NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राहुल ने की इस्तीफे की पेशकश, कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने नामंजूर किया
सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया, 'राहुल गांधी जी ने इस्तीफे की पेशकश की। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनकी पेशकश को खारिज किया।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 May 2019
Press Conference

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए शनिवार को पार्टी की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन सदस्यों ने इसे ठुकरा दिया और प्रतिकूल परिस्थिति में उनसे पार्टी का नेतृत्व करते रहने का आग्रह किया।

साथ ही सीडब्ल्यूसी की बैठक में गांधी को पार्टी संगठन में आमूलचूल परिवर्तन के लिए अधिकृत किया गया। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव में करारी हार के कारणों पर मंथन किया गया और एक प्रस्ताव पारित किया गया।

बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, 'राहुल गांधी जी ने इस्तीफे की पेशकश की। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनकी पेशकश को खारिज किया और आग्रह किया कि आपके नेतृत्व की जरूरत है और आगे भी रहेगी।'

उन्होंने कहा, 'अगर कोई नेता राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की भूमिका निभा सकता है तो वह राहुल गांधी हैं।'  पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी ने कहा, 'पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। पार्टी इस पर विचार करेगी। हम तत्काल किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच सकते कि क्यों हारे? इस पर विस्तृत चर्चा होगी।'

सीडब्ल्यूसी की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, 'कांग्रेस कार्यसमिति 12.13 करोड़ साहसी व सजग मतदाताओं को धन्यवाद देती है, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपना विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार व सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाएगी और देशवासियों की समस्याओं को सामने रख, उनके प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।'

सीडब्ल्यूसी ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति के सम्मुख अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की, मगर कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति व एक स्वर से इसे खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष का आह्वान किया कि प्रतिकूल व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व व मार्गदर्शन की आवश्यकता है।'

प्रस्ताव में कहा गया है, 'कांग्रेस कार्यसमिति ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ों, गरीबों, शोषितों व वंचितों की समस्याओं के लिए आगे बढ़कर जूझने का आग्रह किया।'

सीडब्ल्यूसी ने कहा, 'कांग्रेस कार्यसमिति उन चुनौतियों, विफलताओं और कमियों को स्वीकार करती है, जिनकी वजह से ऐसा जनादेश आया। कांग्रेस कार्यसमिति पार्टी के हर स्तर पर संपूर्ण आत्मचिंतन के साथ साथ कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत करती है कि वह पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन एवं विस्तृत पुनर्संरचना करें। इसके लिए योजना जल्द से जल्द लागू की जाए।'

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है, 'कांग्रेस पार्टी ने चुनाव हारा है, लेकिन हमारा अदम्य साहस, हमारी संघर्ष की भावना और हमारे सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पहले से ज्यादा मजबूत है। कांग्रेस पार्टी नफरत और विभाजन की ताकतों से लोहा लेने के लिए सदैव कटिबद्ध है।'

कांग्रेस कार्यसमिति ने देश के समक्ष मौजूदा समय में अनेकों चुनौतियों का संज्ञान लिया जिनका हल नई सरकार को ढूंढना है। सीडब्ल्यूसी बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने की। इस बैठक में संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी शासित चार राज्यों पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। 

गौरतलब है कि इस लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वह 52 सीटों पर सिमट गई है। 2014 के चुनाव में 44 सीटें जीतने वाली पार्टी को इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Congress
congress failure
UPA
Rahul Gandhi
resignation
cwc
Delhi
General elections2019
sonia gandhi

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 


बाकी खबरें

  • UNEMPLOYMENT
    सुबोध वर्मा
    बिना रोज़गार और आमदनी के ज़िंदा रहने को मजबूर कई परिवार
    03 Jan 2022
    नवीनतम सीएमआईई आंकड़ों से पता चलता है कि काम करने वाले दो सदस्यों वाले परिवारों की हिस्सेदारी में भारी गिरावट आई है। इसका मतलब है कि लोग बहुत कम आय पर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
  • Chunav Chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: आधी आबादी के सवाल; उज्ज्वला से आगे जहां और भी हैं...
    02 Jan 2022
    चुनाव चक्र के इस एपिसोड में हम बात करेंगे आधी आबादी यानी महिलाओं की। हमारे साथ हैं दो मेहमान लखनऊ से मधु गर्ग और इलाहाबाद से कुमुदिनी पति जो लंबे समय से महिलाओं के मुद्दे पर उनके बीच काम कर रही हैं।…
  • allahabadi
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : अकबर 'इलाहाबादी' की एक ग़ज़ल
    02 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही अकबर इलाहाबादी को 'प्रयागराजी' बता दिया हो, मगर उनके मुरीदों के लिए अकबर आज भी इलाहाबादी ही हैं। आज इतवार की कविता में पढ़िए उनकी एक ग़ज़ल।
  • Dharm Sansad
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म संसद का लक्ष्य है समाज में विभाजन करना
    02 Jan 2022
    हाल ही में हरिद्वार और रायपुर में हुए धर्म संसदों ने देश में फिर एक बार सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक देश में सांप्रदायिकता का यह ज़हर फैलाया जाता रहेगा और सरकार इस पर कुछ नहीं बोलेगी। इन्ही सब…
  • protest
    अनिल सिन्हा
    फ़ासीवाद से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म को एक सांस्कृतिक आंदोलन चाहिए
    02 Jan 2022
    यह समझना जरूरी है कि संघ परिवार और भाजपा की सत्ता-कामना सिर्फ मुस्लिम-विद्वेष पर आधारित नहीं है, यह हिंदू धर्म को पीछे ले जाने के लक्ष्य से भी संचालित है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License