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भारत
राजनीति
पेगासस जासूसी मामला: विपक्ष ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल, गृह मंत्री को बर्ख़ास्त करने की मांग
कांग्रेस और वाम दलों समेत लगभग पूरे विपक्ष ने पेगासस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है। कांग्रेस ने इस कांड को लेकर भाजपा को ‘भारतीय जासूस पार्टी’ करार दिया और गृह मंत्री अमित शाह की बर्खास्तगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की भी जांच की मांग की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
19 Jul 2021
pegasus spyware case

इजरायली स्पाइवेयर पेगासस के जरिये पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी के खुलासे के बाद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों और पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की भी जासूसी की ख़बरों ने राजनीतिक हलके में हड़कंप मचा रखा है और इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़े ख़तरे के तौर पर देखा जा रहा है।

आपको मालूम ही है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने खुलासा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इज़राइल के खुफिया जासूसी साफ्टवेयर पेगासस के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक मौजूदा न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर हो सकता है कि हैक किए गए हों। यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है।

हालांकि सरकार ने अपने स्तर से खास लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा, ‘‘इससे जुड़ा कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं है।’’

आज सोमवार को इस मुद्दे पर संसद में भी हंगामा हुआ और कांग्रेस ने इजरायली स्पाइवेयर पेगासस के जरिये राहुल गांधी समेत कई प्रमुख हस्तियों की कथित तौर पर जासूसी किए जाने के मामले को लेकर सोमवार को भाजपा को ‘भारतीय जासूस पार्टी’ करार दिया और कहा कि इस प्रकरण को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त किया जाना चाहिए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

मुख्य विपक्षी पार्टी ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए दावा किया कि पेगासस का उपयोग करके कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कई अन्य विपक्षी नेताओं, मीडिया समूहों और अलग अलग क्षेत्रों के प्रमुख लोगों की जासूसी कराई गई।

इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे ‘‘अवरोधक’’ और ‘‘विघटनकारी’’ अपनी साजिशों से भारत को विकास के पथ से नहीं उतार पाएंगे।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस मामले को लेकर कटाक्ष भी किया और आरोप लगाया कि भाजपा ‘भारतीय जासूस पार्टी’ है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘उसके डर पर हंसी आती है, ये भारतीय जासूस पार्टी है।’’

उसके डर पर हंसी आती है-
ये #BharatiyaJasoosParty है।

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 19, 2021

राहुल गांधी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘हम जानते हैं कि वह आपके फोन में सबकुछ पढ़ रहे हैं।’’

We know what he’s been reading- everything on your phone!#Pegasus https://t.co/d6spyji5NA

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 19, 2021

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह मुद्दा लोकतंत्र का अपमान है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अगर यह सही है तो मोदी सरकार ने निजता के अधिकार पर भयावह हमला शुरू कर दिया है। यह लोकतंत्र का अपमान है और हमारी स्वतंत्रता पर भी इसके कई दुष्प्रभाव हैं।’’

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी की कथित तौर पर जासूसी किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री को पद से हटना चाहिए और प्रधानमंत्री की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि गृह मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।

खड़गे ने संवादददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले की जांच होने से पहले अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए और मोदी जी की जांच होनी चाहिए।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अगर आप लोकतंत्र में विश्वास रखते हो, अगर लोकतंत्र के उसूलों से चलना चाहते हो, संविधान के तहत इस देश को चलाना चाहते हो, तो आप इस जगह पर रहने के काबिल नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद के मानसून सत्र में पेगासस के मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठायेगी।

खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘इस मामले को हम सदन में उठाएंगे। जो चीजें हमें देश के लोगों को बताना है, वो हम लोकसभा और राज्यसभा के माध्यम से बताएंगे। लड़ेंगे और लड़ते रहेंगे।’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, अपने (सरकार के) मंत्रियों को जासूसी की गई है। हमारे सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की भी जासूसी गई है। पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा , कई मीडिया समूहों की जासूसी कराई गई। क्या किसी सरकार ने इस तरह का कुकृत्य किया होगा?’’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा अब ‘भारतीय जासूस पार्टी’ बन गई है।

सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘‘मोदी जी, आप राहुल गांधी जी की फोन की जासूसी करवाकर कौन से आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे थे? आप मीडिया समूहों और चुनाव आयुक्त की जासूसी करवाकर किस आतंकवादी से लड़ रहे थे? अपने खुद के कैबिनेट मंत्रियों की जासूसी करवाकर कौन से आतंकवाद से लड़ रहे थे?’’

कांग्रेस नेता ने यह दावा भी किया कि राहुल गांधी के कार्यालय के कई लोगों की भी जासूसी कराई गई।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को लोकसभा में जो वक्तव्य दिया वो झूठ था।

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘मंत्री जी, आप राज्यसभा में कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शायद पुराने आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का जवाब पढ़ लेते तो इतना झूठ नहीं बोलते। उस वक्त के मंत्री ने कहा था कि नवंबर, 2019 में इजरायली कंपनी एनएसओ को नोटिस दिया गया।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ भारतीय सुरक्षा एजेंसियां, न्यायपालिका, चुनाव आयुक्त और विपक्ष की जासूसी करना देशद्रोह और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं है तो क्या है? क्या लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार जासूसी करवा रहे थे? यह इजरायली स्पाइवेयर पेगासस कब खरीदा गया और इस पर कितना पैसा खर्च हुआ?

सुरजेवाला ने यह भी पूछा, ‘‘क्या अमित शाह को एक मिनट भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार हैं? उन्हें पद से बर्खास्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए? प्रधानमंत्री की भूमिका की जांच नहीं होनी चाहिए?’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या इस स्पाइवेयर को सरकार ने हासिल किया है?

उन्होंने सवाल किया, ‘‘मंत्री जी को एक साधारण प्रश्न का उत्तर देना चाहिए: क्या सरकार ने पेगासस सॉफ्टवेयर/स्पाइवेयर हासिल किया?’’

गौरतलब है कि सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिये भारतीयों की जासूसी करने संबंधी खबरों को सोमवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले लगाये गए ये आरोप भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं।

लोकसभा में स्वत: आधार पर दिये गए अपने बयान में वैष्णव ने कहा कि जब देश में नियंत्रण एवं निगरानी की व्यवस्था पहले से है तब अनधिकृत व्यक्ति द्वारा अवैध तरीके से निगरानी संभव नहीं है।

युवा कांग्रेस के सदस्यों ने प्रदर्शन किया

भारतीय युवक कांग्रेस (आईवाईसी) के सदस्यों ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ यहां प्रदर्शन किया। देश में महत्वपूर्ण हस्तियों की जासूसी के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की मीडिया में आई खबरों के बाद उन्होंने प्रदर्शन किए।

भारतीय युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. वी. श्रीनिवास के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बारिश के बावजूद संसद भवन की तरफ मार्च किया। युवक कांग्रेस ने बयान जारी कर दावा किया कि कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

बयान में श्रीनिवास के हवाले से आरोप लगाया गया कि भारत में ‘‘ब्रिटिश शासन’’ के दौरान जासूसी का सहारा लिया जाता था।

उन्होंने जासूसी मामले में संयुक्त संसदीय समिति और उच्चतम न्यायालय के निर्देश में जांच कराए जाने की मांग की और कहा कि ‘‘जासूसी में संलिप्त लोगों को जब तक दंडित नहीं किया जाता है तब तक आईवाईसी प्रदर्शन करना जारी रखेगी।’’

पेगासस मुद्दा: अमरिंदर सिंह ने सरकार की आलोचना की, देश के लोकतंत्र पर ‘हमला’ बताया

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पेगासस जासूसी मुद्दे पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह देश के लोकतंत्र पर एक ‘‘चौंकाने वाला हमला’’ है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया।

यहां जारी एक आधिकारिक बयान में, मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि यह केंद्र सरकार द्वारा भारत की लोकतांत्रिक राजनीति पर एक ‘‘चौंकाने वाला हमला’’ और ‘‘शर्मनाक हमला’’ है और इसने ‘‘इस शर्मनाक कृत्य के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है।’’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘‘ऐसी जासूसी के साथ, जो कि केंद्र सरकार की अनुमति के बिना इजरायली कंपनी द्वारा नहीं की जा सकती थी, राजग सरकार ने संवेदनशील जानकारी को विभिन्न वैश्विक एजेंसियों, सरकारों और संगठनों के हाथों में डाल दिया तथा इसका देश के खिलाफ दुरुपयोग किया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा, "यह न केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बल्कि हमारे राष्ट्र की सुरक्षा पर भी हमला है।"

सिंह ने उच्चतम न्यायालय से मामले का स्वत: संज्ञान लेने और केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।

उच्चतम न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेकर जांच के आदेश देने चाहिए: गहलोत

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि जासूसी मामले में उच्चतम न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेकर तत्काल जांच के आदेश देने चाहिए जिससे इस तरह आरोप-प्रत्यारोप की जगह सच्चाई सामने आ जाएगी।

गहलोत ने ट्वीट के जरिये कहा, ‘‘जिस तरह से इजरायली स्पाइवेयर पेगासस से मोबाइल हैकिंग और जासूसी की खबरें आ रही हैं वह बहुत चिंताजनक और चौकाने वाली हैं। अब जासूसी किए गए लोगों की सूची में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी नाम आ गया है। अभी पता नहीं यह सूची कहां जाकर रुकेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ वर्ष 2019 में दिग्विजय सिंह ने जब राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था तब सरकार में ईमानदारी होती तो इसे गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करवाती। देशभर में पिछले कुछ वर्षों से लगातार यह चर्चाओं में है कि लोगों को सर्विलांस पर रखकर उनके फोन टैप करवाकर जासूसी की जा रही है।’’

उन्होंने आगे कहा कि जैसा बताया गया है कि स्पाइवेयर पेगासस बनाने वाली कंपनी के अनुसार यह सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों को ही बेचा जाता है। यह एक अत्यंत गंभीर विषय है जिसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।

केंद्र सरकार ख़ुद को पाक-साफ़ साबित करे: माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने एक बयान जारी कर कहा कि दो साल पहले उसने जासूसी का यह मुद्दा संसद में उठाया था और मोदी सरकार ने अपने जवाब में उस वक्त इस बात को पूरी तरह खारिज नहीं किया था कि उसने इस स्पाइवेयर को बनाने वाली कंपनी एनएसओ की सेवा नहीं ली है।

पार्टी ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार को खुद को पाक साफ साबित करना चाहिए।

राकांपा ने फोन टैपिंग की जांच कराने की मांग की

मुंबई:  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा/NCP) ने इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस मामले में सोमवार को जांच कराने और इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राकांपा प्रवक्ता और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि केवल जांच से ही पता चलेगा कि केंद्र सरकार की किस एजेंसी ने पत्रकारों, मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन कथित तौर पर हैक किए। मलिक ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पेगासस ने स्पष्ट कर दिया है कि उसने यह सॉफ्टवेयर केवल सरकारों को उपलब्ध कराया है, व्यक्तियों को नहीं।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘यदि सॉफ्टवेयर निजी व्यक्तियों को नहीं बेचा गया था तो केंद्र सरकार की किस एजेंसी ने पत्रकारों, मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, न्यायाधीशों और उद्योगपतियों के फोन हैक किए ?’’

इससे पहले दिन में, राकांपा की सहयोगी शिवसेना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इजराइली स्पाईवेयर पेगासस के जरिए पत्रकारों समेत कई लोगों की कथित जासूसी के मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। राउत ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि यह दिखाता है कि देश की ‘‘सरकार और प्रशासन कमजोर है।’’

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, ‘‘लोगों के बीच भय का माहौल है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें हैरानी की कोई बात नहीं होगी अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का फोन भी टैप किया जा रहा हो।’’

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि वह इस मामले को संसद के मौजूदा मानसून सत्र में जोर-शोर से उठाएगी।

पार्टी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन ने कहा, ‘‘यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है और मंत्री ने सदन (लोकसभा) के भीतर अपने जवाब में इससे इनकार नहीं किया कि सरकार इस स्पाइवेयर का उपयोग नहीं कर रही है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।’’

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