोरोना से जंग जीत सकता है ?

क्या सच में कोरोना वायरस से लड़ने में भारत गंभीर है?  

कोरोनावायरस : चीन में 41 लोगों की मौत,भारत में 11 लोगों को निगरानी में रखा गया

कार्टून क्लिक : काश! कोई 'धरती मित्र' भी मिले

एरियन रॉकेट से इसरो के जीसैट 30 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

नासा को मिला चंद्रयान-2 का मलबा, तस्वीर की साझा

विक्रम लैंडर की हुई थी हार्ड लैंडिंग: नासा ने तस्वीरें जारी करके बताया


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License