NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पुलवामा मुठभेड़ : मेजर सहित 4 जवान शहीद, जैश के 2 आतंकी ढेर
रविवार देर रात को शुरू हुई गोलीबारी सोमवार शाम तक जारी रही। मुठभेड़ स्थल आत्मघाती हमले के स्थान से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Feb 2019
Pulwama
(Photo: IANS

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों और भारतीय जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के मेजर सहित चार जवान शहीद हो गए। इस दौरान जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का दो आतंकवादी भी मारे गए, जिसमें से एक आतंकवादी सीआरपीएफ काफिले पर हमले की साजिश का मास्टरमाइंड बताया जाता है। इसके अलावा मुठभेड़ में एक नागरिक की भी मौत हुई है।

मुठभेड़ में उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) अमित कुमार, एक ब्रिगेडियर, एक लेफ्टिनेंट कर्नल और दो जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सीआरपीएफ काफिले पर 14 फरवरी को हुए हमले के बाद सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिंगलेना गांव में आतंकवादियों की घेराबंदी की। जिसके बाद रविवार देर रात को गोलीबारी शुरू हो गई जो सोमवार शाम तक जारी रही। मुठभेड़ स्थल आत्मघाती हमले के स्थान से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ही था। 

आतंकवादियों की ओर से शुरुआती गोलीबारी में एक मेजर, तीन जवान शहीद हो गए और एक नागरिक की मौत हो गई। सुरक्षा बलों, राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए जैश-ए-मुहम्मद (जेईएम) के दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। इनमें से एक पाकिस्तानी आतंकवादी की पहचान जेईएम कमांडर कामरान के रूप में हुई है, जो कथित रूप से 14 फरवरी को हुए हमले का साजिशकर्ता था। हमले में 49 जवान शहीद हो गए थे।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि दूसरे आतंकी की पहचान बिलाल अहमद नाइक उर्फ राशिद भाई के रूप में हुई है, जो कि एक कश्मीरी आतंकी है। 

शहीद जवानों की पहचान मेजर विभूति शंकर ढौंनडियाल, हवलदार सेवा राम और सिपाही हरि सिंह और अजय कुमार के रूप में हुई है।

सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के शव को अपने कब्जे में ले लिया और क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने फिर से गोलीबारी कर दी, जिसमें उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) अमित कुमार, एक ब्रिगेडियर, एक लेफ्टिनेंट कर्नल और दो जवान घायल हो गए। 

पुलिस ने कहा इन्हें श्रीनगर आर्मी के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया है, जहां कुमार को खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, "मारे गए जेईएम आतंकवादियों में एक शीर्ष कमांडर है जो पाकिस्तान का रहने वाला है। मारे गए नागरिक की पहचान मुश्ताक अहमद के रूप में हुई है।"

मुठभेड़ स्थल से आतंकवादियों के शव को बरामद कर लिया गया है।

मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों पर सुरक्षाबलों पर पथराव का भी आरोप है। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

एक अधिकारी ने कहा, "नागरिकों से मुठभेड़ स्थल के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह एक प्रतिबंधित क्षेत्र है और विस्फोटक सामग्रियों की उपस्थिति की वजह से यह खतरनाक हो सकता है।"

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
Pulwama
pulwama attack
Militants’ attack
Indian army
Soldiers
Kashmir Crisis

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License