NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
न्यायमूर्ति रमण होंगे अगले प्रधान न्यायाधीश
न्यायमूर्ति रमण 24 अप्रैल को भारत के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर प्रभार संभालेंगे और मौजूदा सीजेआई एस ए बोबडे की जगह लेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Apr 2021
न्यायमूर्ति रमण होंगे अगले प्रधान न्यायाधीश

नयी दिल्ली: न्यायमूर्ति नूतलपति वेंकट रमण (एनवी रमण) को आज, मंगलवार को भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, न्यायमूर्ति रमण 24 अप्रैल को भारत के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर प्रभार संभालेंगे और मौजूदा सीजेआई एस ए बोबडे की जगह लेंगे। न्यायमूर्ति बोबडे 23 अप्रैल को यह पद छोड़ेंगे।

न्यायमू्र्ति रमण 26 अगस्त, 2022 को सेवानिवृत्त होंगे।

#Breaking: President appoints Justice NV Ramana as the next Chief Justice of India w.e.f. April 24 pic.twitter.com/69S4SYPslu

— The Leaflet (@TheLeaflet_in) April 6, 2021

केंद्र सरकार ने मार्च महीने में नए सीजेआई की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी और प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे से अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश करने को कहा था। नियमों के मुताबिक, मौजूदा सीजेआई अपनी सेवानिवृत्ति के एक महीने पहले, अपने उत्तराधिकारी को लेकर एक सिफारिश भेजते हैं।

सीजेआई बोबडे ने भारत के अगले मुख्‍य न्यायाधीश के लिए न्यायमूर्ति एनवी रमण के नाम की सिफारिश की थी।

आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के पुन्नावरम गांव में 27 अगस्त 1957 में जन्मे न्यायाधीश रमणा ने 10 फरवरी 1983 को वकील के तौर पर करियर की शुरूआत की। वह 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए और उन्होंने 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम किया। इसके बाद दो सितंबर 2013 को न्यायमूर्ति रमण दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए। आप इसके बाद 17 फरवरी 2014 को सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Ram Nath Kovind
Justice NV Ramana
Supreme Court
Andhra pradesh high court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • शिरीष खरे
    कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल
    16 Apr 2022
    सरकारी स्कूलों में खास तौर से गरीब परिवारों के बच्चे बड़ी तादाद में आ रहे हैं। इनमें से कई बच्चे प्रवासी मजदूर परिवारों से हैं।
  • न्यायमूर्ति के चंद्रू
    जय भीम: माई जजमेंट इन द लाइट ऑफ़ अंबेडकर
    16 Apr 2022
    2 नवंबर, 2021 को दुनिया भर में विकिपीडिया में जिन शब्दों को सर्च किया गया था, उनमें सबसे लोकप्रिय शब्द जय भीम था।
  • मुकुंद झा
    दिल्ली पुलिस का ये कहना कि धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं हुई, दुर्भाग्यपूर्ण है: पूर्व आईपीएस अधिकारी
    16 Apr 2022
    पूर्व आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में दिल्ली पुलिस के रवैये पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पुलिस नफ़रती भाषण देने वालों पर कार्रवाई नहीं…
  • विजय विनीत
    प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!
    16 Apr 2022
    घटनास्थल को देखकर लग रहा था कि मरने से पहले सभी ने हमलावरों का प्रतिरोध किया था। चारों के शवों पर कपड़े अस्त-व्यस्त हो गए थे। इस वारदात को खुदकुशी का एंगल भी देने की कोशिश की गई है।
  • पी.रमन
    कैसे चुनावी निरंकुश शासकों के वैश्विक समूह का हिस्सा बन गए हैं मोदी और भाजपा
    16 Apr 2022
    मोदी और भाजपा को बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट फंडिंग, बड़े बजट के सोशल मीडिया और ग्राउंड नेटवर्क और अंततः हिंदी समाचार चैनल के कट्टर एंकरों और मालिकों का समर्थन हासिल हो चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License