NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
निजी संचालकों के परिचालन वाली पहली ट्रेन होगी दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस
अभी तक परिवहन के क्षेत्र में केवल रेलवे ही ऐसा क्षेत्र था, जहां पर निजीकरण बहुत कम हुआ था।अन्यथा सड़क, बंदरगाह, विमानन ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर निजीकरण अधिक हो चुका है।लेकिन अब रेलवे में भी निजीकरण शुरू हो गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2019
tejas express
image courtesy- hindustan

दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस पहली ऐसी ट्रेन होगी जिसका परिचालन निजी संचालक करेंगे। रेलवे बोर्ड दिल्ली-लखनऊ रुट के अलावा 500 किमी दूरी के दूसरे मार्ग के चयन में जुटी है, जहां दूसरी प्राइवेट ट्रेन चलाई जा सके। यह संकेत है कि रेलवे परिचालन के लिए अपनी दो ट्रेनें निजी क्षेत्र को सौंपने के अपने 100 दिन के एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है। 

अभी तक परिवहन के क्षेत्र में केवल रेलवे ही ऐसा क्षेत्र था, जहां पर निजीकरण बहुत कम हुआ था।  अन्यथा सड़क, बंदरगाह, विमानन ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर निजीकरण अधिक हो चुका है।  लेकिन अब रेलवे में भी निजीकरण शुरू हो गया।  रेलवे में निजीकरण का विरोध इसलिए होता है क्योंकि इसका सबसे  अधिक उपयोग आम जनता करती है। और निजीकरण से किराया बढ़ेगा जिसका सबसे अधिक भार आम जनता पर पड़ेगा। 

 देबरॉय कमिटी की अनुसंशाओं  के मुताबिक रेलवे को दो विभाग में बाँट देना चाहिए।  पहला रेलवे की ढांचागत संरचना और दूसरे रेलवे का परिचालन।  रेलवे का ढांचागत संरचना से जुड़े हर मसला जैसे रेलवे ट्रैक आदि पर पूरी तरह से सरकार का एकाधिकार होना चाहिए।  बाकि परिचालन से सम्बंधित मसलों जैसे कि कोच , रेलवे की साफ -सफाई आदि को धीरे धीरे निजी क्षेत्र के हवाले किया जाना  चाहिए।  

इन्हीं अनुसंशाओं को अपनाते हुए  केंद्र सरकार ने तमाम विरोध के बीच आखिरकार रेलवे के प्राइवेटाइजेशन की ओर कदम बढ़ा ही दिया है। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा,“एक महीने में इस पर फैसला लिया जाएगा। आईआरसीटीसी इसके स्वरूप पर काम कर रहा है। इसके लिए रेलवे को यूनियन का विरोध भी झेलना पड़ रहा है। लेकिन रेलवे यूनियन के विरोध को नजरअंदाज कर रही है। वहीं यूनियन की ओर से बड़े पैमाने पर आंदोलन की धमकी दी जा रही है। 

दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस की घोषणा 2016 में की गयी थी लेकिन हाल में जारी नयी समय सारिणी में इसे जगह मिली है। मार्ग पर बहुप्रतीक्षित ट्रेनों में शामिल यह ट्रेन फिलहाल उत्तर प्रदेश के आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर लगी हुई है और परिचालन के लिए ओपन टेंडर प्रोसेस के बाद इसे निजी संचालकों के हवाले किया जाएगा। दिल्ली-लखनऊ रूट पर फिलहाल 53 ट्रेनें हैं। इस रूट पर सबसे ज्यादा स्वर्ण शताब्दी की मांग है और इसे यात्रा में साढ़े छह घंटे लगते हैं। 

तेजस एक्सप्रेस ट्रेन की कस्टडी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के पास रहेगी, जिसके लिए उसे रेलवे बोर्ड को भुगतान करना होगा। इसमें लीज चार्ज और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) की अन्य मदें शामिल हैं।

(भाषा से इनपुट के साथ)

 

 

Privatisation
privatisation in railway
tejas express
privatisation in railway operation
debroy committee
modi sarkar
lucknow -delhi express

बाकी खबरें

  • फिर एक बार, Middle Class का बुरा हाल
    न्यूज़क्लिक टीम
    फिर एक बार, Middle Class का बुरा हाल
    29 May 2021
    कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने एक बार फिर देश को घेर रखा है। पहले लॉकडाउन के दौरान अमीर और अमीर हो गए वहीँ मिडिल क्लास और ग़रीब तबके का बुरा हाल हुआ। इस बार फिर क्या वही दोहराया जा रहा है ? नज़र डाल…
  • कोविड-19 : मानसिक रूप से बीमार लोगों के इलाज में नीति और व्यवहार में फ़र्क़
    संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 : मानसिक रूप से बीमार लोगों के इलाज में नीति और व्यवहार में फ़र्क़
    29 May 2021
    समूचे भारत में ऐसे बेशुमार मामले मिल जाएंगे जिनके बारे में आंकड़ों का बेहद अभाव है और जिसका परिणाम हमारी जानकारी और रोगों की चिकित्सा के प्रबंधन में एक गंभीर अंतर के रूप में सामने आता है
  • रूस और चीन के साथ संपर्क बनाए रखना चाहते हैं बाइडेन
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस और चीन के साथ संपर्क बनाए रखना चाहते हैं बाइडेन
    29 May 2021
    अगर पिछले चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों को एकसाथ भी मिला दिया जाए, तो भी बाइडेन ओवल ऑफ़िस में उनसे ज़्यादा अनुभव लेकर आए हैं।
  • दिल्ली नगर निगमों और सरकार की लापरवाही से रोज़ जा रही हैं सफाई कर्मियों की जान: एसकेयू
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगमों और सरकार की लापरवाही से रोज़ जा रही हैं सफाई कर्मियों की जान: एसकेयू
    29 May 2021
    रिपोर्ट के मुताबिक़ तीनों नगर निगमों में कुल 94 कर्मचारियों की मौत कोरोना से हुई है जबकि इसमें 39 सफ़ाई कर्मचारी है। यूनियन ने कहा जिनकी महामारी के दौरान मृत्यु हुई है, सरकार और निगम उन सभी सफाई…
  • Rajkumar Aggarwal
    भाषा
    यूपी: बेटे की मौत को लेकर अस्पताल के ख़िलाफ़ शिकायत तक दर्ज नहीं करा पा रहा भाजपा विधायक
    29 May 2021
    विधायक का कहना है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन 26 अप्रैल को दी गई तहरीर पर अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License