NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दमनकारी कृषि क़ानून को निरस्त करने की मांग करने वाले कृषि श्रमिकों के ख़िलाफ़ पेरू सरकार की कार्रवाई
किसान पेरू सरकार और कांग्रेस से दिसंबर के शुरू में किए गए अपने वादे को पूरा करने की मांग कर रहे हैं ताकि नया क़ानून श्रम अधिकारों को मंजूरी दे सके और कृषि श्रमिकों को बेहतर काम करने की स्थिति सुनिश्चित हो सके।
पीपल्स डिस्पैच
24 Dec 2020
दमनकारी कृषि क़ानून

21 दिसंबर को पेरू के सैकड़ों कृषि श्रमिकों ने नए कृषि क़ानून को पारित करने में कांग्रेस की विफलता की अस्वीकृति में पेरू के तट के साथ साथ राजमार्गों को अवरुद्ध करते हुए कृषि आंदोलन किया। ये नया कानून कृषि से जुड़े व्यापार में श्रमिकों के श्रम अधिकारों की गारंटी देगा और श्रमिकों के "गुलामी जैसी स्थिति" में सुधार की कोशिश करेगा जिसे उन्होंने पूर्व कृषि संवर्धन कानून के तहत लगभग 20 वर्षों तक झेला है।

दिसंबर की शुरुआत में श्रमिकों ने इसी तरह की हड़ताल की और कांग्रेस को नया कानून पारित करने के लिए मजबूर किया हालांकि वह ऐसा करने में विफल रहा। इस सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शन पर पुलिस और सैन्य बलों द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई और अब तक 25 श्रमिक घायल हो गए हैं।

नवंबर में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद निर्माण श्रमिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, खनन श्रमिकों आदि के विभिन्न सामाजिक विरोध प्रदर्शनों ने अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए पेरू में नया राजनीतिक माहौल पाया। इस संदर्भ में 30 नवंबर को सैकड़ों कृषि श्रमिकों ने कृषि हड़ताल का आह्वान किया और इका के दक्षिणी तटीय प्रांत में पैनअमेरिकन राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया।

एग्रेरियन प्रमोशन लॉ इस समस्या की जड़ है जिसे नब्बे के दशक में फुजीमोरी के नवउदारवादी तानाशाही शासन के दौरान मंजूरी दी गई थी। इस कानून को क्लीम्पर कानून के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसे फुजीमोरी की सरकार में कृषि मंत्री और कृषि व्यवसायी जोसे क्लीम्पर द्वारा लाया गया था। पेरू के लिए वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए इस कानून में कृषि व्यवसाय क्षेत्र को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य था।

कृषि व्यवसाय को इस कानून द्वारा दिए गए लाभों में से एक कृषि व्यवसाय कार्यों के लिए एक विशेष श्रम व्यवस्था के साथ-साथ एक विशेष कर व्यवस्था बनाना था। इस कानून में लेबर फ्रेमवर्क एग्रीबिजनेस कंपनियों को आउटसोर्सिंग योजनाओं के तहत श्रमिकों को नियुक्त करने और अस्थायी कार्य अनुबंधों को मंजूरी देने, छुट्टी और बेरोजगारी बीमा जैसे श्रम लाभों का भुगतान नहीं करने के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा अधिकार दिया गया। ये कानून कंपनियों को श्रमिकों को यूनियनों में शामिल होने से रोकने और जनरल लेबर कोड में उल्लिखित की तुलना में पब्लिक हेल्थ इंश्यूरेंस के लिए कम प्रतिशत का भुगतान करने की अनुमति देता है। एग्रीबिजनेस कंपनियों को दिया जाने वाला कर लाभ 30% की सामान्य दर के बजाय आयकर के लिए सिर्फ 15% का भुगतान करना था।

Peru
Agrarian reform
Agribusiness
Agricultural producers
Agricultural Workers
COVID-19 in Peru
Fujimorismo
New Peru left
Peruvian dictator Alberto Fujimori
Verónika Mendoza

Related Stories

अमेरिका क्यों तीनों कृषि क़ानूनों का समर्थन करता है?

पेरू के स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल ने तीसरे सप्ताह में प्रवेश किया

किसान जीतें सच की बाज़ी!

खेत मज़दूर बने किसानों के ऐतिहासिक आंदोलन का अहम हिस्सा


बाकी खबरें

  • आजम खान की रिहाई के लिए एएमयू में मार्च
    भाषा
    आज़म ख़ान की रिहाई के लिए एएमयू में मार्च
    27 Jul 2021
    उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा सदस्य और प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को जमानत नहीं दिए जाने के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला।
  • असम-मिजोरम सीमा विवाद
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    असम-मिज़ोरम सीमा विवाद: असम के पांच पुलिसकर्मियों की मौत, विपक्ष उठा रहा है गंभीर सवाल
    27 Jul 2021
    असम पुलिस के कम से कम पांच जवानों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 60 अन्य घायल हो गए। दोनों पक्षों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। इन…
  • टोक्यो ओलिम्पिक में सूर्य नमस्कार किया गया? नहीं, ये पुराना वीडियो है
    अर्चित मेहता
    टोक्यो ओलिम्पिक में सूर्य नमस्कार किया गया? नहीं, ये पुराना वीडियो है
    27 Jul 2021
    ये वीडियो 2015 में मंगोलिया में आयोजित हुए योग कार्यक्रम का है. ये कार्यक्रम ‘आर्ट ऑफ़ लिविंग’ ने आयोजित किया था. इस योग समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे. प्रधानमंत्री मोदी के…
  • दिल्ली:चंद घंटे की बारिश में कई जगह जलजमाव,सरकारी दावों की खुली पोल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: चंद घंटे की बारिश में कई जगह जलजमाव,सरकारी दावों की खुली पोल
    27 Jul 2021
    राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ।  
  • बिहार: कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आड़े आते लोगों का डर और वैक्सीन का अभाव
    सौरव कुमार
    बिहार: कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आड़े आते लोगों का डर और वैक्सीन का अभाव
    27 Jul 2021
    जहां बिहार के ग्रामीण इलाक़ों में टीके को लेकर अफ़वाहों और अंधविश्वासों के कारण टीकाकरण दर बेहद मामूली रही है और टीकों की बर्बादी हुई है, वहीं पटना सहित बिहार के शहरी क्षेत्रों में वैक्सीन की कमी ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License