NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजद्रोह मामले में शेहला राशिद को पांच नवंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत
शेहला के वकील ने बताया कि वह जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं और पुलिस के साथ सहयोग करेंगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Sep 2019
shehla rashid
Image Courtesy: Scroll.in

दिल्ली की एक अदालत ने राजद्रोह मामले में पूर्व छात्र नेता और जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की सदस्य शेहला राशिद को पांच नवंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है।

शेहला के खिलाफ कश्मीर पर कथित विवादास्पद ट्वीट को लेकर मामला दर्ज किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन ने शेहला को पांच नवम्बर तक राहत दी और उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही जांच में शामिल होने के निर्देश दिये।

न्यायाधीश ने शेहला को निर्देश दिये कि वह जांच अधिकारी द्वारा बुलाये जाने पर जांच में शामिल हों।
सरकार की ओर से पेश लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि पुलिस को सेना से कोई शिकायत नहीं मिली है और उन्हें मामले की जांच के लिए कम से कम छह सप्ताह समय की जरूरत है।

उन्होंने अदालत को बताया कि अब तक पुलिस ने आरोपी को कोई नोटिस भी जारी नहीं किया है।

शेहला के वकील ने बताया कि वह जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं और पुलिस के साथ सहयोग करेंगी।

न्यायाधीश ने आदेश में कहा, ‘‘इन सभी तथ्यों पर विचार करते हुए मेरा मानना है कि मामले की विस्तृत जांच किये जाने की जरूरत है और इसलिए मामले को पांच नवम्बर को सूचीबद्ध किया जाता है। तब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जायेगा। हालांकि, आईओ द्वारा बुलाये जाने पर वह जांच में शामिल होंगी।’’

शेहला ने कश्मीर पर 17 अगस्त को कथित विवादास्पद ट्वीट किये थे।उनके ट्वीट के आधार पर वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने विशेष प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्र नेता द्वारा लगाये आरोप ‘‘पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत हैं।’’

अपनी शिकायत में श्रीवास्तव ने कहा था कि शेहला के आरोप निराधार हैं।

उन्होंने शेहला पर ‘‘देश में हिंसा भड़काने की मंशा से जानबूझकर फर्जी खबरें फैलाने’’ और भारतीय सेना की छवि खराब करने के भी आरोप लगाये थे।

इस मामले के बाद शेहला ने ट्वीट कर के कहा था कि वो इस मामले में याचिकाकर्ता हैं और जो भी बात उन्होंने कही थी वो बे-बुनियाद नहीं थी बल्कि ये सब उन्होंने कश्मीरी अवाम से बात करने के बाद कही थी।

लेकिन पुलिस ने अलख अलोक की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 124ए (राजद्रोह), 153 ए (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य भड़काना), 153 (दंगा भड़काने की मंशा से उकसाना), 504 (शांति भंग करने की मंशा के साथ जानबूझकर अपमानित करना) और 505 (जन भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले वक्तव्य) के तहत मामला दर्ज किया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Anti National
Shehla Rashid
Delhi High court
atni nationalism case
JNU
Jammu and Kashmir
Social Media

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License