NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
UP-PSC: योगी जी, आपकी चेतावनी बेमानी लगती है!
नौकरी तो छोड़िए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नौकरी की परीक्षा की ईमानदार व्यवस्था भी दे पाने में नाकाम साबित हुए हैं।
अमित सिंह
03 Jun 2019
फाइल फोटो
(फोटो साभार: एबीपी)


विपक्षी दलों द्वारा यूपी-पीएससी में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी कुंभकरणी नींद से जाग गए। रविवार को योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खेलने वालों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। 

उन्होंने कहा, 'आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत पर सरकार ने कार्रवाई की है। लोक सेवा आयोग एक स्वायत्त संस्था है और राज्य सरकार उसके कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में आयोग में गलत लोगों की भर्ती हुई जिसकी वजह से धांधली के प्रकरण सामने आ रहे हैं।' 

हालांकि उन्होंने अपनी बात को समाप्त करते हुए इस पूरे प्रकरण के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार बता दिया। इससे पहले भी उनके प्रवक्ताओं ने इस पूरे मामले में पिछली सरकारों को दोषी ठहराने की कोशिश की थी। 

दरअसल योगी आदित्यनाथ जब इस पूरे प्रकरण के लिए पिछली सरकार को दोषी ठहरा रहे होते हैं तो यह भूल जाते हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव के समय ही जनता और प्रतियोगी छात्रों ने उनको आयोग का भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ही वोट दिया था। 

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2017 में विधानसभा चुनाव के लिए जारी संकल्प पत्र में लिखा था,'सपा के शासन काल में उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के पक्षपात पर स्वयं उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेकर चेयरमैन को पद से हटाया। प्रदेश सरकार की हर भर्ती एक घोटाला बनकर सामने आई। भारतीय जनता पार्टी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को सख्ती से लागू करेगी।'

यह भी पढ़ें: पीसीएस के बाद अगले छह माह तक की सभी परीक्षाएं स्थगित


हालांकि चुनावों में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की थी लेकिन यूपीपीएससी में बदलाव का उनका वादा पूरा नहीं हुआ। आयोग भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के नए प्रतिमान गढ़ने में लगा रहा। 

अब जानकारों का कहना है कि एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने को लेकर चल रहे विवाद के कारण उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियां दो साल और पिछड़ गई हैं। मालूम हो कि यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10,768 पदों के लिये पिछले साल 29 जुलाई को हुई परीक्षा का पर्चा एक दिन पहले ही लीक होने के मामले में प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने आयोग की परीक्षा नियंत्रक अंजूलता कटियार को गुरुवार को गिरफ्तार किया था।

एसटीएफ की जांच में अंजूलता की नकल माफिया के साथ साठगांठ का खुलासा हुआ है। इस परीक्षा का प्रश्नपत्र कोलकाता के प्रिंटिंग प्रेस के मालिक कौशिक कुमारकर के प्रेस में होनी थी, जिसे पर्चा लीक करने के आरोप में पहले ही डिफॉल्टर घोषित किया जा चुका था। कौशिक के यहां से यूपीपीएससी की होने वाली मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र भी बरामद हुआ था। इस खुलासे के बाद आयोग ने पीसीएस, एसीएफ और आरएफओ मुख्य परीक्षाओं समेत कुल 10 परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

ऐसे में जब तक नये परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक भर्ती संबंधी कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकती। फिलहाल दिसंबर तक की परीक्षाएं टाल दी गई है। कोई नया सचिव आता है तो भी दिसंबर तक की दस परीक्षाएं पहले होगी। 

यह भी पढ़ें: फिर धांधली, फिर परीक्षा स्थगित, फिर प्रदर्शन; आख़िर कब तक?

जानकारों का यह मानना है कि इस सबमें दो साल का समय बर्बाद हो जाएगा। परीक्षा नियंत्रक के आने के बाद नये सिरे से प्रेस प्रिंटर, पेपर सेटर, मॉडरेटर का पैनल बनेगा और उसके बाद ही कुछ हो सकेगा। वर्तमान हालात के लिए आयोग का तानाशाहीपूर्ण रवैया भी कम जिम्मेदार नहीं है। आयोग ने कभी भी अभ्यर्थियों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। 

यानी अपने इस कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने नौकरी नहीं दी मगर नौकरी की परीक्षा की ईमानदार व्यवस्था भी दे पाने में वो नाकाम साबित हो रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री काल में प्रदेश लोक सेवा आयोग ऐसा कोई एक्जाम भी आयोजित नहीं करा पाया है जिस पर सवाल न उठे हों।

आयोग द्वारा आयोजित कई परीक्षाएं हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पूरी हो सकी हैं तो अभी कई अटकी हुई हैं। कई पर सीबीआई जांच के आदेश भी हैं। आयोग द्वारा आयोजित ज्यादातर परीक्षाओं को लेकर कोई न कोई विवाद खड़ा हुआ है। हालांकि इसके उलट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो प्रतियोगी छात्र नौकरी के लिए पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं उन्हें जेल भिजवा रहे हैं। 

UPPSC
UP Public Service Commission
pcs-2018
ALLAHABAD
Yogi Adityanath
yogi government
Uttar pradesh

Related Stories

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!

यूपी की सियासत: मतदान से ठीक पहले पोस्टरों से गायब हुए योगी!, अकेले मुस्कुरा रहे हैं मोदी!!

कार्टून क्लिक: आधे रास्ते में ही हांफ गए “हिंदू-मुस्लिम के चैंपियन”

विचार: बिना नतीजे आए ही बहुत कुछ बता गया है उत्तर प्रदेश का चुनाव

EXCLUSIVE: सोती रही योगी सरकार, वन माफिया चर गए चंदौली, सोनभद्र और मिर्ज़ापुर के जंगल

कैसे भाजपा की डबल इंजन सरकार में बार-बार छले गए नौजवान!

यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

विचार-विश्लेषण: विपक्ष शासित राज्यों में समानांतर सरकार चला रहे हैं राज्यपाल


बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    ‘’मुसलमानों के लिए 1857 और 1947 से भी मुश्किल आज के हालात’’
    05 Apr 2022
    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव रहमानी ने आज के दौर को 1857 और 1947 के दौर से ज़्यादा घातक बताया है।
  • भाषा
    ईडी ने शिवसेना सांसद संजय राउत से संबंधित संपत्ति कुर्क की
    05 Apr 2022
    यह कुर्की मुंबई में एक 'चॉल' के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन की जांच से संबंधित है। 
  • सोनया एंजेलिका डिएन
    क्या वैश्वीकरण अपने चरम को पार कर चुका है?
    05 Apr 2022
    पहले कोरोना वायरस ने एक-दूसरे पर हमारी आर्थिक निर्भरता में मौजूद खामियों को उधेड़कर सामने रखा। अब यूक्रेन में जारी युद्ध ने वस्तु बाज़ार को छिन्न-भिन्न कर दिया है। यह भूमंडलीकरण/वैश्वीकरण के खात्मे…
  • भाषा
    श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया
    05 Apr 2022
    श्रीलंका के नए वित्त मंत्री अली साबरी ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। एक दिन पहले राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने भाई बेसिल राजपक्षे को बर्खास्त करने के बाद उन्हें नियुक्त किया था।
  • भाषा
    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव
    05 Apr 2022
    हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मनोहर लाल द्वारा पेश प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘यह सदन पंजाब विधानसभा में एक अप्रैल 2022 को पारित प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करता है, जिसमें सिफारिश की गई है कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License