NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
भारत
राजनीति
पत्रकार कनौजिया लखनऊ जेल से रिहा
उच्चतम न्यायालय ने कल यानी मंगलवार को ही कनौजिया की तत्काल रिहाई का आदेश दिया था । मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रभारी) संजय कुमार ने बीस बीस हजार रूपये की दो जमानत राशि और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर पत्रकार कनौजिया को रिहा करने का निर्देश दिया।
भाषा
13 Jun 2019
Bail
फोटो साभार: The Hindu

गिरफ्तार पत्रकार प्रशांत कनौजिया को उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर बुधवार को लखनऊ जेल से रिहा कर दिया गया। जेल की सलाखों के पीछे चार रातें गुजारने वाले कनौजिया को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए बीते सप्ताह शनिवार को गिरफ्तार किया गया था ।जेल के गेट से बाहर निकले कनौजिया ने टीशर्ट पहन रखी थी, जिस पर 'देशभक्त' लिखा हुआ था।

कनौजिया की पत्नी जगीशा अरोड़ा से जब 'भाषा' ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा, ''आज बात नहीं करना चाहेंगे । हम कल बात करेंगे।'' 

इससे पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने बुधवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया की रिहाई का आदेश लखनऊ जेल भेज दिया । उच्चतम न्यायालय ने कल यानी मंगलवार को ही कनौजिया की तत्काल रिहाई का आदेश दिया था।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रभारी) संजय कुमार ने बीस बीस हजार रूपये की दो जमानत राशि और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर पत्रकार कनौजिया को रिहा करने का निर्देश दिया।जमानत राशि और निजी मुचलका भरे जाने के बाद अदालत द्वारा पत्रकार की रिहाई का आदेश जेल भेजा गया।

इससे पहले सीजेएम की अदालत में उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रमाणित कापी दाखिल की गयी।उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया को तत्काल जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुये कहा कि संविधान में प्रदत्त स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार पवित्र है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता।

इस पत्रकार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

शीर्ष अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया कि कनौजिया को जमानत देने का अर्थ उसकी पोस्ट या ट्वीट को स्वीकृति देना नहीं निकाला जा सकता।

न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अवकाशकालीन पीठ ने कनौजिया की पत्नी जगीशा अरोड़ा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया । जगीशा ने उसकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।

Prashant kanojia
Press freedom
Supreme Court
bail
UP police
yogi sarkar
Yogi Adityanath
BJP
Journalists
attacks on journalists

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License