NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
मैंने अपने देश के न्यायालय में प्रवेश किया और उसे एक सँपेरे के मंदिर जैसा पाया
आर्थिक और सैन्य शक्ति के बीच समन्वय है और यही उस तानाशाही का सार है जिसके अधीन लोग होंडुरास में रहते हैं।
ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
20 Apr 2021
tri

प्यारे दोस्तों,

ट्राईकॉन्टिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान की ओर से अभिवादन।

21 मार्च 2021, रविवार, की रात को, जब सैन एंटोनियो डे कोर्टेस (होंडुरास) के पास नुयेवा ग्रेनेडा गाँव में जुआन कार्लोस सेरोस एस्केलेंटे (41 वर्ष) अपनी माँ के घर से अपने घर को जा रहे थे, तब कुछ बंदूकधारियों ने उनको रास्ते में रोक लिया। एक कैथोलिक चर्च के सामने और एस्केलेंटे के बच्चों की मौजूदगी में उन बंदूकधारियों ने उन पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। यूनाइटेड कम्यूनिटीज़ के नेता एस्केलेंटे की मौत हो गई। घटनास्थल पर चालीस गोलियाँ मिलीं।

नैशनल प्लाट्फ़ॉर्म फ़ोर इंडिजेनस पीपुल्स के जॉर्ज वासक्वेज़ ने कहा कि लेन्का लोगों व उनके ज़मीन के लिए चल रहे संघर्ष का नेतृत्व करने की वजह से जुआन कार्लोस सेरोस को धमकियाँ मिल रहीं थीं। वासक्वेज़ ने कहा, ‘हम जो काम करते हैं, उसके कारण‘ कार्लोस सेरोस को मारा गया है। उनके किसी भी हत्यारे को अभी गिरफ़्तार नहीं किया गया है।

इसके ढाई हफ़्ते बाद, 6 अप्रैल को, रॉबर्टो डेविड कैस्टिलो मेहिया ने होंडुरस की राजधानी तेगूसिगल्पा में स्थित सर्वोच्च न्यायालय में पेश किया गया। कैस्टिलो, गुआलकार्क नदी पर आगुआ ज़र्का बाँध परियोजना के लिए काम करने वाली कम्पनी डेसारोलोस एनर्जेटिकोस सोसीडाड एनोनिमा (डीईएसए) के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। उनपर आरोप है कि वो 2016 में सिविक काउंसिल ऑफ़ पॉप्युलर एंड इंडिजेनस ऑर्गनायज़ेशन्स ऑफ़ होंडूरस (सीओपीआईएनएच) की नेता, बेर्ता कासेरेस, की हत्या के मास्टरमाइंड थे। अगले दिन, बचाव पक्ष की एक दलील के बाद, अदालत ने चौथी बार इस मुक़दमे को स्थगित करने के लिए सहमती दे दी।

केस बंद किए जाने से पहले, बेर्ता और उनके परिवार का प्रतिनिधित्व कर रही लीगल टीम ने इस हत्या के पीछे बड़ी साज़िश होने और अटाला ज़बल्ला परिवार के इसमें शामिल होने के बारे में नये सुबूत पेश किए थे। वकीलों ने जो काग़ज़ प्रस्तुत किए, उनमें डीईएसए की तरफ़ से पोटेन्शिया ई एनर्जिया दे मेसोअमेरिका एस ए (पीईएमएसए) को 1,254,000 डॉलर दिए जाने का सुबूत शामिल था। यह पैसा डीईएसए के मुख्य वित्तीय अधिकारी, डैनियल अटाला मिडेंस ने डेविड कैस्टिलो को दिया था, जिसने आगे सैन्य अधिकारी डगलस बस्टिलो को पैसे दिए, जिसने बेर्ता की हत्या की योजना बनाई।

2013 में, डीईएसए ने लेन्का समुदाय से बात किए बिना ही, हाइड्रोइलेक्ट्रिक बाँध का निर्माण शुरू कर दिया। लेन्का लोग नदी को पवित्र और एक सार्वजनिक संसाधन मानते हैं। बेर्ता कासेरेस ने आगुआ ज़र्का बाँध का विरोध किया था और लेन्का लोगों की ज़मीन के पक्ष में खड़ी हो गईं थीं। जैसा कि वासक्वेज़ ने कार्लोस सेरोस की हत्या के बारे में कहा था, बेर्ता को भी, वो जो काम करतीं थीं उसके कारण मारा गया था। उनके परिवार का कहना है कि बेर्ता की हत्या एक साज़िश के तहत हुई थी, जिसमें बाँध परियोजना का प्रमुख वित्तीय समर्थक अटाला ज़बल्ला परिवार शामिल था। अटाला ज़बल्ला परिवार की कंपनी, इन्वर्शीयोनेस लास जकारांदा ने –बेर्ता की दलीलों के बावजूद– एफ़एमओ (एक डच डेवलपमेंट बैंक), फिनफंड (एक फिनिश डेवलपमेंट इन्वेस्टर), और सेंट्रल अमेरिकन बैंक ऑफ़ इकोनॉमिक इंटीग्रेशन (एक बहुपक्षीय विकास संस्था) से फ़ंड लिए थे।

एल कलेक्टिवो कल्चरास विवास द्वारा बनाया गया बेर्ता और लॉरा ज़ुनिगा कासेरेस का चित्र, तेगूसिगल्पा होंडुरस, 2021

बेर्ता कासेरेस की बेटी बेर्था ज़ुनिगा कासेरेस ने मुझसे कहा; ‘हम बेहद अनिश्चितता में हैं। होंडुरस की न्याय प्रणाली ने कभी इसकी परवाह नहीं की है‘। उनकी बात में ‘इसकी‘ डीईएसए और उसके प्रबंधनकारियों की भूमिका से संबंधित है। अधिकारी अटाला ज़बल्ला परिवार और सत्तारूढ़ पार्टी को बचाने में लगे हैं, और ख़ुद सच्चाई छुपाने का काम कर रहे हैं।

2009 में, अमेरिकी सरकार ने वहाँ के अभिजात्य वर्ग को उकसाकर मैनुअल ज़ेलाया की वामपंथ में सहमति रखने वाली सरकार के ख़िलाफ़ तख़्तापलट करवाया था। तब से, होंडुरस में अति–दक्षिणपंथी सरकारें शासन करती रहीं हैं जिसके वर्तमान नेता और होंडुरास के राष्ट्रपति हैं जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ (जेओएच)। बेर्ता कासेरेस की हत्या के बाद, राष्ट्रपति हर्नांडेज़ के सुरक्षा मंत्री जूलियन पाचेको तिनोको ने पेड्रो अटाला ज़बल्ला को लिखा था; पेड्रो अटाला ज़बल्ला परिवार के नेताओं में से एक हैं और डीईएसए के बोर्ड सदस्य भी हैं। वह अटाला ज़बल्ला और उसके परिवार को आश्वस्त करना चाहते थे कि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेगी; उन्होंने लिखा कि इस मामले को ‘जुनून में किया हुआ अपराध‘ की तरह देखा जाएगा। ज़ुनीगा कासेरेस ने मुझे बताया कि ‘न तो सेना ने अकेले काम किया है और न ही कंपनी ने अकेले काम किया है’।  ज़ुनीगा ने कहा कि ‘आर्थिक और सैन्य शक्ति के बीच समन्वय है और यही उस तानाशाही का सार है जिसके अधीन हम होंडुरास में रहते हैं‘।

इस हफ़्ते, ट्राईकॉन्टिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान ने 2009 के तख़्तापलट और जेओएच के शासनकाल पर एक डोज़ियर प्रकाशित किया है। इस डोज़ियर में हमने उन प्रक्रियाओं पर रौशनी डालने की कोशिश की है जिनसे अटाला ज़बल्ला जैसे अभिजात्य वर्ग को होंडुरस में लोगों की गरिमा और ज़मीन की रक्षा करने वाले बेर्ता कासेरेस और कार्लोस सेरोस जैसे बहादुर नेताओं के ख़िलाफ़ हिंसा करने का खुला माहौल मिलता है। हम सीओपीएनएच और पीपुल्स डिस्पैच (और ख़ास तौर पर ज़ो एलेक्जेंड्रा) को इस डोज़ियर के लिए रीसर्च करने और इसे लिखने के लिए धन्यवाद देते हैं। डोज़ियर, लज्जित राष्ट्र: होंडुरास को भीतर और बाहर से नष्ट किया जा रहा है, तीन भागों में बँटा है:

(1) भाग 1 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की अनुमति से हुए, 2009 के तख़्तापलट के तथ्यों का ब्योरा दिया गया है।

(2) भाग 2 तख़्तापलट शासन, जिसका ड्रग–तस्करी की दुनिया से गहरा ताल्लुक़ है, के द्वारा बोए गए दक्षिणपंथी आतंक के ढाँचे को उजागर करता है।

(3) भाग 3 होंडुरस के वामपंथ पर व्यापक हमलों के तीन उदाहरण पेश करता है: बेर्ता की हत्या, ट्रेड यूनियनों पर हमला, और जुलाई 2020 में गैरिफ़ुना नेताओं के जबरन लापता होने का मामला।

तीसरा भाग ब्लैक फ्रैटर्नल ऑर्गनायज़ेशन ऑफ़ होंडुरस (ओएफ़आरएएनईएच) की नेता मीरियम मिरांडा के शब्दों के साथ समाप्त होता है: ‘हम होंडुरास की सरकार के झूठ से थक गए हैं’। होंडुरास सरकार की रिपोर्ट में ‘कोई दम नहीं है। इसमें काम का कुछ भी नहीं है। वे हम गैरिफ़ुना लोगों का मज़ाक़ उड़ाते हैं। हम झूठ नहीं चाहते हैं। हम सच्चाई चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे देश में जीवन का मूल्य अधिक हो। हमें नये रास्ते बनाने होंगे। हम लड़ते रहेंगे ताकि सच में ये सब मुमकिन हो सके‘।

योरो, होंडुरास में, लोग लुविया दी पेसेस (मछलियों की बारिश) की बात करते हैं, जिसे वे बरसात के मौसम में त्योहार की तरह मनाते हैं। लोगों का मानना है कि इस तरह के चमत्कार, लोगों को भूख के कष्टों से बचाएँगे। होंडुरास के महान कवियों में से एक, रॉबर्टो सोसा (1930-2011) का जन्म योरो में हुआ था; लेकिन उन्होंने चमत्कारों का रास्ता छोड़ जनता की राजनीति और वामपंथ को अपनाया। 1968 में, उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ कविता संग्रह लॉस पोबरेस (ग़रीब) प्रकाशित किया; इस संग्रह के लिए उन्हें आदोनैइस पुरस्कार मिला। इस न्यूज़लेटर का शीर्षक इस संग्रह की कविताओं में से एक कविता –ला कासा दे ला जस्टिका (न्याय का घर)- से लिया गया है :

मैंने 

अपने देश के 

न्यायालय में प्रवेश किया 

और उसे 

एक सँपेरे के मंदिर 

जैसा पाया

…

डरावने जज

सच्चाई की बात करते हैं

चाकू 

की तरह 

चमकदार 

शब्दों के साथ। पीड़ित –अपनी जगह खड़ा रहकर–

एक ही झटके के साथ आतंक माप लेते हैं।

रॉबर्टो सोसा की पंक्ति, ‘मैंने अपने देश के न्यायालय में प्रवेश किया और उसे एक सँपेरे के मंदिर जैसा पाया’, 2009 के तख़्तापलट और उसके बाद के सालों में बार–बार दोहराई जाती रही है। तख़्तापलट के बाद, सोसा ने कहा था कि होंडुरास ‘एक जेल देश में‘ बदल चुका है। सोसा ने कहा, ‘आज, पूरे देश का सैन्यीकरण हो गया है’, लेकिन वे जानते थे कि ‘बड़े और संगठित प्रतिरोधों ने तख़्तापलट सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना बंद नहीं किया है, उनका प्रतिरोध थका नहीं है‘।

आज भी थकने या पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है। होंडुरास के लोगों के लिए भी नहीं।

स्नेह–सहित,

विजय। 

Honduras protests
Honduras Coup
Honduras Court
left party in honduras

Related Stories

होंडुरास: राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ज़ियोमारा कास्त्रो बनेंगी राष्ट्रपति

बेर्टा कासरेस के लिए न्याय की लड़ाई जारी है!

डेली राउंड अप: भारत यात्रा के पीछे पोम्पेओ का एजेंडा, आईबी और रॉ के नए चीफ़ और बाक़ी ख़बरें

हजारों हॉन्डुरसवासी यूएस की सीमा की तरफ क्यों बढ़ रहे हैं?


बाकी खबरें

  • CDSCO
    भाषा
    CDSCO ने कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और मोलनुपिराविर के आपात इस्तेमाल को स्वीकृति दी
    28 Dec 2021
    सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (…
  • sunil
    भाषा
    पेले से आगे निकले छेत्री, भारत ने आठवां सैफ ख़िताब जीता, महिला टीम भी चमकी
    28 Dec 2021
    भारतीय फुटबॉल को वर्ष 2021 में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली । पचास और साठ के दशक का अपना खोया गौरव लौटाने की कोशिश में जुटी टीम उस पल का इंतजार ही करती रही जो देश में इस खेल की दशा और दिशा बदल सके।
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: किसानों की आय दोगुनी होने का टूटता वादा, आत्महत्या का सिलसिला जारी
    28 Dec 2021
    बुंदेलखंड के बाँदा ज़िले में युवा किसान राम रुचि और प्रमोद पटेल ने इसी साल क़र्ज़ के दबाव में आत्महत्या कर ली। न्यूज़क्लिक ने दोनों परिवारों से मिल कर बात की और जानने की कोशिश की कि सरकार का किसानों…
  • officers of Edu dept eating MDM with students
    राजेश डोबरियाल
    उत्तराखंड: 'अपने हक़ की' लड़ाई अंजाम तक पहुंचाने को तैयार हैं दलित भोजन माता सुनीता देवी
    28 Dec 2021
    “...चूंकि क्रिसमस की बैठक में सभी पक्ष अभी क्षेत्र का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखने पर सहमत हुए हैं इसलिए वे जांच कमेटी की रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रहे हैं। नियमानुसार तो सुनीता देवी की ही भोजनमाता…
  • UP Election 2022
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव 2022: बेरोज़गार युवा इस चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं
    28 Dec 2021
    मोदी-योगी से नाउम्मीद युवाओं को विपक्ष से चाहिए रोजगार का भरोसा
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License